कुरुक्षेत्र के गांव यारा में एक युवक ने पहले पिता का गला रेता, इसके बाद मां और पत्नी की गला दबाकर हत्या कर दी। 13 साल के बेटे को भी जहर खिलाया लेकिन परिजनों ने उसे बचा लिया। इसके बाद युवक ने खुद भी आत्महत्या कर ली।
कुरुक्षेत्र के गांव यारा में अपने ही माता-पिता और पत्नी की हत्या के बाद खुद भी आत्महत्या करने के बाद गांव सन्न है। माना जा रहा है कि इसका कारण लोगों को विदेश भेजने का दुष्यंत का धंधा है। इसके चलते वह लेन-देन में फंस गया।
पुलिस ने एक सुसाइड नोट भी बरामद किया है। इसमें लिखा है कि परिवार में कोई दुखी न हो, इसलिए सभी साथ जा रहे हैं। सभी को राम-राम...। हालांकि अभी इस सुसाइड नोट की भी जांच होनी है। इसमें पुलिसकर्मियों पर टार्चर करने के आरोप लगाए हैं। नैब सिंह परिवार के साथ रह रहा था। नैब सिंह के कुनबे में करीब साढ़े चार एकड़ जमीन हिस्से आई थी।
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इसी घर में हुई वारदात
- फोटो : अमर उजाला
विदेश भेजने का धंधा बना परिवार का काल
नैब सिंह अपने पोते केशव के साथ खेती करता था। दुष्यंत शाहाबाद कोर्ट में प्यादा था। कुछ समय पहले दुष्यंत ने विक्रम (सुसाइड नोट में जिक्र) के साथ लोगों को विदेश भेजने का काम शुरू किया था। यही धंधा परिवार के लिए काल साबित हुआ। हालांकि ग्रामीण बाहरी हमलावरों के वारदात को अंजाम देने की बात कर रहे थे। सुसाइड नोट के मुताबिक विक्रम लोगों से पैसे अपने पास रखता था, जबकि दुष्यंत फाइल लगाने का काम करता था।
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दुष्यंत की फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला
दुष्यंत ने विक्रम को ठहराया जिम्मेदार
विक्रम ने किसी चंद्रभान से पैसे लेकर काम नहीं किया था। इस लेनदेन में दुष्यंत फंस गया और उसने सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया। इधर, दुष्यंत के लेनदेन की भनक उसके परिवार को भी मिल चुकी थी। इस वजह से दुष्यंत मानसिक रूप से परेशान रहने लगा था। पिता ने दुष्यंत को काम छोड़ने की सलाह दी थी। दुष्यंत ने विक्रम और उसके परिवार को हत्या और आत्महत्या करने के लिए मजबूर करने का जिम्मेदार ठहराया है।
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नैब सिंह की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने भी किया टॉर्चर
विक्रम कनाडा में रहता है। विक्रम की वजह से चंद्रभान, उसका बेटा सलिंद्र, जमाई संदीप और बेटी कोमल उसे और उसके परिवार को परेशान करते थे। उन्होंने हमारी झूठी दरखास्त पुराना शहर सोनीपत में दी थी। इसमें चौकी इंचार्ज रोहित और शिवमुनि ने भी उसे बहुत टॉर्चर किया।
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अमृत कौर की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
धनपत सिंह मलिक उसे अलग से ले जाकर जान से मारने और उसके सारे परिवार को उठाने की धमकी देता था। इससे तंग आकर उसने 16 अगस्त को छह लाख और दो लाख के दो चेक उनको दिए थे, जबकि यह राशि विक्रम के पास गई थी। इनका कोई बकाया न देना था। उसके पास जो दो लाख संदीप के आए थे। वो भी उसने 13 जून तक लौटा दिए। उसके बाद उसने 50 हजार और 32 हजार रुपये भी 19 जून को उनके मांगने पर दे दिए थे। फैसले के बाद भी संदीप उसे परेशान करता रहा और उससे दो लाख रुपये और मांगता था।
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अमनप्रीत कौर की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
इन सब की वजह से मैं और मेरा परिवार आज खत्म हो गया
सुरेंद्र उर्फ सलिंद्र तंग करता था और एक बार घर आकर धमकी दे गया था। इससे परेशान होकर ये कदम उठाने की बात कही। मेरे बाद इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। इन सब की वजह से मैं और मेरा परिवार आज खत्म हो गया। मेरा जीना मुश्किल हो गया था। विक्रम हर रोज लारे लगाता था, जो कि उसने मेरे पैसे देने थे। उसने जिसकी भी फाइल लगाई है, उन सब के पैसे उसके पास गए हैं। विक्रम पैसे देने में आनाकानी कर रहा है।
