भारत में कोरोनावायरस के संक्रमण की जानकारी के बाद नेपाल सरकार ने अपने सभी मुख्य मार्गों पर संक्रमण की जांच के लिए स्वास्थ्य जांच चौकी स्थापित की है। वीरगंज के इनर्वा में भी जांच के लिए चौकी की स्थापना कर तीन स्वास्थ्य कर्मी तैनात किए गए थे। संक्रमण का भय सताने के कारण जांच के लिए तैनात कर्मी चौकी छोड़ ड्यूटी से गायब हो गए हैं।
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- फोटो : अमर उजाला
इस मुख्य मार्ग पर प्रतिदिन 10 हजार लोगों का आवागमन होता है। जानकारी के अनुसार शनिवार से ही जांच चौकी पर कर्मी नजर नहीं आ रहे हैं। वीरगंज महानगर पालिका के नगर प्रमुख विजय सरावगी ने बताया कि सरकार के निर्देश पर स्वास्थ्य जांच शिविर की स्थापना की गई।
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अबतक स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा व संक्रमण की जांच के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं दिए जाने के कारण बढ़ते संक्रमण को देखते हुए कर्मी भयभीत हो जांच चौकी पर नहीं बैठ रहे हैं। प्रमुख जिलाधिकारी विष्णु कुमार कार्की का कहना है कि इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। अगर ऐसा है तो गंभीर मामला है। स्वास्थ्य कर्मियों को जांच शिविर स्थल पर जाने का निर्देश दिया जाएगा।
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नेपाल जाने वालों को देना होगा प्रमाण पत्र
वहीं नेपाल प्रवेश करने पर विदेशी नागरिकों को अब कोरोनावायरस से संक्रमित न होने का प्रमाण पत्र दिखाना होगा। यह नियम चीन, दक्षिण कोरिया, इटली, ईरान व जापान से आने वाले लोगों पर मंगलवार से लागू हो गया है।
अध्यागमन विभाग महानिदेशक ईश्वर राज पौडेल के मुताबिक कोरोनावायरस को लेकर नेपाल सरकार गंभीर है। इसी क्रम में नया नियम लागू किया गया है।
उन्होंने कहा कि इसमें विदेशियों को नेपाल आने के लिए स्वास्थ्य विभाग से प्रमाण पत्र लाना अनिवार्य कर दिया गया है। इसमें यह स्पष्ट तौर पर उल्लिखित होना चाहिए कि संबंधित व्यक्ति कोरोनावायरस के संक्रमण से मुक्त है। नेपाल गृह मंत्रालय ने नेपाल स्थित विदेशी कूटनीतिक नियोग को पत्राचार कर इस बारे में जानकारी दे दी है। चीन, दक्षिण कोरिया, इटली, ईरान व जापान से आने वाले लोगों पर यह नियम मंगलवार से लागू हो गया है।