एक दशक पहले तक गोरखपुर में पर्यटन का दायरा केवल गोरखनाथ मंदिर तक सीमित था। लेकिन तीन साल पहले गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की कमान संभाली तो गोरखपुर का पर्यटन उद्योग भी उत्साहित हुआ। सरकार ने न केवल लंबे समय से ठंडे बस्ते में पड़ी फाइलों को निकाला बल्कि नए सिरे से मौजूदा परिस्थितियों के मुताबिक नई योजना तैयार कर उसपर काम भी शुरू हुआ। इसी का नतीजा है कि आज पर्यटन विभाग पर्यटकों को गोरखपुर में कुछ दिन रोकने में सफल हो रहा है।
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लाइट एंड साउंड शो
- फोटो : अमर उजाला
गोरखपुर और आसपास के ये केंद्र कर रहे आकर्षित
गोरखपुर - गोरखनाथ मंदिर और यहां का लाइट एंड साउंड शो, गीता प्रेस, गीता वाटिका, रामगढ़ताल और यहां का लाइट एंड साउंड शो, इमामबाड़ा, जटाशंकर गुरुद्वारा, तरकुलहा देवी, बुढ़िया माई, विनोद बन, झारखंडी मंदिर, मुक्तेश्वरनाथ मंदिर, मुंजेश्वरनाथ मंदिर, सूरजकुंड धाम, मानसरोवर, मंडलीय कारागार स्थित बिस्मिल का शहीदी स्थल, डोहरिया कला, चौरीचौरा शहीद स्मारक, भरोहिया शिव
मंदिर कुशीनगर - निर्वाणा मंदिर, रामाभार स्तूप, चीन मंदिर, श्रीलंका मंदिर, जापान मंदिर, थाई मंदिर, सूर्य मंदिर। महराजगंज - लहड़ादेवी, सोहगीबरवा वन अभ्यारण्य, चौक बाजार स्थित गोरक्षनाथ मंदिर देवरिया - दुग्धेश्वरनाथ मंदिर, नींबेश्वरनाथ मंदिर, देवरहा बाबा सिद्धार्थनगर - कपिलवस्तु
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रामगढ़ ताल।
- फोटो : अमर उजाला।
मरीन ड्राइव सा हुआ रामगढ़ताल का नजारा
वर्षों तक दुर्दशा का दंश झेल चुका रामगढ़ ताल इन दिनों पर्यटकों को मुंबई के मरीन ड्राइव सी अनुभूति दे रहा है। ताल के तट पर बना खूबसूरत नौकायन केंद्र लोगों को रोमांचित कर रहा है। वहीं शाम होते भव्य गोरखपुर का इतिहास दिखाने वाला 40 मिनट का लाइट एंड साउंड शो लोग काफी पसंद कर रहे हैं।
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ऐसा होगा वाटर स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स।
- फोटो : अमर उजाला
अंतरराष्ट्रीय वाटर स्पोर्ट्स का मिलेगा मजा
रामगढ़ ताल बहुत जल्द गोरखपुर और आसपास के उन लोगों के लिए उपयोगी साबित होने वाला है जो वाटर स्पोर्ट्स का जुनून रखते हैं। 45 करोड़ की लागत से वाटर स्पोर्ट्स कांप्लेक्स का निर्माण शुरू हो चुका है। वाटर कांप्लेक्स में मनोरंजन के भरपूर इंतजाम होगा। वहीं वाटर स्पोर्ट्स के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी भी तैयार किए जाएंगे।
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निर्माणाधीन राजघाट।
- फोटो : अमर उजाला
संवारी जा रही आध्यात्मिक धरोहरें
गोरखपुर और आसपास के क्षेत्रों में कई ऐसे आध्यात्मिक स्थल जो प्रचार-प्रसार के अभाव में पर्यटकों का ध्यान आकर्षित नहीं कर पा रहे थे। पर्यटन विभाग ने ऐसे सभी आध्यात्मिक स्थलों को चिह्नित करने और उन्हें चमकाने के लिए योजनाएं बनाई हैं। कुछ स्थानों पर काम शुरू भी हो गया है। इसके चयन में सभी धर्म-संप्रदाय की भावनाओं का पूरा ख्याल रखा गया है। ऐतिहासिक क्राइस्ट चर्च, जटाशंकर गुरुद्वारा और इमामबाड़े के लिए योजनाएं तैयार हो चुकी हैं।
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gorakhnath temple
- फोटो : अमर उजाला
बढ़ गई गोरखनाथ मंदिर की चमक-दमक
