Gorakhpur temple
- फोटो : अमर उजाला।
वैसे तो ग्रहण की शुरुआत रविवार की सुबह 10 बजकर 32 मिनट से हुई लेकिन ग्रहण का सूतक काल शनिवार की रात दस बजकर पांच मिनट से लग गया था। सूतक लगने के बाद मंदिरों के कपाट बंद कर दिए गए थे। मंदिरों के दरवाजों पर ताला लगा दिया गया। जिससे कोई मंदिर में प्रवेश न कर सके। रविवार की सुबह सड़कों पर आम दिनों की तुलना में कम चहल-पहल दिखी। लोग ग्रहण के कारण घरों से बाहर नहीं निकले।