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बेबसी: गोरखपुर में वेंटिलेटर बेड के अभाव में शख्स ने तड़प कर तोड़ दिया दम, पिता और भाई डॉक्टर से लगाते रहे गुहार

Sat, 08 May 2021 06:37 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के बड़हलगंज के 33 वर्षीय सुमित शाही ने वेंटिलेटर बेड और ऑक्सीजन के अभाव में अपने पिता और भाई के सामने तड़प कर दम तोड़ दिया। सुमित के पिता हरेंद्र शाही बड़हलगंज सीएचसी में अपने बेटे को बचाने की गुहार लगा रहे थे। वह गिड़गिड़ा रहे थे कि सुमित को गोरखपुर के किसी अस्पताल में बेड दिला दें। बेबस डॉक्टर भी कह रहे थे कि सुमित ने तड़पते हुए दम तोड़ दिया।
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प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : PTI
बड़हलगंज में बनाए गए कोविड हॉस्पिटल दुर्गावती हॉस्पिटल में हरेंद्र शाही अपने बेटे सुमित को लेकर पहुंचे थे। वहां डॉ. मनोज यादव ने सुमित की हालत देखने बाद बताया कि ऑक्सीजन का स्तर 55 पहुंच गया है। ऐसी हालत में तत्काल वेंटिलेटर सपोर्ट देना पड़ेगा। उनके यहां वेंटिलेटर वाला एक भी बेड खाली नहीं है। 
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BRD medical college - फोटो : अमर उजाला
डॉ. मनोज ने बीआरडी मेडिकल कॉलेज या किसी अन्य अस्पताल में जाने की सलाह दी। सुमित का भाई, पिता और उनके करीबी रिश्तेदार काफी देर तक फोन पर लोगों से वेंटिलेटर वाले बेड की तलाश में अस्पतालों में कॉल लगाते रहे, उधर सुमित की तबीयत बिगड़ती जा रही थी। आखिरकार परिजन उसे लेकर सामुदायिक केंद्र बड़हलगंज पहुंचे। डॉक्टर से गिड़गिड़ाए कि बेटे को बीआरडी मेडिकल कॉलेज में बेड दिला दिजिए। लेकिन डॉक्टर ने हाथ खड़े कर दिए।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
परिजन ऑक्सीजन सपोर्ट वाली एम्बुलेंस की तलाश में थे कि सुमित को गोरखपुर ले कर जाएं। इस बीच उसकी सांसें थम गईं। पिता और भाई दहाड़े मारकर रोने लगे। उनकी चीत्कार से परिसर रो पड़ा। इसके बाद अस्पताल परिसर को सैनेटाइज कराया गया।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला।
बिलखते हुए पिता ने बताया कि सुमित को तीन-चार दिन से बुखार था। घर पर ही दवाएं ले रहा था। शुक्रवार सुबह तबीयत ज्यादा बिगड़ गई तो डॉक्टर की तलाश में निकले। पिता ने बताया कि घर में बहू और उसका चार साल का बेटा और दो साल की बिटिया है, कैसे उन्हें बताऊंगा कि उनके बाप को बचा नहीं पाया।
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