कारसेवक रामउग्रह शाही।
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कारसेवकों को रोक रहे थे नेता
कारसेवक (विहिप के नेतृत्वकर्ता) रामउग्रह शाही ने बताया कि नेता तो कारसेवकों को रोक रहे थे। वे कह रहे थे कि कानून को हाथ में मत लो। गुंबद को मत तोड़ो। आडवाणी, जोशी, अशोक सिंघल, उमा भारती सहित हर प्रमुख नेता नहीं चाहता था कि ढांचा ढहाया जाए, लेकिन कारसेवक किसी की बात सुनने को तैयार नहीं थे। यही वजह थी कि विवादित ढांचा तुरंत ढहा दिया गया। विवादित ढांचे की ईंट कहां गई, किसी को नहीं पता चला।