सुपरमून 2021।
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खगोलविद ने बताया कि चंद्रग्रहण के दौरान पृथ्वी की छाया की वजह से धरती से चांद काला दिखाई देता है। चंद्रग्रहण के दौरान कुछ सेकेंड के लिए चांद पूरी तरह लाल भी दिखाई देगा। यह स्थिति तब आती है जब सूर्य की रोशनी छितराकर चांद तक पहुंचती है। परावर्तन के नियम के अनुसार हमें कोई भी वस्तु उस रंग की दिखती है जिससे प्रकाश की किरणें टकरा कर हमारी आंखों तक पहुंचती है। चूंकि सबसे लंबी तरंग दैर्ध्य (वेवलेंथ) लाल रंग की होती है और सूर्य से सबसे पहले वो ही चांद तक पहुंचती है जिससे चंद्रमा लाल दिखता है। इसे ही ब्लड मून कहते हैं। इस दौराान चंद्रमा तकरीबन 30 फीसदी अधिक चमकीला नजर आता है और लगभग 14 प्रतिशत अपने सामान्य आकार से बड़ा दिखाई देता है। परंतु वास्तव में चंद्रमा का आकार बड़ा नहीं होता है, बल्कि पृथ्वी से इसकी निकटता के कारण ऐसा प्रतीत होता है। क्योंकि इस घटना में चंद्रमा और पृथ्वी की दूरी सबसे कम हो जाती है।