पाकिस्तानी जासूस नोमान को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पाकिस्तान से पैसे मंगवाने के लिए वह दूसरों के खातों का प्रयोग करता था। नोमान को सूचना देने पर पाकिस्तान से पैसे मिलते थे। उसने पानीपत और कैराना के 15 से अधिक लोगों के खातों में पैसे ट्रांसफर कराए थे।
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पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले नोमान को लेकर कैराना पहुंची पुलिस
- फोटो : संवाद
पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में पकड़े गए कथित जासूस नोमान इलाही से चल रही पूछताछ में कई खुलासे हुए हैं। नोमान इलाही काफी शातिर है। जांच में पता चला है कि वह पाकिस्तान से पैसे मंगवाने के लिए खुद का खाता नंबर प्रयोग नहीं करता था। उसने पानीपत और कैराना के अलग-अलग लोगों के खातों में पाकिस्तान से ट्रांजेक्शन कराई थी। पुलिस अब उन सभी खाताधारकों से पूछताछ कर रही है। जिनके खातों में बार-बार ट्रांजेक्शन हुई। पुलिस ने नोमान का पासपोर्ट भी कब्जे में लिया है। उसने पासपोर्ट पर कहां-कहां यात्रा की एंबेसी से इसकी डिटेल मंगवाई गई है।
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नोमान इलाही
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मंगलवार को सुरक्षा एजेंसियों के सूचना के बाद सीआईए-वन की टीम ने नोमान इलाही को सेक्टर-29 स्थित सज्जन चौक से गिरफ्तार किया था। नोमान मूल रूप से यूपी के शामली जिले के कैराना का रहने वाला है और पानीपत के मनमोहन नगर में अपनी बहन जीनत के पास रहता है। शुरुआती जांच में पता चला था कि नोमान ने ऑपरेशन सिंदूर के समय भी काफी जानकारी अपने हैंडलर को भेजी थी। नोमान के खिलाफ थाना सेक्टर-29 औद्योगिक थाना में मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया था।
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नोमान इलाही
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पुलिस ने नोमान इलाही को सात दिन की रिमांड पर ले रखा है। बुधवार और वीरवार को पुलिस ने उससे पूछताछ की। जिसमें कई महत्वपूर्ण जानकारी पुलिस को मिली है। नोमान को सूचना देने पर पाकिस्तान से पैसे मिलते थे। लेकिन वह अपने खाते में पैसे नहीं मंगवाता था। उसने पानीपत और कैराना के 15 से अधिक लोगों के खातों में पैसे ट्रांसफर कराए थे। पुलिस ने उनकी जांच शुरू कर दी है। जांच में पता चला है कि ज्यादातर खाता धारक पानीपत के ही हैं। पुलिस सभी खाताधारकों से भी पूछताछ कर रही है। जिन खातों में बार-बार ट्रांजेक्शन हुई वह भी संदेह के घेरे में आ गए हैं।
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Pakistani spy
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कुछ लोगों के फर्जी पासपोर्ट बनवाने का भी शक
पूछताछ में पता चला है कि नोमान युवकों को विदेश जाने का झांसा भी देता था। कुछ लोगों के उसने पासपोर्ट बनवाए थे। पुलिस को शक है कि उसने कुछ लोगों के फर्जी पासपोर्ट भी बनवाए थे। जिनमें ज्यादातर कैराना के रहने वाले हैं। ये सभी मुस्लिम देशों में जाना चाहते थे। पुलिस इन सभी की डिटेल खंगाल रही है। इसके लिए टीम ने कैराना में भी दबिश दी है।
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यमुना की खादर में स्लीपर सेल तैयार कर रहे आईएसआई हैंडलर
पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में नोमान इलाही की गिरफ्तारी होने के बाद यमुना खादर का इलाका एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई यमुना की खादर में स्लीपर सेल तैयार कर रही है। हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के युवा उनके सॉफ्ट टारगेट हैं। कैराना निवासी आईएसआई एजेंट इकबाल काना को इसकी जिम्मेदारी दी गई है। नोमान से हुई पूछताछ में भी यह बात सामने आ रही है। पुलिस सूत्रों का दावा है कि इकबाल काना और उसके साथी कई अन्य युवकों के संपर्क में थे।
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यमुना नदी हरियाणा और यूपी के बीच बॉर्डर का काम करती है। हरियाणा की और यमुना नगर, करनाल और पानीपत जिले हैं। तो वहीं यूपी की ओर सहारनपुर और शामली जिले हैं। खास तौर पर कैराना अधिक सुर्खियों में रहता है। कैराना से पहले भी आईएसआई के एजेंट को गिरफ्तार किया जा चुका है। कैराना के रहने वाले इकबाल काना, दिलशाद, हमीदा और शाहिद आईएसआई के लिए काम करते हैं।
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इकबाल काना क्षेत्र में युवाओं से संपर्क करता है। करीब नौ साल पहले पहले शामली पुलिस ने कलीम को गिरफ्तार किया था। कलीम भी इकबाल के संपर्क था। अब नोमान इलाही की गिरफ्तारी के बाद भी इकबाल काना का नाम सामने आया है। यही नहीं नोमान से पूछताछ में यह भी सामने आया है कि इकबाल के संपर्क में कुछ अन्य युवक भी हैं। उसके परिजन भी इसकी आशंका जता चुके हैं। जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां भी इस क्षेत्र में सक्रिय हो गई हैं।
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ये होते हैं स्लीपर सेल
स्लीपर सेल सामान्य रूप से आतंकी संगठनों के लिए काम करते हैं। वे संगठन द्वारा दिया गया काम पूरा करते हैं। वे सामान्य रूप से अपना काम करते रहते हैं। लोगों के बीच घुल-मिलकर रहते हैं। किसी भी तरह से पहचान में नहीं आते हैं। वे टास्क मिलते ही अपना काम पूरा करते हैं।
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जिले में स्लीपर सेल का पहले कोई मामला सामने नहीं आया है। पुलिस नोमान इलाही के मामले में भी जांच कर रही है। उनसे पूछताछ के आधार पर बाकी लोगों को भी जांच में शामिल किया जाएगा।-सतीश वत्स, डीएसपी मुख्यालय।
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नोमान से पूछताछ में अलग-अलग खातों की जानकारी भी मिली है। इन खातों में पाकिस्तान से पैसे मंगवाए गए थे। सभी से पूछताछ की जा रही है। जल्द ही पूरे प्रकरण का खुलासा किया जाएगा।-सतीश वत्स, डीएसपी मुख्यालय।