भिवानी के गांव सिंघानी में शिक्षिका मनीषा की मौत मामले में पोस्टमार्टम और एफएसएल रिपोर्ट से कई अहम खुलासे हुए हैं। रोहतक रेंज के आईजी वाई पूर्ण कुमार मंगलवार दोपहर भिवानी रेस्ट हाउस पहुंचे और मीडिया से बातचीत में पूरी जांच का ब्योरा साझा किया।
भिवानी में मनीषा मौत मामले में पुलिस के लिाए हत्या या आत्महत्या की गुत्थी सुलझाने के साथ-साथ उसका मोबाइल फोन भी पहेली बना है। मनीषा के लापता होने के बाद उसकी मौत के नौ दिन बाद भी पुलिस मोबाइल फोन बरामद नहीं कर पाई है।
मनीषा का शव बरामद होने के दौरान पुलिस ने मौके से उसका दुपट्टा, जूती व अन्य तथ्य भी जुटाए थे। लेकिन उसका मोबाइल फोन मागच था। मनीषा के पिता संजय ने बताया था कि उसकी बेटी मनीषा 11 अगस्त की सुबह घर से प्ले स्कूल जाने के लिए निकली थी। उस समय उसका मोबाइल भी उसके पास था। उसी दिन दोपहर बाद तीन बजकर आठ मिनट पर बेटी का फोन बंद था।
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घटनास्थल पर जांच करती पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
फिर शाम छह बजकर 26 मिनट पर बेटी का फोन खुला था। उसके कुछ देर बाद फिर फोन बंद हो गया था। बेटी जिस कॉलेज में दाखिला के लिए गई थी उस कॉलेज में डायल 112 की टीम भी चलाई गई थी। लेकिन वहां तीन कर्मचारी शराब के नशे में थे, जिन्होंने बेटी के बारे में कोई जानकारी नहीं दी।
उसी शाम लोहारू पुलिस थाना में भी गए थे, जहां उन्हें यह कहकर लौटा दिया कि शादी का सर्टिफिकेट लेकर बेटी लौट आएगी। जिसके बाद 11-12 अगस्त की रात 12 बजे मनीषा की कॉल पिता के फोन पर आई थी, लेकिन पिता उस समय फोन नहीं उठा पाए थे, बाद में जब पिता ने मनीषा की कॉल देखी तो तुरंत फोन मिलाया, लेकिन फोन बंद आया। हालांकि मनीषा की मौत के बाद एसआईटी के तहत छह अलग-अलग टीमें जांच कर रही हैं।
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शिक्षिका की हत्या के बाद पुलिस जांच करती हुई
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मोबाइल खोल सकता है मनीषा के मौत में नए राज
अगर पुलिस मनीषा का मोबाइल फोन बरामद कर उसकी जांच करती है तो मौत से जुड़े कई राज सामने आ सकते हैं। क्योंकि मनीषा के लापता होने के बाद भी पिता व भाई के फोन पर दो बार कॉल आई हैं, लेकिन किसी से मनीषा की उस समय बात नहीं हुई। मनीषा पिता को क्या बताना चाहती थी और वो कहां थी, ये सब बातें भी फोन मिलने पर ही खुलेंगी। उसके मोबाइल फोन के डाटा से भी पुलिस को कुछ सुराग लग सकते हैं।
आईजी ने फिर दोहराया शव पर एसिड के निशान नहीं, गले पर जानवरों ने काटा
भिवानी के गांव सिंघानी में शिक्षिका मनीषा की मौत मामले में पोस्टमार्टम और एफएसएल रिपोर्ट से कई अहम खुलासे हुए हैं। रोहतक रेंज के आईजी वाई पूर्ण कुमार मंगलवार दोपहर भिवानी रेस्ट हाउस पहुंचे और मीडिया से बातचीत में पूरी जांच का ब्योरा साझा किया। उन्होंने कहा कि वह दुखद घटना है और पुलिस ने मामले की जांच पूरी तरह वैज्ञानिक और पारदर्शी तरीके से की है।
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शिक्षिका की हत्या के विरोध में जाम लगाते परिजन और अन्य
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
19 वर्षीय मनीषा 11 अगस्त को घर से लापता हुई थी। 13 अगस्त को सिंघानी नहर के पास एक महिला का शव बरामद हुआ, जिसे परिजनों ने मनीषा के रूप में पहचाना। शव की पहचान पुख्ता करने के लिए डीएनए सैंपल लिया गया है।
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घटनास्थल से शव को लेकर जाती पुलिस
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आईजी ने बताया कि घटनास्थल से एकत्र किए गए सैंपल एफएसएल भेजे गए थे। रिपोर्ट में पाया गया कि शव पर कहीं भी एसिड के निशान नहीं है। भिवानी नागरिक अस्पताल में हुई पीएमआर में चिकित्सकों ने गले के आगे और दोनों तरफ फटे घाव पाए, जिनमें जानवरों द्वारा काटने व कुतरने जैसे निशान थे। पीजीआईएमएस रोहतक में हुई दोबारा पीएमआर जांच में भी यही निष्कर्ष निकला कि ये चोटें मृत्यु के बाद की हैं क्योंकि आसपास के नरम ऊतकों में खून का कोई रिसाव नहीं था।
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शिक्षिका की हत्या के विरोध में जाम लगाते परिजन और अन्य
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एफएसएल रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि शव पर वीर्य के कोई निशान नहीं मिले हैं। जिससे स्पष्ट हुआ कि दुष्कर्म नहीं हुआ। पुलिस को शव के पास से एक सुसाइड नोट भी मिला था। इस नोट की लिखावट को परिजनों ने मनीषा की लिखावट बताया।
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शिक्षिका की हत्या के बाद घटनास्थल का दौरा करते आईजी वाई पूर्ण कुमार और एसपी
