अंबाला के नारायणगढ़ के रतोर गांव की घटना ने भाई-भाई के रिश्ते को तार-तार कर दिया। पिता की दो एकड़ जमीन के लिए बड़े भाई भूषण के सिर पर इस कदर खून सवार था कि अड़चन बन रहे छोटे भाई सहित मां-बाप को ही खत्म करने की ठान ली। खेतों के बीच दोनों भाइयों के घर व करीब 500 मीटर तक कोई भी मकान नहीं है। रायपुरानी की सीमा होने के कारण पुलिस थाना भी करीब 15 किलोमीटर दूर था। शायद यही कारण है कि बड़े भाई ने सोचा कि पूरे परिवार को मार देंगे तो किसी को कानोंकान भनक तक नहीं लगेगी।
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ambala murder
- फोटो : अमर उजाला
ग्रामीणों के अनुसार, आरोपी ने पत्नी, दो सालों और एक साली संग मिलकर गंडासी, कुल्हाड़ी से पूरे परिवार की हत्या करने के बाद शवों को खेत में ही जला देने का षडयंत्र रचा था। पूरी तैयारी के साथ पहले तो मां, भाई, भाभी, दो भतीजी व एक भतीजे की हत्या कर दी। इस दौरान बचाव में पूरा परिवार चीखता चिल्लाता रहा लेकिन कोई नहीं आया। लेकिन पिता ओम प्रकाश के जिंदा बचकर मदद के लिए ग्रामीणों को बुलाने और पुलिस को सूचना देने से आरोपी के खतरनाक इरादों पर पानी फिर गया।
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छह एकड़ ठेके पर लिए खेतों में खड़ी रह गई धान की फसल
आरोपी भूषण फौज में आने के कारण आर्थिक रूप से मजबूत था, लेकिन हरीश मुफलिसी का जीवन व्यतीत कर रहा था। भाई की निगाह बंटवारे में आई एक एकड़ जमीन पर थी। साथ ही परिवार पर दो बेटियों व एक बेटे का भी भार था। ऐसे में परिवार का गुजर बसर करने के लिए पास में ही छह एकड़ खेत ठेके पर लिए हुए थे। उस पर धान की फसल लगा रखी थी। दो माह बाद फसल भी कट जानी थी लेकिन उससे पहले ही सब खत्म हो गया व वह फसल खड़ी की खड़ी रह गई।
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रिटायर्ड फौजी ने मां, भाई-भाभी व तीन बच्चों का गला रेत की हत्या
आपको बता दें कि अंबाला में दो एकड़ जमीन को लेकर चल रहे विवाद में एक रिटायर्ड फौजी ने पत्नी व रिश्तेदारों के साथ मिलकर अपने छोटे भाई के पूरे परिवार की गला रेतकर कर दी। इस दौरान बीचबचाव करने आई मां को भी मार डाला, जबकि पिता ने भागकर जान बचाई। मरने वालों में छोटे भाई की पत्नी के अलावा उनके तीन मासूम बच्चे भी थे। हत्या के बाद आरोपी ने सभी के शवों को भी जलाने का प्रयास किया।
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- फोटो : अमर उजाला
मृतकों की पहचान छोटे भाई हरीश (35), भाभी सोनिया (32), मां सरोपी (65), भतीजी यशिका (5) और छह माह के भतीजे मयंक के रूप में हुई। दूसरी भतीजी परी (8) ने हौदी में छिपकर जान बचाई, लेकिन बाद इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस ने आरोपी 42 वर्षीय भूषण को गिरफ्तार कर लिया है। वह सेना में नायक पद से रिटायर्ड हुआ है, जबकि अभी एनिमल अटेंडेंट के रूप में कार्यरत है।
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- फोटो : अमर उजाला
घटना रविवार देर रात नारायणगढ़-रायपुरानी सीमा स्थित रतौर गांव में हुई। पुलिस की प्राथमिक जांच के अनुसार, एक ही घर में दोनों भाइयों ने बंटवारा कर रखा था। दो साल से उनमें दो एकड़ जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। पहले भी कई बार दोनों भाइयों के बीच मारपीट हो चुकी थी। रविवार रात भूषण ने पत्नी और ससुरालवालों के साथ मिलकर छोटे भाई के परिवार को खत्म करने की योजना बनाई।
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मृतक हरीश के सुनसान पड़े घर पर रिश्तेदार हालात देखते हुए।
- फोटो : संवाद
रात करीब 10 बजे तेजधार हथियारों से उन्होंने घर के भीतर ही उन पर हमला कर हत्या कर दी। हत्या के बाद लकड़ी की बल्लियों पर सभी के शव रखकर डीजल डालकर आग लगा दी। पिता ओम प्रकाश पर भी धारदार हथियार से दो वार किए। उन्होंने जख्मी हालत में घर से भागकर जान बचाई। पिता की शिकायत पर पहुंची पुलिस ने जख्मी परी और ओमप्रकाश को अस्पताल पहुंचाया। वहां से परी को चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया, जहां उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
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मृतकों के फाइल फोटो।
- फोटो : संवाद
नारायणगढ़ थाना पुलिस ने घायल पिता ओम प्रकाश के बयान पर बड़े बेटे भूषण, उसकी पत्नी पूनम, बेटे मक्खन, प्रिंस, दो साले टोनी, जोनी तथा साली बॉबी पर हत्या सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है। उनको हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
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मृतकों के फाइल फोटो।
- फोटो : संवाद
पिता ने दोस्त की मदद से आग बुझाई
पिता ने पुलिस को बताया कि छह लोगों की हत्या के बाद आरोपियों ने सुबूत मिटाने के लिए शटरिंग की बल्लियों पर शवों को रख आग लगा दी। उन्होंने अपनी पड़ोसी मित्र की मदद से आग को बुझाया। इस दौरान उन्होंने देखा कि घायल पोती परी पानी की हौद में छिपकर रो रही है। उसको भी आरोपियों से बचाया।
मुख्य आरोपी भूषण को काबू कर लिया गया है। साथ ही मामले में संलिप्त कुछ और लोगों को भी हिरासत में लेकर जांच चल रही है। जल्द ही पूरे मामले का खुलासा कर दिया जाएगा। -सुरेंद्र सिंह भौरिया, एसपी, अंबाला।