फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: 24 गनर...लग्जरी गाड़ियों का काफिला, 'भौकाल' देख फंस गया था ठेकेदार, स्टेनो-पीआरओ भी थे फर्जी IAS संग

Sun, 14 Dec 2025 11:47 AM IST
रोहित सिंह अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर

सार

पीड़ित मुकुंद ने बताया कि फर्जी आईएएस गौरव से पहली मुलाकात सितंबर 2024 में बिहार के अररिया में हुई। वो कई गाड़ियों के काफिले के साथ होटल पहुंचा था। उसके साथ 24 बॉडीगार्ड थे, जिनके पास हथियार थे। जैसे ही वह होटल के कमरे से बाहर निकलता, सभी बॉडीगार्ड एक साथ खड़े होकर जय हिंद सर बोलते थे।
विज्ञापन
1 of 11
Fake IAS officer - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
फर्जी आईएएस के करोड़ों की ठगी के मामले की जांच में रोजाना चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। पुलिस की जांच में पता चला है कि मुख्य आरोपी ललित किशोर उर्फ गौरव कुमार सिंह खुद को आईएएस अधिकारी दिखाने के लिए अपने दोस्तों को स्टेनो और पीआरओ के तौर पर साथ रखता था।
विज्ञापन

2 of 11
Fake IAS officer - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
ये लोग ऐसा माहौल बनाए रखते थे कि सामने वाला व्यक्ति आसानी से झांसे में आ जाता था। कई टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी हैं, पुलिस को उनकी लोकेशन कोलकाता और बिहार में मिलने की बात सामने आई है। जांच अधिकारियों के अनुसार, गौरव के साथ रहने वाले दोस्त ही कभी स्टेनो बनते थे तो कभी पीआरओ।
 
विज्ञापन

3 of 11
Fake IAS Officer - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
सरकारी गाड़ियों जैसी दिखने वाली कार, मोबाइल पर लगातार कॉल और रौबदार बातचीत के जरिये लोगों को झांसे में लेता था। पुलिस को आशंका है कि यह पूरा नेटवर्क सुनियोजित तरीके से ठगी को अंजाम देता था और अलग-अलग राज्यों में सक्रिय था।
 

4 of 11
फर्जी आईएएस का साथी गिरफ्तार - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसकी ठगी का शिकार हुए मोकामा निवासी ठेकेदार माधव मुकुंद ने पुलिस को बताया है कि हर मुलाकात किसी न किसी होटल में होती थी। आरोपी अपने साथ प्रेमिका को भी रखता था और उसे अपनी भांजी बताता था। होटल में ठहरने, खाने-पीने और अन्य खर्च के भुगतान मुकुंद से कराता था।
विज्ञापन

5 of 11
फर्जी आईएएस गौरव कुमार सिंह - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मुकुंद के मुताबिक गौरव हर मुलाकात में किसी न किसी बहाने से रुपये की मांग करता था। कभी सरकारी फाइल आगे बढ़ाने के नाम पर, कभी उच्च अधिकारियों को मैनेज करने के नाम पर। वह बातों में इस तरह फंसाता था कि इन्कार करना मुश्किल हो जाता था।
विज्ञापन

6 of 11
फर्जी आईएएस का साथी गिरफ्तार - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कभी कहा जाता था कि आज नहीं दिए तो काम अटक जाएगा, तो कभी यह डर दिखाया जाता था कि ऊपर तक गलत संदेश चला जाएगा। जब भी मुकुंद ने काम होने या पैसे वापस मिलने की बात कही तो आरोपी टालमटोल करने लगा।
विज्ञापन

7 of 11
गिरफ्तार आरोपियों से बरामद सामान और जानकारी देते पुलिस अधिकारी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
24 गनर और लग्जरी गाड़ियों का काफिला देख फंसा ठेकेदार
फर्जी आईएएस की गिरफ्तारी के बाद अब ठगी के शिकार हुए लोग खुलकर सामने आने लगे हैं। बिहार के मोकामा निवासी ठेकेदार माधव मुकुंद ने बताया कि पूरी जिंदगी में गौरव जैसा शातिर जालसाज कभी नहीं देखा। करोड़ों रुपये गंवाने के बाद आज खुद को कोसते हैं कि उसके जाल में कैसे फंस गए।

8 of 11
फर्जी आईएएस का घर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मुकुंद ने पुलिस को बताया कि बिहार के सीतामढ़ी जिले का ललित किशोर उनसे गौरव कुमार सिंह के नाम से मिला था। पहली मुलाकात सितंबर 2024 में बिहार के अररिया जिले के एक होटल में हुई थी। गौरव कई महंगी गाड़ियों के काफिले के साथ होटल पहुंचा था। उसके साथ 24 बॉडीगार्ड थे, जिनके पास हथियार थे।

जैसे ही वह होटल के कमरे से बाहर निकलता, सभी बॉडीगार्ड एक साथ खड़े होकर जय हिंद सर बोलते थे। यह नजारा देखकर मुकुंद को यकीन हो गया कि सामने कोई बहुत बड़ा अधिकारी है।

10 of 11
फर्जी आईएएस का घर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पहले करता था नजरअंदाज, फिर ठेका दिलाने का दिया था झांसा 
मुकुंद ने पुलिस को बताया कि गौरव से फोन पर दो-तीन बार बात हुई। 15 अप्रैल 2025 को पटना में दोबारा मुलाकात हुई। इस मुलाकात में गौरव ने बड़े सरकारी काम दिलाने की बात कही। जब मुकुंद ने बताया कि वह सरकारी विभागों के टेंडर लेकर निर्माण कार्य कराता है तो गौरव ने 500 करोड़ रुपये का ठेका दिलाने का झांसा दिया।
विज्ञापन

11 of 11
गनर के साथ चलता फर्जी आईएएस - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसके बाद वह पूरी तरह गौरव के भरोसे हो गए। गौरव ने खुद को गोरखपुर के गुलरिहा क्षेत्र का निवासी बताया था। मुकुंद कई बार वहां जाकर उससे मिले। 450 करोड़ रुपये के ठेके का हवाला देते हुए उसने व्हाट्सएप पर दस्तावेज और अखबार की कटिंग भी भेजी थी। इसी भरोसे में तीन से चार महीने के भीतर गौरव ने उनसे पांच करोड़ रुपये से अधिक खर्च करा लिए और लक्जरी गाड़ियां भी दिलवाईं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें