गोरखपुर कोतवाली क्षेत्र के बेनीगंज स्थित डीबी इंटर कॉलेज में मारपीट में छात्र अंकुश सिंह उर्फ अंकुर की मौत के बाद शुक्रवार को परिजन अंतिम संस्कार के पहले सड़क पर शव रखकर हंगामा किया। शाहपुर इलाके में घर से 200 मीटर दूर शव रखकर परिजन आर्थिक सहायता, नौकरी और आरोपी को फांसी की मांग को लेकर अड़े रहे।
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बेनीगंज पुलिस चौकी के सामने ही अंकुश की हत्या कर दी गई
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर के कोतवाली क्षेत्र के बेनीगंज स्थित डीबी इंटर कॉलेज में यूपी बोर्ड की इंटर की परीक्षा देकर बाहर निकले छात्र अंकुश सिंह उर्फ अंकुर (18) की हत्या ने पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हैरानी की बात यह है कि वारदात बेनीगंज पुलिस चौकी के ठीक सामने हुई, फिर भी पुलिस मौके पर करीब 20 मिनट बाद पहुंची। इस पर अंकुश के सहपाठियों ने सवाल उठाए हैं।
बुधवार शाम परीक्षा समाप्त होने के बाद जैसे ही अंकुश अपनी बाइक के पास पहुंचा, वहां पहले से मौजूद आरोपी सत्यम गौड़ ने गाली-गलौज करते हुए पास में पड़ी ईंट से उसके सिर पर वार कर दिया। इसके बाद मेन गेट के पास बाइक लेकर खड़े अपने एक अन्य दोस्त के साथ भाग निकला। गंभीर रूप से घायल अंकुश लहूलुहान होकर गिर पड़ा। अंकुश को खून से लथपथ देख साथी छात्र वहां पहुंचे। इसके बाद उसे आनन-फानन में पास में स्थित एक निजी अस्पताल ले गए।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि छात्रों को एकत्रित और हंगामा बढ़ता देख पुलिस मौके पर पहुंची। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना चौकी से चंद कदम की दूरी पर हुई लेकिन तत्काल पुलिस नहीं पहुंची। उसे पहुंचने में करीब 20 मिनट लगे। अगर समय से अंकुश को इलाज मिल जाता तो उसकी जान बच सकती थी।
पुलिस की देरी पर उठे सवाल
सहपाठियों का आरोप है कि बोर्ड परीक्षा को देखते हुए स्कूलों के बाहर पुलिस की तैनाती की जानी चाहिए थी, लेकिन मौके पर कोई पुलिस वाला नजर नहीं आया। उनका कहना है कि यदि समय पर पुलिस पहुंचती और घायल छात्र को तत्काल अस्पताल पहुंचाया जाता तो शायद उसकी जान बच सकती थी।
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मृतक अंकुश की फाइल फोटो और रोते-बिलखते परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
घायल अंकुश को पहले स्थानीय अस्पताल फिर बाइक से मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। उस दौरान छात्रों को पूरे रास्ते जाम से जूझना पड़ा। छात्रों का कहना है कि मेडिकल कॉलेज में भी सही से इलाज नहीं मिल रहा था। हर कदम पर उनसे रुपये की मांग की जा रही थी।
रुपये न होने पर साथी छात्रों ने परिजनों को कॉल कर घटना की जानकारी दी। इसके बाद उसे पहले निजी अस्पताल फिर लखनऊ ले जाया गया। छात्रों का आरोप है कि पुलिस की लापरवाही ने उनके दोस्त की जान ले ली।
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घायल अंकुश को बाइक से ले जाते हुए
- फोटो : स्त्रोत- सोशल मीडिया
स्कूल परिसर की सुरक्षा पर भी सवाल
घटना ने स्कूल परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर भी प्रश्नचिह्न लगा दिया है। छात्रों का कहना है कि परीक्षा के दौरान बाहरी तत्वों की आवाजाही पर कोई सख्ती नहीं थी। आरोपी वारदात को अंजाम देकर आसानी से भाग निकला। यहां तक कि परिसर में कोई सीसी कैमरा भी नहीं लगा है। पर्याप्त निगरानी थी और न ही त्वरित प्रतिक्रिया। छात्रों का कहना है कि चौकी के सामने हुई इस सनसनीखेज वारदात ने पुलिस के दावों की पोल खोल दी है। स्थानीय लोगों में घटना को लेकर आक्रोश है।
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रोते बिलखते परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आर्थिक सहायता, नौकरी और आरोपी को फांसी की मांग... सड़क पर शव रखकर किया हंगामा
गोरखपुर कोतवाली क्षेत्र के बेनीगंज स्थित डीबी इंटर कॉलेज में मारपीट में छात्र अंकुश सिंह उर्फ अंकुर की मौत के बाद शुक्रवार को परिजन अंतिम संस्कार के पहले सड़क पर शव रखकर हंगामा किया। शाहपुर इलाके में घर से 200 मीटर दूर शव रखकर परिजन आर्थिक सहायता, नौकरी और आरोपी को फांसी की मांग को लेकर अड़े रहे। करीब डेढ़ घंटे के मान मनौव्वल के बाद परिजन शांत हुए। इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में राजघाट पर छात्र का अंतिम संस्कार किया गया।
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ज्ञापन लेते अधिकारी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बेनीगंज स्थित डीबी इंटर कॉलेज में स्टैंड में बाइक खड़ी करने के लिए बुधवार को हुए विवाद में शाहपुर के सरदार पटेल नगर निवासी अंकुश के सिर पर ईंट मारकर घायल कर दिया था। परिजन उसे इलाज के लिए लखनऊ ले जाए गए जहां देर रात उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई थी। पुलिस ने मामले में मूलरूप से देवरिया के बरहज नवापार निवासी सत्यम कुमार गौड़ को गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया था। सत्यम वर्तमान में एम्स के झरना टोला कुनराघाट में रहता था।
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घटना के बाद परिजनों ने किया सड़क पर घेराव
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बृहस्पतिवार रात करीब आठ बजे पोस्टमार्टम के बाद परिजन लखनऊ से शव लेकर शाहपुर स्थित आवास पर पहुंचे। पुलिस रात में ही अंतिम संस्कार कराने की कोशिश की लेकिन परिजन आरोपियों की गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। उनका कहना था कि कार्रवाई का स्पष्ट आश्वासन मिलने के बाद ही शुक्रवार को अंतिम संस्कार किया जाएगा।
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डीबी कॉलेज में अंकुश पढ़ाई करता था
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे पुलिस ने अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू कराई तो परिजन विद्यालय प्रशासन और मुख्य आरोपी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग करने लगे। आक्रोशित परिजन शव को लेकर पादरी बाजार पुलिस चौकी की ओर बढ़े, लेकिन भारी पुलिस बल ने घर से लगभग 200 मीटर दूर कॉलोनी में ही शव रोक लिया। करीब डेढ़ घंटे तक शव सड़क पर रखा रहा और परिजन नारेबाजी करते रहे। सूचना मिलते ही कई थानों की फोर्स, सीओ कैंट योगेंद्र सिंह, सीओ गोरखनाथ रवि सिंह, सीओ कैंपियरगंज अनुराग सिंह और तहसील प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों से निष्पक्ष जांच व कठोर कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इसके बाद परिजनों ने सदर एसडीएम दीपक गुप्ता को चार सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा। आश्वासन मिलने के बाद मामला शांत हुआ।
पुलिस की मौजूदगी में हुआ अंतिम संस्कार
प्रशासनिक आश्वासन के बाद पुलिस की निगरानी में शव को राजघाट ले जाया गया। वहां पिता जनार्दन सिंह ने कांपते हाथों से बेटे को मुखाग्नि दी। अंतिम यात्रा में शामिल लोगों की आंखें नम रहीं। एहतियात के तौर पर चार थानों की पुलिस बल तैनात रही। देर शाम संस्कार के बाद जब परिजन घर लौटे तो रो-रोकर उनका बुरा हाल था।