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मौके पर पहुंची पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
ऑर्डर पर मंगाई दवा और लिखा राम-राम
सुसाइड नोट के अनुसार दुष्यंत ने यूपी के एक डॉक्टर से दवा मंगाई थी। यह डॉक्टर ऑनलाइन दवा भेजता था। सुसाइड नोट में डॉक्टर के मोबाइल नंबर का जिक्र है। इसमें लिखा कि व्हाट्सएप पर उसने ही मेरे को आर्डर आईडी पर डिलिवरी से दवा भेजी थी। लिखा कि परिवार में कोई दुखी न हो, इसलिए सभी साथ जा रहे हैं। सभी को राम-राम।
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मौके पर पहुंची पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
चचेरे भाई के खाते में डाले पांच हजार
थाना शाहाबाद में दर्ज शिकायत में साहिल निवासी यारा ने बताया कि सुबह करीब साढ़े सात बजे उसके ताऊ नैब सिंह ने पांच रुपये उसके खाते में डाले थे। उसने ताऊ को काॅल की तो उनका मोबाइल बंद था। उसने अपने चचेरे भाई दुष्यंत को कॉल करके पूछा तो उसने कुछ सामान मंगाने की बात बताई। वह कुछ देर बाद ताऊ के घर आया तो गेट बंद था।
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इसी घर में हुई वारदात
- फोटो : अमर उजाला
आज बेटी आएगी भारत वापस
मांगे राम ने बताया कि नैब सिंह उसका चचेरा भाई था। तीन दिन पहले पूरा कुनबा अंबाला में अपनी भांजी का भात भरने गया था। करीब दो साल पहले नैब सिंह ने अपनी बेटी सोनम की शादी की थी। छह महीने बाद उसकी बेटी इंग्लैंड चली गई थी। तब से उसकी भतीजी सोनम इंग्लैंड में ही रह रही है। उसे घटना की सूचना दी गई है। आज सोमवार तक सोनम इंग्लैंड से आएगी। उसके आने के बाद ही उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
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मौके पर जमा लोग
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पोते को चलाना सिखाया ट्रैक्टर-कार
पड़ोसी जगदीप सिंह ने बताया कि नैब सिंह अक्सर अपने पोते केशव को खेती के बारे में बताता था। नैब सिंह खुद अपनी जमीन पर खेती करता था। नैब सिंह ने ही अपने पोते को कार और ट्रैक्टर चलाने का प्रशिक्षण दिया था। इस सनसनीखेज वारदात के बाद से पूरे गांव में मातम पसरा है।
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मौके पर जमा लोग
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माता-पिता और पत्नी की हत्या के बाद युवक ने जहर खाकर दी जान
कुरुक्षेत्र के यारा गांव में रुपयों के लेन-देन से तंग आकर शाहाबाद कोर्ट में प्यादे के तौर पर कार्यरत कर्मी ने अपने माता-पिता और पत्नी की हत्या करने के बाद कोई जहरीला पदार्थ निगल कर आत्महत्या कर ली। आरोपी ने अपने 13 साल के बेटे को भी कोई जहरीला पदार्थ खिला दिया लेकिन उसे बचा लिया गया। शाहाबाद के एक निजी अस्पताल में उसका उपचार चल रहा है।
उधर, पुलिस ने नैब सिंह 55, उसकी पत्नी अमृत कौर 50, अमनप्रीत 35 और आरोपी दुष्यंत 38 का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटना शनिवार देररात की है। पुलिस को घटनास्थल से सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है।
इसमें रुपयों के लेनदेन का जिक्र है। इस कारण दुष्यंत मानसिक रूप से परेशान था। मामले में पुलिस ने एक महिला सहित नौ लोगों के खिलाफ हत्या समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस जांच के मुताबिक, दुष्यंत ने परिजनों को कोई नशीला पदार्थ खिला दिया और उनके बेहोश होने पर उसने अपने पिता का गला रेत कर हत्या कर दी।
इसके बाद मां अमृत कौर और पत्नी अमनप्रीत को मार दिया। इसके बाद आरोपी ने खुद भी जहरीला पदार्थ निगल लिया। आरोपी ने अपने बेटे को भी मारने की कोशिश की। आरोपी ने उसे भी जहरीला पदार्थ दिया था, मगर वह किसी तरह बच गया। उसका इलाज चल रहा है।