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हरियाणा में बड़ा हादसा: छह लोगों पर गिरी दीवार, एक ही परिवार के तीन की मौत, तीन घायल; भारी पड़ गया एक फैसला

Thu, 10 Jul 2025 05:27 PM IST
विकास कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, पलवल

सार

जगदीश ने बताया कि मेरे परिवार के सभी लोग रोज एक ही रास्ते से फैक्ट्ररी जाते थे, लेकिन बुधवार को रास्ते में पानी भर गया था। मजबूरी में पेट्रोल पंप के पीछे की तरफ से गए। उस जगह से पहले कभी कोई नहीं गया था।
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दीवार गिरने से तीन की मौत - फोटो : अमर उजाला
हरियाणा के पलवल स्थित गांव सोफ्ता में बुधवार रात एक ही परिवार पर कहर टूट पड़ा। तेज बारिश के बीच पेट्रोल पंप की एक दीवार भरभराकर गिर गई और नीचे दबने से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि एक नाबालिग समेत तीन गंभीर रूप से घायल हो गए। 
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घटनास्थल - फोटो : अमर उजाला
घायलों को किया गया दिल्ली रेफर
मृतकों में पिता जगदीश के दामाद रवी (30), भतीजा पंकज (18) और बेटा राजबीर (20) शामिल हैं। रवी और पंकज ने मौके पर ही दम तोड़ दिया जबकि राजबीर ने अस्पताल ले जाते समय रास्ते में आखिरी सांस ली। आरोप है कि गंभीर रूप से घायल हुए जगदीश के दो बेटे श्रीकांत (18), मनफुल (15) और एक अन्य प्रियांशु (18) को पहले फरीदाबाद के बीके अस्पताल ले जाया गया, जहां से उन्हें प्राथमिक उपचार के बिना ही दिल्ली रेफर कर दिया गया।
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नाइट ड्यूटी पर जा रहे थे सभी - फोटो : अमर उजाला
नाइट ड्यूटी करने जा रहे थे सभी
जगदीश ने बताया कि ये सभी मेरे परिवार के सदस्य हैं, जोकि एक पान मसाला कंपनी में नाइट ड्यूटी करते थे। बुधवार रात ये सभी रोज की तरह निकले, लेकिन बारिश की वजह से मुख्य रास्ते में पानी भर गया था। मजबूरी में पहली बार करीब नौ बजे पेट्रोल पंप के पास के रास्ते से निकलने लगे। इसी दौरान पेट्रोल पंप की दीवार अचानक गिर पड़ी। जगदीश ने बताया कि जमीन धंसी और दीवार सीधे बच्चों के ऊपर गिर गई। रवि मेरा दामाद था, पंकज मेरा भतीजा और राजबीर मेरा जवान बेटा। वहीं श्रीकांत और मनफुल मेरे छोटे बेटे हैं। 

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मृतक रवि - फोटो : अमर उजाला
अस्पताल में पट्टी की गई, न कोई दवा दी
मौके पर मौजूद लोगों ने मलबा हटाकर सभी को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया। लेकिन जगदीश ने अस्पताल की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए। बीके अस्पताल में न तो पट्टी की गई, न कोई दवा दी गई। सीधे रेफर कर दिया। 
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मृतक पंकज - फोटो : अमर उजाला
दीवार में न बीम था, न पिलर
दीवार के बारे में जगदीश ने बताया कि वह करीब नौ फीट ऊंची और सौ फीट लंबी थी, लेकिन उसमें न तो बीम था, न ही पिलर। यह दीवार सिर्फ ईंटों से बनाई गई थी, पीछे बारिश का पानी भी जमा था, जिससे वह और कमजोर हो गई थी।
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मृतक राजवीर - फोटो : अमर उजाला
पहली बार बदला रास्ता, बन गया आखिरी रास्ता
जगदीश ने बताया कि मेरे परिवार के सभी लोग रोज एक ही रास्ते से फैक्ट्ररी जाते थे, लेकिन बुधवार को रास्ते में पानी भर गया था। मजबूरी में पेट्रोल पंप के पीछे की तरफ से गए। उस जगह से पहले कभी कोई नहीं गया था। पहली बार जो रास्ता चुना, वह जिंदगी का सबसे बड़ा पछतावा बन गया।
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गमगीन परिजन - फोटो : अमर उजाला
इलाज की उम्मीद लेकर पहुंचे थे, अस्पताल ने हाथ खड़े कर दिए
जगदीश ने बताया, हम घटनास्थल से घायलों को बीके अस्पताल लेकर पहुंचे। सोचा था यहां कुछ मदद मिलेगी। लेकिन डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार में न कोई जांच की, न पट्टी की, न भर्ती किया। सीधे दिल्ली के लिए रेफर कर दिया 

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रवि और पंकज - फोटो : अमर उजाला
बिना बीम-पिलर की दीवार बनी छह जिंदगियों की कसौटी
जगदीश के अनुसार, जिस दीवार के नीचे उनका परिवार दबा, उसमें कोई पिलर नहीं था, कोई बीम नहीं थी। बस ईंटों से जोड़कर दीवार खड़ी कर दी थी। पीछे बारिश का पानी इकट्ठा था, इस कारण जमीन धस गयी जिससे दीवार पर दबाव बढ़ गया। यही वजह थी कि वो अचानक गिर गई। ऐसी लापरवाही की कीमत मैंने अपनों की जान देकर चुकाई है।

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इसी दीवार की चपेट में आई थे सभी - फोटो : अमर उजाला
पुलिस का बयान
मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया गया है। पेट्रोल पंप के मालिक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। जांच जारी है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा -गदपुरी थाना प्रभारी अश्विनी कुमार
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