प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब लक्षद्वीप में घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लोगों को प्रेरित किया, तो मालदीव के तीन मंत्रियों ने पीएम पर अनुचित टिप्पणी कर दी। मालदीव ने अपने तीनों मंत्रियों के बयानों को उनके निजी विचार बताते हुए उन्हें निलंबित कर दिया, लेकिन भारत में लोगों की भावनाएं आहत हो गईं। बड़े-बड़े नेताओं-अभिनेताओं ने मालदीव के मंत्रियों के बयानों की आलोचना की और ट्विटर पर बॉयकॉट मालदीव ट्रेंड करने लगा। सोशल मीडिया पर लोग लगातार कह रहे हैं कि ऐसे देशों की यात्रा करने से बेहतर है कि अपने ही देश के अच्छे स्थानों पर छुट्टियां मनाने के लिए जाना चाहिए, जिससे अपने लोगों को आर्थिक लाभ मिले।