वैसे तो भाजपा ने यूपी के विधानसभा उपचुनावों में शानदार प्रदर्शन किया है, लेकिन देवरिया विधानसभा क्षेत्र से जीत के संदेश अलग हैं। यह सीट ब्राह्मण बहुल है। भाजपा के साथ सपा, बसपा और कांग्रेस ने भी चुनाव मैदान में ब्राह्मण प्रत्याशियों को उतारा था। चर्चा थी कि देवरिया की जीत-हार ही ब्राह्मणों का रुख बताएगी। संदेश देगी कि 'भगवान परशुराम' के वंशजों का रुख किस पार्टी की ओर है।
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जीत का जश्न मनाते डॉ. सत्य प्रकाश मणि त्रिपाठी व अन्य।
- फोटो : अमर उजाला।
अब नतीजा आ गया है। भाजपा प्रत्याशी डॉ. सत्यप्रकाश मणि त्रिपाठी को बड़ी जीत मिली है। भाजपा रणनीतिकार उत्साहित हैं, उनका कहना है कि 'भगवान परशुराम' के वंशजों की कृपा भाजपा पर बरकरार है। उनका कहना है कि कानपुर के बिकरू कांड के बाद प्रदेश में गलत बयानी के जरिए ब्राह्मणों को उकसा कर भाजपा से दूर करने का प्रयास हुआ। राजनीतिक दलों ने सरकार के कामकाज पर गंभीर सवाल उठाए और जवाब भी मांगें। ये भी कहा कि यूपी की जनता विधानसभा उपचुनावों में ही भाजपा को सबक सिखाएगी। अब नतीजे आ गए हैं। सभी तरह के संशय दूर हो गए हैं।
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भाजपा नेताओं ने सुशासन की जीत बताई।
- फोटो : अमर उजाला।
दरअसल, देवरिया सदर विधानसभा क्षेत्र में सर्वाधिक 50-55 हजार ब्राह्मण मतदाता हैं। इन सबको प्रमुख राजनीतिक दलों के ब्राह्मण प्रत्याशियों में से किसी एक को चुनना था। मतगणना शुरू हुई तो भाजपा का पलड़ा भारी दिखा। पहली बार चुनाव मैदान में उतरे भाजपा प्रत्याशी डॉ. सत्य प्रकाश मणि त्रिपाठी को पहले ही राउंड की मतगणना से बढ़त मिल गई। यह सिलसिला मतगणना खत्म होने तक जारी रहा। लिहाजा, भाजपा नेता जातिगत राजनीति करने वाले विपक्षियों पर अब आक्रामक हैं। भाजपा गोरखपुर क्षेत्र के अध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह का कहना है कि विपक्ष की जातिगत राजनीति का दांव अब नहीं चलेगा। देवरिया की जनता ने विपक्षी दलों को आइना दिखा दिया है। समाज का हर तबका पार्टी के साथ है। समझदार मतदाता जाति-धर्म की राजनीति से ऊपर उठकर सोचते हैं। विकास, कानून-व्यवस्था, रोजगार और जनकल्याणकारी योजनाओं को ध्यान में रखकर मतदान करते हैं। यही देवरिया में भी हुआ है।
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अजय कुमार सिंह पिंटू।
- फोटो : अमर उजाला।
बागी भी नहीं रोक पाए भाजपा का विजय रथ
देवरिया सदर से भाजपा विधायक स्वर्गीय जन्मेजय सिंह के बेटे अजय कुमार सिंह 'पिंटू' ने बगावत कर दी थी। पार्टी ने समझाने का प्रयास किया, लेकिन नहीं माने और नामांकन कर दिया। इससे भाजपा नेताओं की चिंता बढ़ी थी। कहा गया कि निर्दलीय अजय को जितना मत मिलेगा, उसका सीधा नुकसान भाजपा को होगा। हुआ भी वही। निर्दलीय अजय कुमार सिंह 'पिंटू' को 19299 मत मिले हैं। निर्दलीय को अच्छा समर्थन मिलने के बाद भी भाजपा का विजय रथ नहीं रुक सका। भाजपा नेताओं का कहना है कि यदि पार्टी का बागी चुनाव मैदान में न उतरता तो भाजपा की जीत और बड़ी हो सकती थी।
कांग्रेस प्रत्याशी की जमानत जब्त
विधानसभा उपचुनाव दमखम से लड़ने का दावा करने वाली कांग्रेस देवरिया में प्रत्याशी की जमानत तक नहीं बचा सकी है। कांग्रेस प्रत्याशी मुकुंद भास्कर मणि त्रिपाठी को निर्दलीय प्रत्याशी से भी कम मत मिले हैं। चुनाव आयोग ने जो आंकड़ा जारी किया है, उसके मुताबिक कांग्रेस प्रत्याशी को 3692 मत ही मिल सके हैं। नियमानुसार, जो प्रत्याशी विधि मान्य मतों के छठवें भाग से ज्यादा मत पाने में असफल होता है, उसकी जमानत जब्त होती है। इसका मतलब है कि नामांकन के दौरान जो जमानत राशि जमा होती है, वह वापस नहीं मिलती है। चुनाव आयोग जमानत राशि जब्त कर लेता है।