ग्रामीणों की जुटी भीड़।
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खेती के नाम पर थोड़ी जमीन है। गांव के जगदीश प्रसाद, रंगीलाल मौर्या, राजेश कुमार ने बताया कि तीनों परिवार के लोग पहले से ही मुफलिसी की जिंदगी जी रहे थे। हादसे के बाद सबके परिवार का निवाला छिन गया है। गांव के प्रधान विनोद कसौधन, मनोज सिंह, परमात्मा मौर्या, छेदीलाल भी पल्लेदारों की मौत से सदमे में है।