वह स्कॉर्पियो गाड़ी जो जींद से हुई थी बरामद। सोशल मीडिया।
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हत्याकांड में प्रयोग की गई सफेद स्कॉर्पियो गाड़ी को राजस्थान पुलिस ने 19 फरवरी को जींद की सोमनाथ गोशाला से बरामद किया था। पुलिस ने जब इस गाड़ी की डिटेल खंगाली तो पता चला कि यह गाड़ी जिला परिषद के सीईओ के नाम पर पंजीकृत है। जिला परिषद ने इस गाड़ी को 2020 में नीलाम कर दिया था, जिसे किसी बालाजी ट्रेडर्स ने खरीदा था। इसके बाद यह गाड़ी राजबीर के पास कैसे आई, इसका भी अभी तक कोई ठोस सुराग नहीं लगा है।
जिला परिषद ने गाड़ी तो नीलाम कर दी, लेकिन इसको खरीदने वाले के नाम ट्रांसफर नहीं करवाई, जिस कारण जिला प्रशासन पर इस मामले में उंगली उठ रही है। वहीं जिला परिषद के सीईओ विनेश कुमार ने इस गाड़ी की नीलामी से संबंधित सभी कागजात खंगाल लिए हैं। जिस कंपनी ने यह गाड़ी खरीदी थी, उसकी तरफ से शपथ-पत्र दिया गया है कि जब तक यह गाड़ी उनके नाम नहीं हो जाती, तब तक वह इस गाड़ी का प्रयोग नहीं करेंगे, लेकिन इसके बावजूद गाड़ी प्रयोग की गई और बड़े हत्याकांड में इस गाड़ी का संलिप्तता उजागर हुई। विनेश कुमार ने कहा कि वह खुद जिला परिवहन कार्यालय में मंगलवार को सभी दस्तावेज लेकर जाएंगे और गाड़ी खरीदने वाले के नाम क्यों नहीं की गई, इस बारे में पता लगाएंगे।