शहर में पांच वेंडिंग जोन हैं। इनमें से तीन तो पूरी तरह से वीरान पड़े हैं। नौका विहार के वेंडिंग जोन में नाम मात्र की ही दुकानें हैं पर कमाई न के बराबर है। दुकानदारों का कहना है कि इसे बनाने की मंशा तो काफी अच्छी रही लेकिन बाजार के लिए उपयुक्त स्थान नहीं चुना गया जिससे यहां दुकानें होने पर रोजगार संभव नहीं है।
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गोरखपुर नगर निगम व जीडीए
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
शहर के पटरी दुकानदारों की सहूलियत के लिए वेडिंग जोन योजना लागू की गई। करोड़ों रुपये खर्च हो गए पर जिनके लिए यह योजना बनाई गई वे दुकानदार नाखुश हैं। वे यहां दुकान लगाने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि जिन स्थानों पर वेडिंग जोन बनाए गए हैं, वहां तक ग्राहकों का पहुंचना नामुमकिन है।
इसी वजह से उन्होंने दुकान लगाने से ही इन्कार कर दिया। इक्का-दुक्का लोगों ने वहां दुकानें लगाईं जरूर हैं पर उनका भी कहना है कि दुकान के लिए लोकेशन का चयन गलत हुआ है।
शहर में पांच वेंडिंग जोन हैं। इनमें से तीन तो पूरी तरह से वीरान पड़े हैं। नौका विहार के वेंडिंग जोन में नाम मात्र की ही दुकानें हैं पर कमाई न के बराबर है। दुकानदारों का कहना है कि इसे बनाने की मंशा तो काफी अच्छी रही लेकिन बाजार के लिए उपयुक्त स्थान नहीं चुना गया जिससे यहां दुकानें होने पर रोजगार संभव नहीं है।
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तारामंडल के नौका विहार में बना वेडिंग जोन विरान पड़ा है
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
नौकायन पर सड़क से काफी अंदर की तरफ बना दिया फूड जोन
हाईलाइटर : दो साल पहले 3.50 करोड़ रुपये खर्च कर बनाया गया
तारामंडल के नौका विहार में घूमने आने वालों की संख्या को देखते हुए यहां पर फूड जोन बनाया गया। 121 दुकानें बनाने में दो साल पहले 3.50 करोड़ रुपये खर्च हुए थे। 121 में से महज 18-19 दुकानें ही यहां चल रही हैं। दुकान चला रहे दुकानदारों का कहना है कि कमाई न के बराबर है। सड़क से काफी अंदर होने के कारण लोग यहां कम आते हैं।
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गोरखपुर हाट
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पार्क रोड पर खाली पड़ा है गोरखपुर हाट
हाईलाइटर : 1.88 करोड़ खर्च, पर किसी काम का नहीं
शहर के पार्क रोड पर निजी मॉल के सामने जीडीए की ओर से दो साल पहले यहां गोरखपुर हाट के नाम से वेंडिंग जोन बनाया गया। इसमें 56 दुकानों का एक बाजार बनाया गया है। इसका शुभारंभ तक नहीं हुआ। इसकी जमीन पर मुकदमा भी चल रहा है। इसे बनाने में 1.88 करोड़ खर्च हुए। हाट के पास ठेले वाले मनोज ने कहा कि यह वेंडिंग जोन दो साल से ऐसे ही पड़ा हुआ है। इसमें एक भी दुकानें नहीं चलती हैं। इसके चलने से काफी को रोजगार मिलेगा व लोगों को भी जायका का आनंद मिलेगा।
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वेंडिंग जोन टीपी नगर
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
ट्रांसपोर्टनगर में 10 शेड का जोन बन गया डंपिंग यार्ड
हाईलाइटर : 2.39 करोड़ से बना, लोग आते ही नहीं
नगर निगम ने 2020 में ट्रांसपोर्ट नगर में वेंडिंग जोन बनाया था। यह जगह फल, सब्जी व अन्य ठेले वालों के लिए प्रस्तावित थी। यह योजना भी सफल नहीं रही। इसे बनाने में 2.39 करोड़ का खर्च आया। जोन के पास मौजूद सोनू निषाद बताते हैं कि यह सड़क के किनारे तो है लेकिन ऐसी जगह पर है जहां लोग आते-जाते नहीं हैं। लोग आएंगे नहीं तो बाजार चलेगा कैसे, इसी कारण यहां कोई दुकानदार आना ही नहीं चाहता है। वेडिंग जोन डंपिंग यार्ड बन गया है, यहां पर कबाड़, सीमेंट व तार का ढेर नजर आता है।
झाड़ियों से घिरा है कचहरी बस स्टेशन के पास बना वेंडिंग जोन
हाईलाइटर : 1.06 करोड़ रुपये खर्च कर बनाया, खंडहर में हो रहा तब्दील
शहर के आंबेडकर चौक के समीप कचहरी बस स्टेशन है। इसके अंदर से होकर जाने पर बाएं तरफ नगर निगम ने वेंडिंग जोन बनाया है। यह झाड़ियों से घिरा हुआ है। वर्ष 2021 में इसको बनाया गया, इसे बनाने में लगभग 1.06 करोड़ रुपये खर्च किए गए, लेकिन यह आज तक बेकार पड़े हैं। खंडहर का रुप ले रहा यह वेंडिंग जोन अपना हाल खुद ही बयां कर रहा है।
मनमाने ढंग से चल रहा रुस्तमपुर का वेंडिंग जोन
रुस्तमपुर में वेंडिंग जोन बना तो है लेकिन आवंटन नहीं हुआ है। 2020-21 में इसे 37 लाख रुपये खर्च कर बनाया गया था। कोई निगरानी न होने के कारण सब्जी बेचने वालों ने यहां ठेला लगाना शुरू कर दिया और अब वे स्थायी रूप से यहां दुकान लगाने लगे हैं। आसपास के दुकानदारों का कहना है कि सड़क की ओर दुकानों का फ्रंट करना चाहिए था। गलत डिजाइन के कारण यहां दुकान लगाने को कोई तैयार नहीं हो रहा है, क्योंकि ग्राहक ही नहीं पहुंच पाएंगे।
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दुकानदार अनिल व सुभाष
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
रुस्तमपुर वेंडिंग जोन में ठेले वाले मनमाने तरीके से दुकान लगाते हैं। यहां छोटा सा शेड बनाया गया है लेकिन दुकान किसी को आवंटित नहीं है। इसे सड़क की ओर दुकानों को फ्रंट कर सारी सुविधाएं देते तो यह ज्यादा कारगर होती: सुभाष साहनी, रुस्तमपुर
काफी अंदर होने के कारण लोग यहां आना पसंद नहीं करते हैं। इसे मुख्य सड़क के किनारे होना चाहिए था: अनिल, नौका विहार
शहर में कई जगह वेंडिंग जोन बने हैं जो बेकार पड़े हैं। इसकी उपयोगिता नहीं है। यह मामला मेरे संज्ञान में आया है। जल्द ही इसका निरीक्षण कर अधिकारियों से वार्ता के बाद इसको उपयोग में लाया जाए इस पर विचार कर कार्य किया जाएगा ताकि व्यापारियों व लोगों को लाभ हो सके: अजय जैन, नगर आयुक्त, नगर निगम