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Kanpur Encounter News: घायल दारोगा ने विकास दुबे एनकाउंटर की सुनाई आंखों देखी दास्तां, कहा- 'बिल्कुल सामने खड़ी थी मौत'

Thu, 09 Jul 2020 02:31 PM IST
vivek shukla दीपक मिश्रा, गोरखपुर (बढ़पुरवा)।
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gorakhpur news - फोटो : अमर उजाला।
कानपुर एनकाउंटर में आठ पुलिस कर्मियों के शहीद होने का जिम्मेदार मुख्य आरोपी विकास दुबे अभी तक पुलिस की गिरफ्त में नहीं आया है। विकास को पकड़ने के लिए कई राज्यों में अलर्ट जारी कर दिया गया है। वहीं इस मुठभेड़ में गोरखपुर के रहने वाले दारोगा सुधाकर पांडे घायल हो गए थे। उन्होंने बताया कि हमले के दौरान लगा कि मौत बिल्कुल सामने खड़ी है। आगे की स्लाइड्स में पढ़ें पूरी कहानी...
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Kanpur encounter - फोटो : अमर उजाला
मंगलवार को फोन पर हाल पूछने पर उन्होंने बताया गया, वह डिस्चार्ज होकर अपने आवास लखनऊ पहुंच चुके हैं, कुछ दिनों में अपने गांव गोरखपुर गोला तहसील के बेलपार पाठक पहुंच जाएंगे। डॉक्टर द्वारा कुछ दिन के लिए बेड रेस्ट दिया गया है। सुधाकर पांडे ने बताया कि विकास दुबे की घर पर होने की सूचना मुखबिर द्वारा मिली, जिस पर क्षेत्राधिकारी स्तर की टीम जिसमें तीन थाने शामिल थे। विकास दुबे के गांव पहुंच गई। पुलिस टीम में लगभग 40 लोग थे। रात के करीब एक बजे पुलिस टीम जब विकास दुबे के गांव पहुंची तो देखा कि रास्ते को जेसीबी लगाकर रोक दिया गया है।
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Kanpur encounter - फोटो : अमर उजाला
टीम ने अपनी गाड़ियां वहीं खड़ीं कीं और पैदल विकास के घर पहुंच गई, जिसकी पल-पल की सूचना उसे मिल रही थी, जैसे ही पुलिस गांव पहुंची तो लाइट कट गई। पांडे ने बताया कि विकास के छत के ऊपर कम से कम 30 से 35 की संख्या में हथियार बंद लोग मौजूद थे। पुलिस कुछ समझ पाती उससे पहले विकास दुबे के लोगों ने पुलिस के ऊपर अचानक गोलियां चलानी शुरू कर दी और बम भी फेंके। ऐसे में लगा कि अब मौत निश्चित है, आंखों के सामने अंधेरा छा गया था।

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Kanpur encounter - फोटो : अमर उजाला
विकास दुबे की टीम के पास 315 बोर की राइफल और 12 बोर के हथियार मौजूद थे, कुछ ही मिनट में बदमाशों ने सैकड़ों राउंड गोलियां पुलिस टीम के ऊपर चला दीं। गोलियां चलते ही पुलिस टीम ने मौके पर मोर्चा संभाला लेकिन बदमाशों ने अंधेरे का लाभ उठाते हुए पुलिस वालों पर हमला किया, लेकिन गांव के लोगों ने भी पुलिस का साथ नहीं दिया।
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kanpur encounter - फोटो : amar ujala
पांडे ने बताया कि पुलिस टीम को हमला होने का अंदेशा नहीं था। चौबेपुर थाने का एक सिपाही हमले में शहीद हुआ, शहीद होने वालों में ज्यादा संख्या बिठूर थाने की है। पुलिस टीम में 6 लोग घायल हुए थे जिसमें केवल अभी तक सुधाकर पांडे डिस्चार्ज हुए बाकी 5 लोगों का अभी इलाज चल रहा है।
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gorakhpur news - फोटो : अमर उजाला।
बातचीत में जब पांडे से पूछा गया कि चौबेपुर थाने के एसओ बिल्कुल साफ-साफ बचे हुए हैं, उनको किसी प्रकार की कोई चोट नहीं लगी है। इस बारे में कोई भी जवाब देने से सुधाकर पांडे ने इनकार कर दिया उन्होंने बताया कि उच्चाधिकारियों द्वारा इसकी जांच चल रही है।
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