सिविल सेवा परीक्षा परिणाम में गोरखपुर जिले के बेलीपार थाना क्षेत्र के मलाव की रहने वाली अपूर्वा त्रिपाठी ने देश में 68वीं रैंक हासिल की है। दो बार पीसीएस में चयनित होने के बाद भी आईएएस का सपना संजोए अपूर्वा ने तीसरे प्रयास में यह सफलता हासिल की है। अपूर्वा ने आईएएस परीक्षा की तैयारी के लिए कहीं कोचिंग नहीं की। इस सफलता के बाद उन्हें बधाई देने वालों का तांता लग गया है। अपूर्वा ने बताया कि सरकारी मशीनरी के साथ मिलकर बेहतर काम करना ही जीवन का उद्देश्य है ताकि समाज के आखिरी व्यक्ति को सरकार की योजनाओं का लाभ मिल सके।
जुनून आईएएस का था, जो अब पूरा हो गया
सिंचाई विभाग में सहायक अभियंता दिनेश त्रिपाठी की बेटी अपूर्वा त्रिपाठी का जुनून आईएएस बनने का था, जो अब पूरा हो गया। इससे पूर्व वह यूपीपीसीएस परीक्षा में वर्ष 2019 व वर्ष 2020 में सफलता हासिल कर चुकी थीं।
अपूर्वा ने हाईस्कूल व इंटर की पढ़ाई प्रयागराज के वाईएमसीए से की हैं। इसके बाद कानपुर के छत्रपति साहूजी महराज विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक एंड कम्युनिकेशन से बीटेक की पढ़ाई वर्ष 2018 में पूरी की। पिता दिनेश त्रिपाठी मौजूदा समय में प्रयागराज में तैनात हैं। माता सीमा त्रिपाठी गृहिणी हैं।
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अपूर्वा त्रिपाठी।
- फोटो : अमर उजाला।
सेल्फ स्टडी से मिला मुकाम
अपूर्वा ने बताया कि सेल्फ स्टडी पर पूरा फोकस रहा। किताब पढ़ना, खाना बनाना और टीवी धारावाहिक देखना भी मेरी दिनचर्या में शामिल थे। जब पढ़ने बैठती थी तो सारा फोकस केवल पढ़ाई पर होता था। अपूर्वा ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता व गुरुजनों को दिया है। बताया कि बाबा रामनयन त्रिपाठी और दादी सरोज का भी सपना था, जो अब पूरा हो गया। अपूर्वा के आईएएस बनने पर क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य मनोज कुमार शुक्ला, राजेश त्रिपाठी, सोनू त्रिपाठी, पवन त्रिपाठी, राहुल त्रिपाठी, शेषनाथ त्रिपाठी, लक्ष्मण पांडेय, नितेश शुक्ला सहित अन्य लोगों ने बधाई दी है।
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अविनाश कुमार त्रिपाठी
- फोटो : अमर उजाला
एसडीएम अविनाश त्रिपाठी को मिली 661वीं रैंक
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग से एसडीएम के पद पर चयनित अविनाश कुमार त्रिपाठी को सिविल सेवा परिणाम में 661वीं रैंक हासिल की है। कौड़ीराम क्षेत्र के सोहगोरा बारीगांव के रहने वाले शैलेश त्रिपाठी के पुत्र अवनीश को यह सफलता तीसरे प्रयास में मिली है। अविनाश ने अपनी सफलता का श्रेय माता सुमन त्रिपाठी, बाबा जेआर त्रिपाठी और मामा अरविंद कुमार शुुक्ल को दिया है। अविनाश शुरू से मेधावी छात्र रहे हैं। उन्होंने मोतीलाल नेहरू नेशनल इंस्टीट्यूट आफ टेक्नालाजी मैकेनिकल इंजीनयरिंग से बीटेक करने के बाद सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की। उन्हें पहले राज्य सिविल सेवा और अब संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में सफलता मिली है।
गोरखपुर विश्वविद्यालय की शिक्षिका के भाई का हुआ चयन
गोरखपुर गोरखपुर विश्वविद्यालय के रसायन विभाग की शिक्षिका डॉ. विनीता के छोटे भाई शिवांशु कुमार का चयन भी सिविल सेवा में हुआ है। उसे यह सफलता पहले प्रयास में मिली। इसकी सूचना मिलने के बाद विवि के शिक्षकों ने बधाई दी। शिक्षिका ने बताया कि शिवांशु सबसे छोटा भाई है। आईआईटी दिल्ली से बीटेक किया है। उसके बाद उसने आईएएस के लिए प्रयास किया जिसमें वह सफल हुआ।