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तस्वीरें: चंद मिनट में ही बुझ गया तीन घरों का चिराग, मुफलिसी में जी रहा था तीनों का परिवार

Sat, 05 Sep 2020 09:29 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, बस्ती।
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रोते- बिलखते परिजन।(मृतकों की फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला।
उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले गुरुवार को हुए सड़क हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई है। गरीबी का दर्द झेल रहे पल्लेदारों का परिवार अब पूरी तरह से संकट में आ गया है। हादसे के बाद धर्मसिंहपुर गांव के तीन घरों में परिवार की चीख सुनकर हर किसी की आंखें भर जा रही थीं। महिलाओं और बच्चों की चीख-पुकार से पूरे गांव में कोहराम मचा था। तीनों पल्लेदारों की मौत से पूरे क्षेत्र में लोग सदमे में हैं।
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रोते- बिलखते परिजन व ग्रामीणों की जुटी भीड़। - फोटो : अमर उजाला।
हादसे के शिकार पल्लेदार कनिकराम के बड़े भाई तिलक राम और पिता छोटई की पहले ही मौत हो चुकी थी। परिवार में 65 वर्षीय माता सनपता के अलावा पत्नी संपता देवी के अलावा बड़ा बेटा विष्णु 10 वर्ष, छोटा बेटा दिपांशु सात वर्ष और पांच वर्ष की बेटी दीपिका है। जबकि लल्लन के परिवार में मां केवला देवी 70 वर्ष और पत्नी गुंजन 25 वर्ष का रो-रोकर बुरा हाल है।
 
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रोते- बिलखते परिजन। - फोटो : अमर उजाला।
पिता तुलसीराम की तीन साल पहले मौत हो गई थी। खेती के नाम पर दो बिस्सा जमीन है। गुड्डू के परिवार की हालत काफी दयनीय है। फूस की झोपड़ी में गुजारा होता है। पिता राम जनक की कई साल पहले मौत हो गई थी। पत्नी गुड़िया 25 वर्ष, पुत्र अमन सात वर्ष और बेटी संजना के अलावा माता शांति देवी 65 वर्ष हैं। परिवार के और सदस्य अलग रहते हैं।

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ग्रामीणों की जुटी भीड़। - फोटो : अमर उजाला।
खेती के नाम पर थोड़ी जमीन है। गांव के जगदीश प्रसाद, रंगीलाल मौर्या, राजेश कुमार ने बताया कि तीनों परिवार के लोग पहले से ही मुफलिसी की जिंदगी जी रहे थे। हादसे के बाद सबके परिवार का निवाला छिन गया है। गांव के प्रधान विनोद कसौधन, मनोज सिंह, परमात्मा मौर्या, छेदीलाल भी पल्लेदारों की मौत से सदमे में है।
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रोते- बिलखते परिजन व ग्रामीणों की जुटी भीड़। - फोटो : अमर उजाला।
रात को आढ़ती के गोदाम पर उतरा सरकारी चावल
जो चावल मजदूर उतारने गए थे, वह गरीबों में बांटा जाने वाला सरकारी आपूर्ति का चावल बताया जा रहा है। संदेह है कि आखिर रात में आढ़तिया के गोदाम पर उसे क्यों उतारा जा रहा था। माना जा रहा है कि सरकारी अनाज की कालाबजारी का मामला है। इस पर अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। पुलिस का कहना है कि इस बिंदु पर भी जांच की जा रही है।
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