कोरोना संकट के बीच पढ़ाई एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आई। स्कूल-कॉलेज बंद हो गए, ऑनलाइन क्लास की आदत नहीं थी, लेकिन इस चुनौती को शिक्षक और विद्यार्थियों ने अवसर के रूप में लिया। प्राथमिक स्तर पर बच्चों को ई-क्लास से जोड़कर समझाना आसान न था, लेकिन शिक्षकों ने विपरीत हालात में बच्चों को तराशने की कोशिश की। अमर उजाला ने गोरखपुर जिले के प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा के शिक्षक और प्राचार्य से बात की। सभी का मानना है कि हालात सामान्य होने पर भी ऑनलाइन शिक्षा देने का महत्व कम न होगा, क्योंकि समय की घड़ी और तकनीक उल्टी दिशा में नहीं चलते।