मृतक अंकुश प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था और डॉक्टर बनकर लोगों की सेवा करना चाहता था। परिवार की ख्वाहिश थी कि डॉक्टर या बड़ा खिलाड़ी बने, मगर उसकी मौत के बाद सब ख्वाब ही रह गए। दोस्तों का कहना है कि खेल के मैदान में वह बेहद उत्साही और टीम भावना से खेलने वाला खिलाड़ी था। पढ़ाई और खेल के बीच संतुलन बनाकर चलना उसकी खासियत मानी जाती थी।
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मृतक अंकुश की फाइल फोटो और रोते बिलखते परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर में अंकुश उर्फ अंकुर हत्याकांड ने इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है। सदमे में जी रहे परिवार के लोगों और दोस्तों ने बताया, अंकुश प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था और डॉक्टर बनकर लोगों की सेवा करना चाहता था।
भाई अमन और बहन अनुष्का ने बताया कि पढ़ाई के साथ वॉलीबाल उसका पसंदीदा खेल था। स्कूल और कॉलेज स्तर पर वह वॉलीबाल मैचों में सक्रिय रूप से भाग लेता था। परिवार की ख्वाहिश थी कि डॉक्टर या बड़ा खिलाड़ी बने, मगर उसकी मौत के बाद सब ख्वाब ही रह गए।
सोशल मीडिया पर भी उसकी सक्रियता साफ नजर आती थी। इंस्टाग्राम पर उसके 116 फ्रेंड और 226 फॉलोवर थे। वह समय-समय पर अपनी तस्वीरें और विचार साझा करता रहता था। उसकी प्रोफाइल पर दोस्तों के साथ बिताए पलों की कई तस्वीरें मौजूद हैं। उसकी मौत की खबर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर शोक संदेशों की बाढ़ आ गई। दोस्तों ने उसकी तस्वीरें साझा कर श्रद्धांजलि दी और घटना पर दुख जताया।
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बेनीगंज पुलिस चौकी के सामने ही अंकुश की हत्या कर दी गई
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दोस्तों का कहना है कि खेल के मैदान में वह बेहद उत्साही और टीम भावना से खेलने वाला खिलाड़ी था। पढ़ाई और खेल के बीच संतुलन बनाकर चलना उसकी खासियत मानी जाती थी। अंकुश अपने दोस्तों के बीच काफी लोकप्रिय था। वह सभी का चहेता था और जरूरत पड़ने पर मदद के लिए हमेशा तैयार रहता था।
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घायल अंकुश को बाइक से ले जाते हुए
- फोटो : स्त्रोत- सोशल मीडिया
परीक्षा देने आए दोस्त हुए भावुक
अंतिम परीक्षा देने पहुंचे उसके सहपाठी अंकुश को याद कर भावुक हो उठे। परीक्षा केंद्र के बाहर खड़े होकर कई दोस्तों ने उससे जुड़ी यादें साझा कीं। उन्होंने बताया कि अंकुश पढ़ाई को लेकर गंभीर था और दूसरों को भी मेहनत करने के लिए प्रेरित करता था। कुछ दोस्तों ने कहा कि वह अक्सर भविष्य की योजनाओं पर चर्चा करता था। डॉक्टर बनने के अपने सपने के बारे में उत्साह से बताता था। परीक्षा के दिन उसकी कमी सभी को खलती रही।
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डीबी कॉलेज में अंकुश पढ़ाई करता था
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आर्थिक सहायता, नौकरी और आरोपी को फांसी की मांग... सड़क पर शव रखकर किया हंगामा
गोरखपुर कोतवाली क्षेत्र के बेनीगंज स्थित डीबी इंटर कॉलेज में मारपीट में छात्र अंकुश सिंह उर्फ अंकुर की मौत के बाद शुक्रवार को परिजन अंतिम संस्कार के पहले सड़क पर शव रखकर हंगामा किया। शाहपुर इलाके में घर से 200 मीटर दूर शव रखकर परिजन आर्थिक सहायता, नौकरी और आरोपी को फांसी की मांग को लेकर अड़े रहे। करीब डेढ़ घंटे के मान मनौव्वल के बाद परिजन शांत हुए। इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में राजघाट पर छात्र का अंतिम संस्कार किया गया।
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डीबी कॉलेज
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पुलिस की मौजूदगी में हुआ अंतिम संस्कार
प्रशासनिक आश्वासन के बाद पुलिस की निगरानी में शव को राजघाट ले जाया गया। वहां पिता जनार्दन सिंह ने कांपते हाथों से बेटे को मुखाग्नि दी। अंतिम यात्रा में शामिल लोगों की आंखें नम रहीं। एहतियात के तौर पर चार थानों की पुलिस बल तैनात रही। देर शाम संस्कार के बाद जब परिजन घर लौटे तो रो-रोकर उनका बुरा हाल था।
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ज्ञापन लेते अधिकारी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आरोपी को फांसी और एक करोड़ रुपये आर्थिक मदद की मांग
परिजनों ने मुख्य आरोपी सत्यम गौड़ के खिलाफ आजीवन कारावास के साथ फांसी की सजा की मांग की है। मृतक अंकुश सिंह सेंट मेरिज इंटर कॉलेज का इंटर का छात्र था। परिजनों का आरोप है कि सुनियोजित तरीके से हमला कर उसकी हत्या की गई। चार सूत्री मांगों में एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, घटना के सभी जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई और आरोपी को कठोरतम दंड देने की मांग शामिल है।
डीएम को पत्र लिखती बहन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बहन ने जिलाधिकारी को लिखा पत्र
मृतक की बहन ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर भाई के हत्यारोपियों पर त्वरित और कड़ी कार्रवाई की गुहार लगाई है। परिवार का कहना है कि जब तक न्याय नहीं मिलेगा, उनका संघर्ष जारी रहेगा। प्रशासन ने मामले में निष्पक्ष जांच और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।