अलमारी को खोलने के लिए कहा। पता चला कि उसकी चाबी ही गायब हो गई है। तब धर्मशाला बाजार से ताल-चाबी की दुकान चलाने वाले कारीगर भोला प्रसाद को बुलाया गया। उन्होंने 15 मिनट में लॉक तोड़ दी। हालांकि अलमारी में कोई ऐसा सामान नहीं मिला। फिर टीम ने भोला को वापस भेज दिया।
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ईडी के अधिकारी तिवारी हाते से बाहर आते हुए
- फोटो : अमर उजाला
धर्मशाला स्थित स्व. पंडित हरिशंकर तिवारी के हाता पर सुबह छह बजे ईडी का छापा पड़ा तो इलाके में हड़कंप मच गया। घर की जांच चल रही थी, इस दौरान टीम ने घर के सदस्यों से एक कमरे की अलमारी को खोलने के लिए कहा। पता चला कि उसकी चाबी ही गायब हो गई है।
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अलमारी का ताला तोड़कर बाहर आते कारीगर
- फोटो : अमर उजाला
तब धर्मशाला बाजार से ताल-चाबी की दुकान चलाने वाले कारीगर भोला प्रसाद को बुलाया गया। उन्होंने 15 मिनट में लॉक तोड़ दी। फिर नया लॉक भी लगाया।बताया जा रहा है कि चाबी गायब होने की बात पर ईडी की टीम को अलमारी में कुछ होने का संदेह हुआ।
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प्रिंटर लेकर बाहर आते ईडी टीम के अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
इस वजह से लॉक तुड़वाया, हालांकि उस अलमारी में कुछ भी नहीं मिला। इसके बाद कारीगर भोला प्रसाद को वापस भेज दिया गया। टकटकी लगाए रहे समर्थकतिवारी हाते के गेट पर टीम के साथ आए सुरक्षा कर्मी तैनात रहे, अंदर टीम जांच पड़ताल करती रही।
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पूर्व सांसद भीष्म शंकर उर्फ कुशल तिवारी
- फोटो : अमर उजाला
छापा की सूचना पर समर्थकों का भी आना-जाना शुरू हो गया। कुछ लोग हाते के अंदर भी गए, लेकिन सुरक्षा कर्मियों ने कोई रोक-टोक नहीं की। वहीं हाते की सामने एक चाय की दुकान पर सुबह से ही 15- 20 समर्थक बैठे रहे। वे दोपहर तक वहां पर बैठकर अंदर की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थे।
इसी तरह धर्मशाला स्थित तिवारी हाता के अगल-बगल से लोग छतों और आस-पास खड़े होकर अंदर झांकते दिखे। जैसे ही ईडी की टीम बाहर निकली, सभी समर्थक अंदर जाकर पूर्व सांसद कुशल तिवारी से मिले।