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एफएसएल जांच में भी यह पूरी तरह मेल खाई। जांच में यह भी सामने आया कि मनीषा ने एक दुकान से कीटनाशक खरीदा था। दुकान के सीसीटीवी फुटेज और रजिस्टर एंट्री से इसकी पुष्टि हुई।
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शिक्षिका की हत्या के आरोपियों को गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन करते परिजन और ग्रामीण
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ढाणी लक्ष्मण में ग्रामीणों का धरना
शिक्षिका मनीषा मौत प्रकरण में सोमवार आधी रात को ढिगावा में एसडीएम मनोज दलाल और डीएसपी संजीव कुमार के साथ धरना कमेटी के सदस्यों और परिजनों की हुई बैठक के बाद मंगलवार सुबह से ही प्रशासन ने मृतका मनीषा के शव का अंतिम संस्कार करवाने के प्रयास तेज कर दिए। लेकिन इसी बीच पुलिस के दावों से नाखुश ग्रामीणों ने ढाणी लक्ष्मण में देर रात से ही एकजुट होना शुरू कर दिया और मंगलवार सुबह होते होते गांव में लोगों की भीड़ जुट गई और पंचायत शुरू कर दी।
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शिक्षिका की हत्या का विरोध जताते परिजन व अन्य
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गांव में परिजनों की मौजूदगी में शुरू हुई पंचायत में लोगों ने शिक्षिका की मौत के मामले की हर पहलू से जांच कर दोषियों को सजा दिलाने की मांग की।
ढिगावा मंडी मनीषा का अभी अंतिम संस्कार नहीं हुआ है। गांव ढाणी लक्ष्मण में अभी भी स्थिति तनावपूर्ण बनी है। धरने पर लोग जमा हैं। लोग एम्स से विसरा रिपोर्ट जांच की मांग कर रहे हैं और सीबीआई जांच हो। धरने पर मौजूद लोगों ने इन मांगों की घोषणा सरकार से लिखित में देने की मांग की है।
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मनीषा की हत्या के विरोध में ग्रामीणों का प्रदर्शन
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फरीदाबाद, गुरुग्राम, हांसी सहित कई जिलों से पुलिस बल ढिगावा में तैनात किया गया है। ढिगावा कस्बा पुलिस छावनी में तब्दील है। उधर पुलिस ने किसी भी तनावपूर्ण स्थिति से निपटने और अफवाहों पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन ने इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी।
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मनीषा की हत्या के विरोध में ग्रामीणों का प्रदर्शन
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13 अगस्त को सिंघानी में दो दिन से लापता ढाणी लक्ष्मण की मनीषा का शव बरामद होने के बाद प्रकरण तूल पकड़ने लगा था और मामले में दोषियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए धरना शुरू कर दिया था। प्रदेश के पक्ष और विपक्ष के बड़े नेताओं ने घटना की निंदा करते हुए धरना स्थल पर पहुंचकर दोषियों की गिरफ्तारी के लिए आवाज बुलंद की थी।
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शिक्षिका की हत्या के बाद परिजन व अन्य
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सोमवार देर रात इस मसले पर पुलिस द्वारा खुलासा किए जाने के बाद धरना कमेटी ने धरना स्थगित करने की घोषणा कर दी। लेकिन पुलिस के खुलासे से नाराज अनेक लोगों ने ढाणी लक्ष्मण में धरना शुरू कर दिया। ढाणी लक्ष्मण में धरनारत लोग इस मामले की निष्पक्षता से जांच करने और अंतिम संस्कार नहीं करने पर अड़ गए हैं। धरने पर सुरेश कोथ और राजस्थान के भी कई बड़े चेहरे पहुंचे। देर सायं तक मृतका के शव का अंतिम संस्कार नहीं हो पाया था।
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मनीषा की मौत मामले में पंचायत का आयोजन
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छावनी में बदला ढिगावा कस्बा, कई जिलों से पहुंची पुलिस की कंपनी
मंगलवार सुबह से ही ढिगावा में पुलिस फोर्स का आवागमन जारी रहा तथा दोपहर तक ढिगावा कस्बा पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। भारी संख्या में महिला पुलिस बल भी तैनात किया गया है। उपायुक्त साहिल गुप्ता और एसपी सुमित कुमार, एसडीएम मनोज दलाल, डीएसपी संजीव गौर सहित पुलिस के कई अधिकारी सुबह से ही ढिगावा में मौजूद रहे। दूसरे जिलों से भी पुलिस की कई कंपनी मौके पर बुलाकर तैनात की गई।
मनीषा की हत्या के विरोध में ग्रामीणों का प्रदर्शन
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सोशल मीडिया से माहौल गर्माया
मृतका शिक्षिका के पिता संजय और दादा रामकिशन के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद काफी संख्या में ग्रामीण ढाणी लक्ष्मण में जमा हो गए। इससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया। ढाणी लक्ष्मण गांव में सभी रास्तों को भी ग्रामीणों ने अवरुद्ध कर दिया।