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गोरखपुर में कोरोना का कहर जारी: बीआरडी में पांच संक्रमितों की मौत, 542 नए मिले मरीज

Mon, 17 May 2021 10:31 AM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।

सार

गोरखपुर जिले में संक्रमितों की संख्या 54474 हुई, 568 की हो चुकी है मौत, 6866 सक्रिय मरीज
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कोरोना वायरस। - फोटो : Amar Ujala
गोरखपुर जिले में कोरोना संक्रमित मरीजों के साथ मौतों की भी संख्या घटने लगी है। 24 घंटे में पांच संक्रमितों की मौत हुई, इसमें तीन गोरखपुर के थे। वहीं, रविवार को 542 कोरोना के नए मरीज मिले हैं। सीएमओ डा. सुधाकर पांडेय ने बताया कि जिले में संक्रमितों की संख्या 54474 हो गई है। 47040 लोग स्वस्थ हो चुके हैं। 568 की मौत हुई है। अभी 6866 सक्रिय मरीज हैं। जानकारी के मुताबिक, गोरखपुर के कजाकपुर निवासी 80 वर्षीय व्यक्ति व गोरखनाथ निवासी 44 वर्षीय महिला मेडिकल कालेज के कोरोना वार्ड में भर्ती थीं। रविवार को उनकी मौत हो गई। इसी वार्ड में भर्ती गोला बाजार के एक व्यक्ति ने भी अंतिम सांस ली। इसके अलावा दिल्ली व देवरिया के भी एक-एक मरीज की मौत हो गई। वहीं गोरखपुर जिले में कोरोना से निजात के लिए महिलाएं भगवान को जल चढ़ा रही हैं। कोरोना से निजात के लिए जहां स्वास्थ्य विभाग वैज्ञानिक तरीके से लड़ रहा है। बावजूद इसके संक्रमण से मौतों का सिलसिला जारी है।  आगे की स्लाइड्स में पढ़ें पूरी खबर
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कोरोना से निजात पाने के लिए पूजा करती महिलाएं। - फोटो : अमर उजाला।
गोरखपुर में अब कुछ लोगों ने कोरोना के खिलाफ लड़ाई में आस्था को भी हथियार बनाया है। शहर के अनेक मोहल्लों में महिलाएं नीम की पत्ती से युक्त जल मां काली को चढ़ा रही हैं। रविवार को आर्यनगर, शाहपुर, बशारतपुर, बहरामपुर, जाफरा बाजार आदि जगहों पर महिलाएं सड़क और चौराहों पर मां काली के नाम पर जल देती दिखीं। महिलाएं खड़ी होकर मां काली से कोरोना से निजात के लिए प्रार्थना कर कर रही थीं। अंत में जल चढ़ाकर मंगलकामना की।

 
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कोरोना वायरस - फोटो : अमर उजाला
बेटे की मौत के सदमे में मां की भी गई जान  
वहीं गीडा थाना क्षेत्र के कोल्हुई गांव में दस दिन के भीतर पहले बेटे और फिर मां की मौत से मातम छा गया है। बताया जा रहा है कि, पांच मई को बेटे साधु (41) की मौत के बाद से ही मां सोनमती (81) सदमे में थी। उन्होंने खाना पीना छोड़ दिया था। रविवार को उनकी भी मौत हो गई।

 

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covid 19 - फोटो : PTI
जानकारी के मुताबिक, साधु की मौत के बाद से मां अवसाद में चली गईं थीं। घरवाले और रिश्तेदारी के लोग उन्हें समझाने की कोशिश कर रहे थे लेकिन बेटे की मौत पर वह यकीन नहीं कर पा रहीं थीं। बेटे की मौत के दिन से ही उन्होंने खाना नहीं खाया। जिसकी वजह से रविवार को उनकी सांसे थम गईं।

 
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covid-19 - फोटो : amar ujala
 इसी महीने की 20 तारीख को मृतक साधु के लड़के छोटू तथा 16 जून को लड़की प्रीती की शादी तय थी। कुछ ही दिनों के अंदर मां-बेटे कि मृत्यु से गांव में शोक की लहर है। मां-बेटे दोनों का कोरोना टेस्ट नहीं हुआ था।
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