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तस्वीरें: चिड़ियाघर के वन्य जीवों को आप भी ले सकते हैं गोद, यहां मिलेगी विशेष छूट

Sat, 20 Mar 2021 10:19 AM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
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गोरखपुर चिड़ियाघर। - फोटो : अमर उजाला।
अगर जानवरों से प्रेम है तो आप शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणि उद्यान गोरखपुर के वन्य जीवों को गोद ले सकते हैं। बदले में आपको कुछ शुल्क देना होगा। वन्य जीव अंगीकरण योजना के तहत चिड़ियाघर के वन्य जीवों को शुल्क लेकर कुछ दिनों के लिए गोद देने का प्रावधान है।
 
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Gorakhpur Zoo - फोटो : अमर उजाला।
यह प्रावधान प्राणि उद्यान के वन्य जीवों के भोजन एवं दवा संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति के अलावा जन-मानस में वन्य जीवों के प्रति करुणा का भाव विकसित करने के लिए किया गया है। शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणि उद्यान के निदेशक डॉ. एच राजा मोहन ने बताया कि योजना के तहत औद्योगिक प्रतिष्ठान, स्वयंसेवी संस्थाएं, बैंकिंग संस्थाएं, शैक्षणिक संस्थाएं ऐसा कर सकती हैं।
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Gorakhpur zoo - फोटो : अमर उजाला।
उन्होंने बताया कि निर्धारित शुल्क देकर तीन महीने, छह महीने या एक साल के लिए चिड़ियाघर के किसी भी वन्य जीव को गोद लिया जा सकता है। हरेक वन्य जीव के लिए अलग-अलग शुल्क तय है। गैंडा और दरिया घोड़ा के लिए शुल्क क्रमश: त्रैमासिक 77500, छमाही 155000 और वार्षिक 331000 रुपये है।

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गोरखपुर चिड़ियाघर। - फोटो : अमर उजाला।
सर्वाधिक शुल्क बब्बर शेर एवं बाघ के लिए आठ लाख चालीस हजार रुपये सालाना है। गोद लेने के लिए कुछ नियम और शर्तें भी हैं। पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर गोद दिया जाएगा।

 
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गोरखपुर चिड़ियाघर में बब्बर शेर। - फोटो : अमर उजाला।
शर्तें
  • जिस व्यक्ति या संस्था द्वारा अधिकतम दिनों के लिए वन्य जीवों को गोद लिया जाएगा, उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी।
  • गोद लेने वाले व्यक्ति या संस्था का नाम नियमानुसार डिस्प्ले बोर्ड पर प्रदर्शित किया जाएगा।
  • गोद लेने वाले वन्य जीवों से संबंधित धनराशि शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणि उद्यान गोरखपुर सोसाइटी के खाता संख्या 0183000103969963/ IFSC Code- PUNB018300 में चेक/बैंक ड्राफ्ट/RTGS के माध्यम से जमा करनी होगी। जमा धनराशि की रसीद प्राप्त होने के 10 दिन बाद से अंगीकृत (गोद लिए जाने की) योजना लागू होगी।
  • वन्य जीवों को गोद लेने वाले व्यक्ति या संस्था को आयकर अधिनियम, 1961 के धारा 80 जी के तहत कर आयकर में छूट का लाभ प्राप्त होगा।
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