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UP: प्रेग्नेंसी टेस्ट के आदेश से गुस्सा, बाथरूम में कैमरे का सच, प्रशिक्षु महिला सिपाहियों के हंगामे की कहानी

Thu, 24 Jul 2025 03:43 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर

सार

गोरखपुर में बदइंतजामी पर प्रशिक्षु महिला सिपाहियों ने प्रदर्शन किया। मामले में सेनानायक और प्लाटून कमांडर को सस्पेंड कर दिया गया। डीआईजी पीटीएस प्रतीक्षारत हैं। निहारिका शर्मा को 26 वीं वाहिनी का प्रभारी सेनानायक बनाया गया है। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला
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मायूस बैठी ट्रेनी सिपाही - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर के बिछिया स्थित 26वीं वाहिनी पीएसी ट्रेनिंग सेंटर में अव्यवस्थाओं से नाराज 2023 बैच की 598 प्रशिक्षु महिला सिपाहियों ने बुधवार सुबह जमकर हंगामा किया। वे खराब भोजन, पानी की कमी के अलावा आरटीसी प्रभारी द्वारा अभद्रता किए जाने और बाथरूम के पास सीसीटीवी लगाने का आरोप लगा रही थीं। प्रदर्शन के दौरान कुछ प्रशिक्षुओं की तबीयत बिगड़ गई, जिन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसकी जानकारी होने पर शासन ने देर शाम सेनानायक आनंद कुमार और प्लाटून कमांडर संजय राय को निलंबित कर दिया। 

वहीं गोरखपुर पीटीएस के डीआईजी एवं प्रधानाचार्य रोहन पी. कनय को प्रतीक्षारत किया गया है। कानपुर स्थित केंद्रीय रिजर्व स्टोर में तैनात निहारिका शर्मा को 26वीं वाहिनी पीएसी का प्रभारी सेनानायक बनाया गया है। 
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अस्पताल में भर्ती ट्रेनी सिपाही - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
26 वीं वाहिनी पीएसी कैंपस स्थित पुलिस प्रशिक्षण विद्यालय में 2023 बैच की नागरिक पुलिस की 598 प्रशिक्षु सोमवार से ट्रेनिंग कर रही हैं। बुधवार सुबह करीब छह बजे ये प्रशिक्षु कमांडेंट कार्यालय के सामने एकत्र हो गई और बुनियादी सुविधाओं की कमी की बात कहते हुए प्रदर्शन करने लगीं। उनका आरोप था कि शिकायत करने पर आरटीसी प्रभारी संजय राय गाली और धमकी देते हैं। 
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उल्टी करते ट्रेनी प्रशिक्षु - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
एडीजी को भेजा गोरखपुर
प्रशिक्षओं द्वारा प्रदर्शन की जानकारी मिलते ही डीजीपी राजीव कृष्ण ने पीएसी के अधिकारियों को सख्त हिदायत दी। उन्होंने एडीजी पीएसी आरके स्वर्णकार को तत्काल गोरखपुर भेजा, जो महिला सिपाहियों की समस्याओं को दूर कराने की कवायद में जुटे हैं।

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समझाते पीएसी अधिकारी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
प्रेग्नेंसी टेस्ट के आदेश ने पहले ही बिगाड़ दी थी बात
दरअसल, पीटीसी की ट्रेनिंग लेने आईं महिला प्रशिक्षुओं में आक्रोश तो चार दिन पहले प्रेग्नेंसी टेस्ट के आदेश से ही शुरू हो गया था। बिछिया में ट्रेनिंग शुरू होने के बाद परिसर में अव्यवस्था और भीषण गर्मी में बिजली कटौती ने उन्हें और भड़का दिया। फिर जिसे अपनी पीड़ा सुनाने गईं, उसने हमदर्दी या उपाय सुझाने के बजाय डांट-डपट दिया।
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पीएसी परिसर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
ऐसे में प्रशिक्षुओं को अपनी बात सुनाने के लिए आंदोलन करना ही एकमात्र विकल्प समझ में आया। पीटीसी में महिला प्रशिक्षुओं की ट्रेनिंग सोमवार से शुरू हुई थी। उससे पहले उनका स्वास्थ्य परीक्षण होना था। पीएसी गेट पर प्रदर्शन कर रहीं कुछ महिला प्रशिक्षुओं ने बताया कि डीआईजी रोहन पी ने स्वास्थ्य जांच के दौरान गर्भावस्था जांच के भी निर्देश जारी कर दिए थे। हालांकि, मामले की जानकारी के बाद आईजी ट्रेनिंग चंद्र प्रकाश ने डीआईजी का आदेश निरस्त कर दिया।
 
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पीएसी परिसर के बाहर बैठी ट्रेनी सिपाही - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उन्होंने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि किसी महिला सिपाही की गर्भावस्था जांच नहीं कराई जाएगी। अगर कोई महिला गर्भवती है तो वह स्वयं शपथ पत्र देकर बैच बदल सकती है।
हालांकि पहले वाले आदेश ने महिला प्रशिक्षुओं का तनाव बढ़ा दिया था। सबसे अधिक नाराजगी तो उन प्रशिक्षुओं में था, जिनकी अभी शादी नहीं हुई है। इसके बाद मंगलवार रात में परिसर में बिजली कटने और बुधवार सुबह पानी के संकट ने ट्रेनिंग लेने आईं महिला प्रशिक्षुओं का धैर्य तोड़ दिया।
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पीएसी के अधिकारी समझाते हुए - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
प्रदर्शन के दौरान बेहोश हो गईं पांच प्रशिक्षु
हंगामे के दौरान महिला प्रशिक्षुओं ने आरोप लगाया कि बाथरूम गंदगी से बजबजा रहा है, जहां स्नान करना संभव नहीं है। दो दिनों से उन्हें साफ पानी नहीं मिल रहा। शिकायत करने पर आरटीसी प्रभारी गाली देने के साथ ही धमकी दे रहे हैं। सुबह आठ बजे के बाद रात में आठ बजे ही कुछ खाने को मिलता है। एक कमरे में 30 प्रशिक्षुओं को रोका गया है। कमरे में मात्र एक पंखा व एक कूलर है। टीनशेड के नीचे सोने की वजह से उनकी हालत खराब है। 

