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नहीं मान रहे किसान, मेहनत पर चला रहे ट्रैक्टर, हरियाणा में बोला किसान- मंडी में नहीं बेचूंगा फसल

Wed, 24 Feb 2021 02:37 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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हरियाणा में किसान लगातार अपनी फसल पर ट्रैक्टर चला रहे हैं। - फोटो : अमर उजाला
कृषि कानूनों के विरोध में किसानों का खड़ी फसल पर मशीन चलवाना जारी है। हालांकि किसान नेता इस बारे में कई बार अपील कर चुके हैं लेकिन किसान नहीं मान रहे। बुधवार को हरियाणा के गांव धड़ौली में किसान ने कृषि कानूनों के विरोध में एक एकड़ जमीन में खड़ी गेहूं की फसल पर मशीन चला दी। इसके बाद किसान ने फसल को गोशाला को दान कर दिया। किसान बलराज ने कहा कि केंद्र सरकार आंदोलन को दबाने के लिए कीलें बिछवा रही है लेकिन सरकार इस आंदोलन को जितना दबाएगी, यह आंदोलन उतनी ही मजबूती के साथ आगे बढ़ेगा। इसके अलावा अंबाला सिटी और पानीपत में भी किसानों ने अपनी फसल पर ट्रैक्टर चलवा दिया। जींद के धड़ौली गांव के किसान बलराज ने कृषि कानूनों के विरोध में अपनी एक एकड़ जमीन में खड़ी गेहूं की फसल काटकर राष्ट्रीय गोशाला धड़ौली में गोसेवा के लिए दान कर दी। किसान बलराज ने कृषि कानूनों का विरोध जताने के लिए पहले किसान एकता जिंदाबाद के नारे लगाए और बाद में फसल पर मशीन चलवा दी। 
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जींद के किसान बलराज ने फसल काटकर गोशाला को दान दी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बलराज ने कहा कि किसान पिछले 3 महीनों से सड़कों पर धरने पर बैठे हुए हैं लेकिन सरकार किसानों की मांगों को नहीं मान रही है। किसान अपनी कड़ी मेहनत के बल पर खेतों में देश के लिए अन्न पैदा कर रहा है। सरकार तानाशाही रवैया अपना रही है। आज किसान आंदोलन देशव्यापी आंदोलन बन चुका है। 
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पानीपत - फोटो : अमर उजाला
वहीं अंबाला सिटी के 26 वर्षीय युवा किसान गुरप्रीत ने आधा एकड़ में खड़ी अपनी गेहूं की फसल पर ट्रैक्टर चला दिया। चंडीगढ़-हिसार हाईवे पर मानकपुर रकबे में किसान की करीब 7 एकड़ जमीन है। इसमें से उसने अभी आधे एकड़ में ही ट्रैक्टर फेरा था कि सूचना मिलने पर भाकियू जिला उपप्रधान गुलाब सिंह मौके पर पहुंच गए। उन्होंने किसान गुरप्रीत को समझाया। 
 

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अंबाला - फोटो : अमर उजाला
गुरप्रीत ने कहा कि इस साल मेरी शेष जो भी फसल होगी उसे मैं मंडी में नहीं बेचूंगा। चाहे मैं इसे गुरुद्वारा साहिब दूं या गरीबों में ही क्यों न दान करनी पड़े। जब तक तीनों कृषि कानून वापस नहीं लिए जाते तब तक मंडी में फसल नहीं बेची जाएगी।  भाकियू उपप्रधान गुलाब सिंह ने बताया कि मुझे गांव के पूर्व सरपंच ने फोन कर सूचना दी थी कि उनका भतीजा गुरप्रीत गुस्से में आकर गेहूं की फसल नष्ट कर रहा है। सूचना मिलने पर मैं मौके पर पहुंचा और गुरप्रीत को समझाया। उसे कहा कि फसल को नष्ट करने से अच्छा तैयार होने पर गरीबों में वितरित कर देना है। तब जाकर उसका गुस्सा शांत हुआ। 
 
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पानीपत - फोटो : अमर उजाला
पानीपत में कृषि कानूनों के विरोध में इसराना हलके के किसान नरेश जागलान ने अपने खेत में गेहूं की फसल ट्रैक्टर चला दिया। साढ़े चार एकड़ फसल को नष्ट कर दिया। इस दौरान कुछ किसान मनाने के लिए भी गए, लेकिन नरेश जागलान नहीं माने। उन्होंने कहा कि जब सरकार नहीं मान रही है तो उनके पास फसल को उजाड़ने के अलावा कोई चारा नहीं बचता है।
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