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इस एक वजह से यहां नहीं मिला एक भी कोरोना पॉजिटिव केस, जानिए कैसे बनाई गई थी योजना

Sun, 19 Apr 2020 04:22 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, सिद्धार्थनगर।
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- फोटो : अमर उजाला।
जब पड़ोसी जिलों में कोरोना मरीजों की संख्या में बढ़ोत्तरी हो रही हैं, वहीं जनपद में एक भी पॉजिटिव केस सामने नहीं आया है। इससे प्रशासनिक अमला के साथ ही जिले के नागरिक भी राहत महसूस कर रहे हैं। इसके पीछे प्रशासनिक अमलों की कदम-कदम पर बरती जा रहे एहतियात अहम है। नेपाल सीमा से सटे होने के बाद भी सिद्धार्थनगर में पॉजिटिव मरीज नहीं मिला।
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- फोटो : अमर उजाला
डीएम, एसपी समेत स्वास्थ्य महकमा से जुड़े अफसरों, कर्मियों की ठोस रणनीति, बेहतर सूझबूझ, सटीक पूर्वानुमान, माइक्रो लेवल प्लानिंग, जमीनी स्तर पर टीम की तत्परता के साथ ही टीम की तत्परता, कुशल प्रबंधन को धरातल पर उतारा जाए तो बड़ी से बड़ी मुश्किल भी आसान हो सकती है।

ऐसा ही डीएम दीपक मीणा, एसपी विजय ढुल, सीडीओ पुलकित गर्ग, सीएमओ डॉ. सीमा राय, सीएमएस डॉ. रोचिस्मती पांडेय की टीम ने करके दिखाया। परिणाम स्वरूप जिले में पॉजिटिव केस नहीं मिला।
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- फोटो : अमर उजाला।
अब तक 182 की जांच, सभी निगेटिव
स्वास्थ्य विभाग में नोडल अधिकारी सैंपलिंग डॉ. आरपी मौर्य बताते हैं कि अब तक जिले में 182 नमूनों की जांच के लिए भेजी गई थी। सभी की रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी है। सरकारी हॉस्पिटल में संदिग्ध होने की दिशा में अब तक 40 व्यक्तियों को क्वारंटीन कराया जा चुका है।

महामारी रोग विशेषज्ञ समीर सिंह ने बताया कि विदेश से जिले में आए 135 युवकों की मॉनिटरिंग की गई। सभी सुरक्षित हैं। सीडीओ पुलकित गर्ग के मुताबिक गैर प्रांतों से जिले में आए हुए लोगों की संख्या 12,319 है। सभी को होम क्वारंटीन किया गया था।

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जब मची थी अफरा-तफरी
कोरोना मुक्त जिले में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब विस्कोहर के एक युवक की प्रथम जांच पॉजिटिव आ गया था। इसके बाद से प्रशासनिक अमले से जड़े लोगों के हाथ पांव फूल गए थे। आनन-फानन में बिस्कोहर गांव छावनी में तब्दील हो गई। प्रत्येक सदस्यों की सैंपलिंग ली गई। बाद में रिपोर्ट निगेटिव आए।

जिलाधिकारी दीपक मीणा ने कहा कि पॉजिटिव केस न मिलना सौभाग्य की बात है। इसके पीछे टीम वर्क की भावना को श्रेय जाता है। लॉकडाउन का कड़ाई से अनुपालन कराना, जागरूकता के लिए हर स्तर पर पहल करना भी अहम रहा।
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- फोटो : अमर उजाला
तहसील स्तर से जन सामान्य में 50 हजार लोगों में मास्क का वितरण कराने, बाहर से आने वालों पर पैनी नजर रखने जैसे बिंदु अहम थे। अब तक की सफलता निश्चय ही अधिकारी, कर्मचारी समेत जनपदवासियों और मीडिया कर्मियों की भूमिका अहम है।

पुलिस अधीक्षक विजय ढुल ने कहा कि कोरोना के जंग में पुलिस के साथ ही अन्य सरकारी, गैर सरकारी विभागों के लोगों से समन्वय बनाकर जनता को जागरूक किया गया। सभी को समय-समय पर प्रशिक्षण देकर जनता से व्यवहार करने के टिप्स भी दिए गए। जरूरतमंदों के लिए राशन, दवा जैसे सामग्री पहुंचाने में भी पुलिस ने मदद की। लॉकडाउन में जिलाधिकारी की अगुवाई में तनाव जनित मैत्रीपूर्ण संबंध बनाकर नियंत्रण करने में सफलता मिली।

 
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