गोरखपुर में यास तूफान का प्रभाव कम होने के साथ ही बारिश भी कमजोर हो गई। शुक्रवार रात के बाद शनिवार को केवल सुबह ही बारिश हुई। वहीं रविवार को सुबह से ही दिन निकल आया और धूप खिल गई। साथ ही शनिवार तक हुई बारिश से शहर के निचले इलाकों में पानी लगा, लेकिन नगर निगम की ओर से लगाए गए पंपों ने जलभराव को कुछ ही देर में कम कर दिया।
यास के प्रभाव के कारण शनिवार को लगातार तीसरे दिन बारिश हुई। सुबह के वक्त काफी तेज बारिश हुई। वहीं शुक्रवार रात की बारिश के बाद शनिवार सुबह फिर बारिश से साहबगंज, रेती रोड, खूनीपुर, दाउदपुर, ट्रांसपोर्ट नगर, विजय चौराहा, पंचमुखी हनुमान मंदिर तारामंडल रोड, आर्य नगर, बबीना होटल के पास, बिलंदपुर खत्ता, रसूलपुर भट्टा, तिनकोनिया नंबर एक इस्टर्नपुर, साईंधाम हरसेवकपुर, धर्मपुर, बिछिया के निचले इलाकों समेत शहर के कुछ और निचले इलाकों में जलभराव हो गया।
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जलभराव
- फोटो : अमर उजाला।
राप्ती नगर बस डिपो परिसर में भी दोपहर बाद तक पानी लगा रहा। मेडिकल कॉलेज के दोनों ओर की कई कॉलोनियों में लोग जलभराव से परेशान रहे। शक्तिनगर वार्ड के पार्षद आलोक सिंह विशेन ने बताया राप्तीनगर चौराहे पर आरोग्यनगर कॉलोनी में संपवेल का निर्माण होने से कई इलाकों में जलभराव की समस्या दूर हो गई है।
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जलभराव
- फोटो : अमर उजाला।
नगर आयुक्त अविनाश सिंह ने शहर के विभिन्न इलाकों का निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश दिया। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मुकेश रस्तोगी ने अपनी टीम के साथ शहर के विभिन्न इलाकों में चोक नालों की सफाई कराने में जुटे रहे। मुख्य सफाई एवं खाद्य निरीक्षक अखिलेश श्रीवास्तव ने बताया कि सभी रेगुलेटरों पर लगे पंपों को लगातार चलाया गया। साथ ही जिन स्थानों पर जलभराव हुआ, वहां पंप लगाकर जलभराव को दूर किया गया।
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जलभराव
- फोटो : अमर उजाला।
पुलिस लाइंस में चला विशेष सफाई अभियान
शुक्रवार के बाद शनिवार को भी पुलिस लाइंस में विशेष सफाई अभियान चलाया गया। अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी ने निरीक्षण के बाद पूरे पुलिस लाइंस में सफाई का निर्देश दिया था। नगर आयुक्त अविनाश सिंह ने मुख्य अभियंता सुरेश चंद, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मुकेश रस्तोगी के साथ सफाई कार्य को देखा। नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि इसमें करीब 80 सफाई कर्मचारियों को लगाया गया है।
देवरिया रोड पर चौड़ीकरण ने बढ़ाई परेशानी
गोरखपुर-देवरिया मार्ग के चौड़ीकरण ने बारिश के दौरान लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। छह महीने पहले से गड्ढे खोदकर आज तक सही ढंग से नहीं भरे गए हैं। सूबा बाजार निवासी विशाल गुप्ता ने कहा कि जिन स्थानों पर गड्ढे खोदे गए हैं, वहां पांच-पांच फीट से ज्यादा गड्ढे हैं। ऐसे में हमेशा किसी हादसे का अंदेशा बना रहता है।