उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में जिला पंचायत चुनाव परिणाम को लेकर बुधवार को बिगड़े हालात को अफसर भांप नहीं पाए। दोपहर से ही ग्रामीण उग्र थे और अफसर समझाकर मामले को निपटा लेने की चूक कर बैठे। शाम होते ही ग्रामीण इतने उग्र हो गए कि पीएसी की बस और पुलिस चौकी को आग के हवाले कर दिए और अफसर ताकते रह गए। पुलिस वालों को भागकर जान बचानी पड़ी। इतना ही नहीं पीएसी के जवान अफसर के आदेश के इंतजार में ही खड़े रहे गए। अफसरों के पहुंचने के बाद आदेश मिला तो लाठीचार्ज कर भीड़ को खदेड़ा गया।
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गोरखपुर में ग्रामीणों का हंगामा।
- फोटो : अमर उजाला।
जानकारी के मुताबिक, मामला मंगलवार की रात मतगणना के बाद ही बिगड़ा था। तब वहां पर मौजूद आरओ ने जिले से सर्टिफिकेट जारी होने की बात कहते हुए मामले को टाल दिया। बुधवार की सुबह दूसरे को जीत का सर्टिफिकेट मिलते ही माहौल गर्म हो गया। इसके बाद भी अफसर स्थिति को समझ नहीं पाए। ब्लाक पर धरना प्रदर्शन शुरू हो गया और रास्ता जाम कर अराजकता फैलाई गई। पेट्रोल पंप पर पथराव किया गया लेकिन इन सब के बीच अफसर हालात पर काबू होने का हवाला आला अफसरों को देते रहे। अचानक शाम को आगजनी होने के बाद अफसरों के होश उड़ गए और फिर भारी फोर्स मौके पर भेजा गया।
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गोरखपुर में ग्रामीणों का हंगामा।
- फोटो : अमर उजाला।
गांव छोड़कर भागे आरोपी
रात में पुलिस ने गांवों में दबिश देना शुरू किया तो कई गांव से लोग पलायन कर गए। घर में सिर्फ महिलाएं मिली तो कई घरों पर ताला बंद मिला। पुलिस एक-एक घर की तलाशी ले रही। देर रात तक गांवों में पुलिस का पहरा रहा।
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गोरखपुर में ग्रामीणों का हंगामा।
- फोटो : अमर उजाला।
पुलिस चौकी के रिकॉर्ड बच गए
संयोग अच्छा था कि भीड़ ने पुलिस चौकी के बाहर के वाहनों और कुर्सियों में ही आग लगाई। उसके रिकॉर्ड को नुकसान नहीं पहुंचा है। फोर्स पहुंचने के बाद पुलिस चौकी के आग पर काबू पाया गया और हालात सामान्य हो सका है।
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गोरखपुर में ग्रामीणों का हंगामा।
- फोटो : अमर उजाला।
कोरोना प्रोटोकाल की अफसरों के सामने ही उड़ी धज्जियां
इस पूरे घटनाक्रम के बीच कोरोना प्रोटोकाल की धज्जियां भी खूब उड़ी, वह भी अफसरों के सामने। दोपहर में भीड़ एकत्र होकर धरना प्रदर्शन कर रही थी। मगर किसी का ध्यान इस बात पर नहीं गया कि कोरोना में जहां पर दो गज की दूरी का पालन कराया जा रहा है वहां पर भीड़ कैसे एकजुट हो गई? दूसरे कई ऐसे भी थे जिनके चेहरे पर मास्क ही नहीं था। इन सब के बीच पुलिस और प्रशासनिक अफसर किसी तरह से मामले को शांत कराना चाहते थे। कोरोना प्रोटोकाल पर किसी की नजर ही नहीं पड़ी। हालांकि अब पुलिस केस दर्ज करने की तैयारी में है। पुलिस जो केस दर्ज करेगी उसमें कोरोना नियमों के उल्लंघन की भी धारा लगाई जाएगी। एसएसपी दिनेश कुमार ने बताया कि इस मामले में कड़ी कार्रवाई पुलिस करेगी।
गोरखपुर में ग्रामीणों का हंगामा।
- फोटो : अमर उजाला।
इस तरह से हुआ घटनाक्रम
दोपहर 2:30 बजे: ब्लॉक मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन को लोग जुटने लगे।
दोपहर 3 बजे: एसडीएम मौके पर पहुंचे और समझाने की कोशिश शुरू की गई।
शाम 5 बजे: भीड़ धीरे धीरे बढ़ने लगी और लोग रास्ता जाम कर दिए।
शाम 5.40 बजे: भीड़ ब्लॉक मुख्यालय के सामने से नई बाजार चौराहे की ओर जाने लगी।
शाम 5.50 बजे: ग्रामीणों ने नई बाजार चौराहे को पूरी तरह से जाम कर दिया।
शाम 6: बजे: एक बार फिर एसडीएम और सीओ नई बाजार चौराहे पर ग्रामीणों को समझाने की कोशिश करने लगे।
शाम 6:05 बजे: ग्रामीण उग्र हो गए और पथराव शुरू कर दिए। पीएसी की बस को आग के हवाले कर दिया।
शाम 6.30 बजे : नई बाजार चौकी में घुसकर तोड़फोड़ करने के साथ ही आग लगा दिए।
रात 7.40 बजे: दमकल की गाड़ी मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया।
रात 8:5 बजे : एसएसपी भी मौके पर पहुंचे और फिर पुलिस की सख्ती गांवों में शुरू हुई।