हरियाणा के हिसार जिले के गांव नंगथला निवासी पर्यावरण प्रेमी रमेश ने पत्नी, दो बेटियों व बेटे की हत्या करने के बाद अपने कमरे की दीवार पर चाेक से लिखा कि सब सो रहे हैं, अब शांति है। उसने अपनी पत्नी व बच्चों को रजाई ओढ़ा दी, ताकि किसी को कोई शक न हो और उसके बाद अंदर के दोनों कमरों के दरवाजे खुले छोड़ दिए और बाहर का मेन गेट बंद कर निकल गया। सड़क पर जा रहा हूं, शरीर का बोझ खत्म करना है। सुबह के चार बजे चुके हैं। घर से निकल चुका हूं। इतनी सर्दी में सबको परेशान करके जा रहा हूं, माफ करना, सबसे माफी। यह वह आखिरी दो लाइन हैं जो रमेश वर्मा ने अपनी दो बेटियों, बेटे, पत्नी की हत्या के बाद आत्महत्या करने से पहले लिखी। वारदात की सूचना मिलने पर सोमवार सुबह पुलिस जब रमेश वर्मा के घर पहुंची तो कॉपी पर लिखा दो पेज का सुसाइड नोट बरामद हुआ। पुलिस के अनुसार रमेश ने 4 से 4:30 के बीच किसी वाहन के सामने कूदकर आत्महत्या की है। मौके पर वाहन के टायर के कई मीटर तक रगड़ के निशान हैं, जिससे अनुमान लगाया जा रहा है कि चालक ने हादसे से बचने का प्रयास किया।