आजादी के 75 वर्ष पूरे होने पर जिले की सभी 1294 पंचायतों में अमृत सरोवर का निर्माण कराया जाना है। तय हुआ था कि 15 अगस्त तक तालाब का काम पूरा कर लेना है और वहीं पर ध्वजारोहण होगा। तालाब से तेज ध्वजारोहण के लिए चबूतरे का निर्माण हुआ। जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों ने राष्ट्रध्वज फहराया और फिर सरोवर के काम की रफ्तार घटती चली गई।
अमर उजाला की पड़ताल में कुछ पंचायतों में निर्माण कार्य पूरा मिला, मगर ज्यादातर जगहों पर तालाब का आकार देकर छोड़ दिया गया है। कहीं मिट्टी खोदी जा रही है। ज्यादातर तालाबों का पक्का निर्माण बाकी है। कोई मनरेगा और राज्य वित्त में बजट का रोना रो रहा है तो कोई बारिश को रोड़ा बता रहा है।
वहीं, सरोवर के लिए नोडल बनाए गए मनरेगा विभाग के उपायुक्त राजमणि वर्मा का कहना है कि इस साल 15 अगस्त तक 20 फीसदी यानी 259 तालाब बनाने का लक्ष्य था। 243 तालाब बन गए हैं। जल्द ही लक्ष्य पूरा हो जाएगा। उनका कहना है कि शासन से 15 अगस्त 2023 तक जिले की सभी पंचायतों में तालाब के निर्माण का कार्य पूरा करने का लक्ष्य है। बारिश की वजह से थोड़ा काम प्रभावित जरूर हुआ है मगर बजट का कोई अभाव नहीं है।