यूं तो पर्यटकों के लिए शुरू से ही गोरखपुर का मतलब गोरखनाथ मंदिर रहा है लेकिन पर्यटन विभाग ने इसे लेकर रही-सही कसर को दूर करने का भी हर संभव प्रयास किया है। मंदिर के पौराणिक भीम सरोवर में नाथ पंथ की महिमा बताने वाला लाइट एंड साउंड शो शुरू हो चुका है तो फसाड लाइट से मंदिर की चमकती-दमकती छटा दिखाने का कार्य भी पूरा हो चुका है। मंदिर के सुंदरीकरण का कार्य जारी है।
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कबीर धूनी।
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कबीर धूनी और गोरख तलैया बनेंगे आकर्षण का केंद्र
गोरखपुर और संतकबीरनगर की सीमा पर मौजूद कसरवल में मौजूद कबीर धूनी और गोरख तलैया को पर्यटन के दृष्टिकोण से विकसित करने की योजना भी धरातल पर आ चुकी है। इसका निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। यह स्थल गुरु गोरक्षनाथ, संत कबीर और गुरु नानक की मुलाकात का गवाह है।
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राम प्रसाद बिस्मिल के अंतिम शब्द।
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चमकाए जा रहे शहीद स्थल
जिले के शहीद स्थलों को सहेज कर सजाने-संवारने का कार्य भी जोर-शोर से चल रहा है। मंडलीय कारागार स्थित पंडित राम प्रसाद बिस्मिल और चौरीचौरा शहीद स्मारक को चमकाने का कार्य तो अंतिम चरण में हैं। चौरीचौरा शहीद स्थल के मूल स्थान और शहीद बधु सिंह स्मारक, डोहरिया कलां शहीद स्मारक को चमकाने की कार्ययोजना तैयार हो चुकी है।
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गोरखपुर चिड़ियाघर।
- फोटो : अमर उजाला।
चिड़ियाघर के निर्माण को मिली रफ्तार
रामगढ़ ताल के सामने बन रहे गोरखपुर के चिड़ियाघर का निर्माण कार्य भी अंतिम चरण में है। मुख्यमंत्री के अल्टीमेटम के मुताबिक अप्रैल 2020 तक इसे हर हाल में पूरा करना है। उम्मीद की जा रही है तब तक ये पर्यटन स्थल भी लोगों के बीच कौतूहल पैदा करता नजर आएगा।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। (file)
- फोटो : अमर उजाला
गोरखपुर के क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी रवींद्र कुमार मिश्र ने बताया कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप गोरखपुर को पर्यटन हब बनाने की दिशा में जोरशोर से कार्य चल रहा है। हर वह कोशिश की जा रही है, जिससे यहां से गुजरने वाला हर पर्यटक ठहरने को मजबूर हो जाए। सिर्फ इतना ही नहीं, यह भी कोशिश है कि गोरखपुर के महत्वपूर्ण स्थलों को चमकाया जाए, ताकि जहां पर्यटकों का आगमन हो वहीं शहरवासियों के लिए रोजगार सृजन की दिशा में काम हो।
पांच साल में ऐसे बढ़ी पर्यटकों की संख्या
वर्ष भारतीय पर्यटक विदेशी पर्यटक कुल पर्यटक
2015 2314243 35452 2349695
2016 2346121 35638 2381759
2017 2405705 36249 2441954
2018 2753546 38715 2792261
2019 3009033 42010 3051043
शहर को मिलेगी तीन और पांच सितारा होटलों की सौगात
शहर को होटल रेडिसन ब्लू के बाद तीन और पांच सितारा होटलों की सौगात मिलने वाली है। होटल ताज, होटल लोटस के साथ होटल एश्प्रा रिजॉर्ट की ओर से इसे लेकर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इनके अलावा होटल ग्रैंड साकेत और होटल चंद्रा ग्रैंड भी निवेश में दिलचस्पी दिखा चुके हैं। सरोवर पोर्टिको पहले से ही लोगों के स्वागत में लगा है।
बड़े शहरों की कनेक्टिविटी बढ़ी
योगी सरकार के सत्ता संभालने के बाद गोरखपुर से दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, प्रयागराज और हैदराबाद से एयर कनेक्टिविटी मिली है। इसके साथ ही पूर्वांचल एक्सप्रेस का लिंक एक्सप्रेस वे भी जल्द ही सड़क माध्यम को भी और सशक्त करेगा।