उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में हर साल 25 प्रतिशत मौत दिल की बीमारी (हार्ट अटैक) से हो रही है। यह आंकड़े जिला अस्पताल के हैं, अगर निजी अस्पतालों के आंकड़ों को जोड़ दिया जाए तो मौत का प्रतिशत 35 से 40 के आसपास हो जाता है। विशेषज्ञों के मुताबिक हृदय का जितना अधिक ख्याल रखेंगे वह उतने अधिक समय तक साथ निभाएगा। दरअसल, आदमी की बदलती लाइफस्टाइल और मानसिक तनाव की वजह से हृदय रोगियों की संख्या बढ़ती जा रही है। लॉकडाउन से पहले जिला अस्पताल में प्रतिदिन करीब 130 दिल के मरीज इलाज के लिए आते थे। अब इनकी संख्या 70 से 80 के बीच हो गई है।
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हृदय दिवस 2020 (प्रतीकात्मक तस्वीर)।
जिला अस्पताल के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. रोहित गुप्ता का कहना है कि हृदय रोगियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। यह बीमारी अब कम उम्र में भी तेजी से हो रही है। अब 30 साल के ऊपर के लोगों को हाइपरटेंशन और डायबिटीज की स्क्रीनिंग की सलाह दी जा रही है। इसका प्रमुख कारण बदलती लाइफस्टाइल, जंक फूड और धूम्रपान है। युवा पीढ़ी का झुकाव धूम्रपान और जंक फूड पर ज्यादा है। इसलिए 20 से 25 प्रतिशत युवा दिल की बीमारी के शिकार हो रहे हैं। दिल की बीमारी से बचने के लिए हर दिन कम से कम 30 मिनट व्यायाम करना जरूरी होता है। बचाव के लिए नियमित जांच बेहद जरूरी है।
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हृदय दिवस 2020 (प्रतीकात्मक तस्वीर)।
हृदय रोग के प्रमुख कारण
धूम्रपान, मादिरापान, अत्यधिक वसा, शरीर में ज्यादा चर्बी, अत्यधिक चिंता और मधुमेह की वजह से दिल का रोग होता है।
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हृदय दिवस 2020 (प्रतीकात्मक तस्वीर)।
इसलिए महत्वपूर्ण है हृदय
डॉ. रोहित गुप्ता ने बताया कि हृदय एक मिनट में 72 बार और 24 घंटे में 100800 बार धड़कता है। यह एक दिन में 2000 गैलन खून की पंपिंग करता है। इसलिए यह शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग है। अगर इस पर जरा भी प्रभाव पड़ा तो जान जा सकती है।