थाईलैंड की राजकुमारी चुलबोर्न क्रोम कुशीनगर की तीन दिवसीय धार्मिक यात्रा पूरी कर रविवार सुबह थाई मंदिर से निकलकर गोरखपुर एयरपोर्ट के लिए काफिले के साथ रवाना हो गईं। इस दौरान थाई मंदिर से सड़क तक जगह-जगह राजकुमारी का स्वागत हुआ।
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थाईलैंड की राजकुमारी वापस लौटीं।
- फोटो : अमर उजाला
राजकुमारी शुक्रवार को कुशीनगर पहुंची थीं। शनिवार को दिन भर मुख्य महापरिनिर्वाण मंदिर, रामाभार स्तूप पर विशेष पूजा कर चीवर चढ़ाया। कुशीनगर में उनके पिता की तरफ से निर्मित कराए गए थाई क्लीनिक का निरीक्षण भी किया गया। तो वहीं थाई मंदिर के अंदर बौद्ध भिक्षुओं को चीवर और भोजन दान किया। इसके अलावा मंदिर के राजा की प्रतिमा व थाई चैत्य पर विशेष पूजा की।
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तीन दिवसीय यात्रा पर कुशीनगर आईं थीं थाईलैंड की राजकुमारी।
- फोटो : अमर उजाला
रविवार को निर्धारित समय पर राजकुमारी अपने कमरे से निकलीं। दोनों तरफ से उनके अनुयायी स्वस्थ और दीर्घायु होने की कामना कर रहे थे। राजकुमारी सबका अभिवादन स्वीकार करती हुई कार में बैठ गईं। कार के आगे दोनों तरफ थाई पोशाक में कलाकार अपने हाथों में पुष्प लिए उनका अभिवादन किए।
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रविवार को निर्धारित समय से अपने काफिले के साथ निकली राजकुमारी।
- फोटो : अमर उजाला
राजकुमारी का काफिला मंदिर से बाहर निकला तो सड़क पर लिन्हसन बुद्धिस्ट इंटर कॉलेज के 400 छात्र-छात्राओं ने सड़क के दोनों तरफ खड़े होकर एक हाथ में भारत और दूसरे हाथ में थाई झंडा लहराते हुए उनका अभिवादन किया।
राजकुमारी ने भगवान बुद्ध की लेटी प्रतिमा पर चीवर चढ़ाया।
- फोटो : अमर उजाला।
स्वागत के दौरान उनका काफिला धीमी गति से चल रहा था और राजकमारी बंद कार के शीशे से अभिवादन स्वीकार कर रहीं। इस मौके पर थाई राजदूत शुतीनथोन खोंगसक, आचान फ्रा कनाभियूवीकर, पी दमयोधिओंग, डॉ. पी खोमसान, पी. सोंगफोंग, पी. सोगक्रान, अंबिकेश त्रिपाठी, जितेंद्र राय, आदित्य राय, विवेक गोंड, ओमप्रकाश कुशवाहा, सूरज यादव, शुभम दीक्षित आदि मौजूद थे।