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धरने पर बैठी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
नहाने के लिए टोटियां भी कम हैं। खुले में नहाना पड़ता है। वहां किसी ने शिकायत पर गंभीरता नहीं दिखाई तो सभी प्रशिक्षु सुबह सात बजे पीएसी के मुख्य गेट पर आकर सड़क पर धरने पर बैठ गईं। विरोध प्रदर्शन के दौरान तेज धूप व गर्मी की वजह से प्रशिक्षु मुस्कान, स्वाति, ऋचा दीक्षित, आरुषि व कोमल राय बेहोश होकर गिर पड़ीं। आनन-फानन उन्हें जिला अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। इस घटना के बाद विरोध प्रदर्शन तेज हो गया। परिसर से बाहर निकलीं महिला प्रशिक्षु अफसरों पर मनमानी और उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए इस्तीफा देने की चेतावनी देने लगीं। 

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धरने पर बैठी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मामले की जानकारी मिली तो एसएसपी राजकरण नैय्यर मौके पर पहुंचे। पीएसी कमांडेंट समेत कई अन्य प्रशिक्षण विद्यालय के अफसर भी महिला प्रशिक्षुओं को समझाने लगे। बात नहीं बनी तो पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर सुबह 11 बजे पहुंचे पीएसी कमांडेंट आनंद कुमार, सीओ दीपाली राठौर ने महिला प्रशिक्षुओं को सभी समस्याओं का यथाशीघ्र समाधान कराने की बात कहकर शांत कराया। इसके बाद धीरे-धीरे महिला प्रशिक्षु शांत होकर बैरक में लौट गईं। 

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ट्रेनी प्रशिक्षु - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ी संख्या में की गई महिला पुलिस कर्मियों की नियुक्ति
यूपी पुलिस में 2 लाख 20 हजार 450 पदों पर पुलिस कर्मियों की भर्ती हुई। इसमें 27,178 से अधिक महिला पुलिस कर्मियों को नियुक्त करते हुए 10,378 से अधिक महिला बीटों का आवंटन किया गया है। यूपी में महिला पीएसी बटालियन का नाम रानी अवंतीबाई लोधी, ऊदा देवी और झलकारीबाई के नाम रखा गया। ये बटालियन बदायूं, लखनऊ और गोरखपुर में स्थापित हैं। महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं सशक्तिकरण के लिए मिशन शक्ति 5.0, ऑपरेशन गरुड़, ऑपरेशन शील्ड, ऑपरेशन डिस्ट्रॉय, ऑपरेशन बचपन, ऑपरेशन खोज, ऑपरेशन ईगल, ऑपरेशन रक्षा इत्यादि संचालित किए जा रहे हैं।

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नाराज प्रशिक्षु - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
प्रशिक्षु महिलाओं के जाने के बाद बंद किया गया गेट
पीएसी कमांडेंट आनंद कुमार और सीओ दीपांशी राठौर ने महिला प्रशिक्षुओं को समझा कर शांत कराया और पीएसी परिसर में भेज मेन गेट बंद करा कर फोर्स तैनात कर दिया। उसके बाद प्रशिक्षु महिलाएं प्रशासनिक भवन के सामने बैठ गईं। उनका कहना था कि जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया जाएगा, तब तक ट्रेनिंग सेंटर में नहीं जाएगी। हालांकि, काफी मान-मनौव्वल के बाद महिलाएं ट्रेनिंग सेंटर में लौट गईं।
 

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प्रदर्शन करते प्रशिक्षु - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सोशल मीडिया पर पूरे दिन रही चर्चा
महिला रिक्रूट के आरोपों के बाद सोशल मीडिया पर भी पूरे दिन इसी मामले की चर्चा रही। सपा मुखिया अखिलेश यादव के पोस्ट के बाद एडीजी पीएसी ने अपने एक्स हैंडल से सफाई देते हुए बाथरूम में कैमरे लगाए जाने की बात को निराधार बताया। साथ ही अनुशासनहीनता एवं सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात कही।

 

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प्रदर्शन करते प्रशिक्षु - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आईजी पीएसी बोले: सोशल मीडिया पर फैलाई गई अफवाह
26 वीं वाहिनी पीएसी गोरखपुर में रिक्रूट महिला आरक्षियों के विरोध प्रदर्शन पर अपर पुलिस महानिदेशक (पीएसी) मध्य जोन डॉ. प्रीतिंदर सिंह ने कहा कि तकनीकी कारणों से विद्युत आपूर्ति बाधित होने से अस्थायी रूप से जलापूर्ति प्रभावित हुई थी। आईजी पीएसी के अनुसार, बाथरूम में कैमरा लगाने की बात पूरी तरह से निराधार और तथ्यहीन है, सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाई गई है। महिला रिक्रूट्स के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करने वाले को निलंबित कर दिया गया है।

 
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प्रदर्शन करते प्रशिक्षु - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अस्थायी रूप से जलापूर्ति प्रभावित हुई थी। उसे ठीक कर दिया गया है। बाथरूम में कैमरा लगाने की बात जांच में पूरी तरह से निराधार और तथ्यहीन पाई गई है।- डॉ. प्रीतिंदर सिंह, आईजी पीएसी मध्य जोन

 
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