फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गोरखपुर मोहल्ला लाइव: रेलवे लाइन का गड्ढा भरने के चलते शिवनगर में भरा पानी, लोगों ने कहा- बरसात में कभी नहीं हुए ऐसे हालात

Wed, 22 Sep 2021 01:38 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।

सार

नाले का पानी सड़क पर आने से परेशान हैं मोहल्ले के लोग। पहले रेलवे लाइन के किनारे जाता था पानी, अब भर दी गई है मिट्टी। मुख्य नाले का बहाव रुका, सड़क पर ही फैल जा रहा है पानी।
विज्ञापन
1 of 5
शिवनगर में जलभराव से लोगों को हो रही परेशानी। - फोटो : अमर उजाला।
गोरखपुर जिले में करीब पांच हजार की आबादी वाले शिवनगर कॉलोनी का आधा से अधिक हिस्सा जलभराव से प्रभावित है। दरअसल रेलवे लाइन के किनारे का गड्ढा भर जाने के कारण पानी बहने का रास्ता ही अवरुद्ध हो गया है। मुख्य नाले का पानी भी बह नहीं पा रहा है जिसके चलते बारिश के अलावा नालियों का पानी भी सड़क पर फैलने से बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। तरंग ओवरब्रिज से आगे बढ़ने पर बाएं हाथ की तरफ वार्ड 29 शिवनगर कॉलोनी है। अच्छी व साफ सुथरी सड़कों वाले इस मोहल्ले में बरसात में कभी पानी नहीं भरता था। वजह यह कि कॉलोनी के पीछे ही रेलवे लाइन है जहां मोहल्ले का पानी जमा होकर बह जाता था। लेकिन जंगल नकहा की तरफ जाने वाली इस रेल लाइन के किनारे के गड्ढों को भर दिया गया है। इस वजह से कॉलोनी का पानी बहकर कहीं निकल ही नहीं पा रहा है। ऐसा नहीं है कि यहां नाला-नाली नहीं है लेकिन नालों का पानी बहकर आगे जाने की बजाय ओवरफ्लो होकर वहीं सड़क पर बह रहा है।
विज्ञापन

2 of 5
शिवनगर में जलभराव से लोगों को हो रही परेशानी। - फोटो : अमर उजाला।
प्रोफेसर लेन तक में भरा है पानी
शिवनगर से सटे एक कॉलोनी है प्रोफेसर लेन। वैसे तो यह रामजानकी नगर का हिस्सा है लेकिन शिवनगर मोहल्ले का पड़ोसी होने के चलते इन्हें भी जलभराव की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। दरअसल यह पूरा इलाका ही इस वक्त जलभराव की चपेट में है। प्रोफेसर लेन में भी सड़क पर पानी भरा हुआ है। लोग गंदे पानी के बीच से होकर आने-जाने को मजबूर हैं।
 
विज्ञापन

3 of 5
जलभराव से लोगों को हो रही परेशानी। - फोटो : अमर उजाला।
अब नए सिरे से करनी होगी प्लानिंग
वार्ड सभासद राजेंद्र कुमार तिवारी बताते हैं कि करीब दो दशक पहले आबाद हुए उनके मोहल्ले में कभी जलभराव की ऐसी स्थिति नहीं रही। बारिश का सारा पानी मोहल्ले के पीछे रेल लाइन की तरफ बह जाता था। रेल लाइन के किनारे गहरा गड्ढा था, जिसमें दो महीने तक पानी जमा रहता था। बाकी घरों का पानी नालियों के रास्ते मुख्य नाले से निकल जाता था। पिछले साल रेलवे ने लाइन के किनारे का गड्ढा भरवा दिया। इसके अलावा मुख्य नाले का पानी भी बह नहीं पा रहा है। इस बार बारिश का सारा पानी सड़क पर आ गया। पहले से भरे हुए नालों में बारिश का पानी मिलते ही स्थिति गंभीर हो गई।
 

4 of 5
सुरेंद्र चौधरी व सुधा द्विवेदी। - फोटो : अमर उजाला।
कभी नहीं हुई थी ऐसी हालत
सुरेंद्र चौधरी ने कहा कि हमारा मोहल्ला शहर के बीच में है। नाली-सड़क बनी होने के चलते कभी बरसात में ऐसी दिक्कत नहीं होती थी। लेकिन इस बार बरसात का पानी दरवाजे तक चढ़ा हुआ है। गंदे पानी के बीच से होकर आना-जाना पड़ रहा है। जल्दी उपाय किया जाना जरूरी है।

नालियों को नए सिरे से बनवाएं
सुधा द्विवेदी ने कहा कि इस बार बरसात में दूसरी बार घर के सामने पानी भरा है। रास्ते पर पानी बह रहा है। बाहर आना-जाना मुश्किल है। शहर में रहकर ऐसी दुर्गति की कल्पना भी नहीं की जा सकती। सभी नालियों को नए सिरे से बनवाएं जिससे कि लोगों को राहत मिल सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
ओमप्रकाश जायसवाल व सुरेश लाल श्रीवास्तव। - फोटो : अमर उजाला।
बहुत तकलीफ में हैं लोग
सुरेश लाल श्रीवास्तव ने बताया कि शहर में रहने वालों ने कभी ऐसी स्थिति की कल्पना नहीं की होगी। नालियों और बारिश का पानी एक में मिलकर सड़क पर बह रहा है। रेलवे लाइन का गड्ढा भर गया तो पानी निकलने का कोई विकल्प दिख नहीं रहा है। नालियों को और गहरा कराएं तब जाकर कुछ बात बन सकती है’’।
 
घर के अंदर तक घुसा था पानी
ओमप्रकाश जायसवाल ने कहा कि जिनके घर पहले के बने हैं वहां तो हालत और भी खराब है। नालियों का पानी कई लोगों के घर में घुस गया था। पिछले हफ्ते पानी निकला तब तक बुधवार को हुई बारिश में फिर उतना ही पानी आ गया। अब तो बरसात बाद ही राहत मिलने की उम्मीद है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें