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भू-माफियाओं को खदेड़कर जिस जमीन पर योगी ने दिलाया था कब्जा, उसे ही कर दिया गया बेदखल

Fri, 05 Feb 2021 03:05 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
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फरियादी की पीड़ा सुन नाराज हुए मुख्यमंत्री। - फोटो : अमर उजाला।
गोरखनाथ मंदिर में जनता दर्शन के दौरान खोआ मंडी से पहुंचे एक फरियादी की पीड़ा सुन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ क्रोधित हो उठे। उन्होंने कहा कि खुद 12 साल पहले ही मैंने खोआ मंडी से भू-माफियाओं को भगाकर फरियादी को कब्जा दिलाया था। फिर किसके प्रश्रय पर भू-माफिया ने दोबारा फरियादी की जमीन पर जबरन कब्जा कर वहां निर्माण शुरू करा दिया। प्रशासन व पुलिस के अफसरों ने क्यों नहीं कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री ने कहा एक घंटे के भीतर भू-माफिया का कब्जा हटाकर पीड़ित को बसाया जाए। इसके बाद हरकत में आई प्रशासन व पुलिस की टीम ने वही किया जैसा मुख्यमंत्री का निर्देश था। आगे की स्लाइड्स में पढ़िए पूरा मामला...
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जनता दरबार में लोगों की फरियाद सुनते सीएम योगी। - फोटो : अमर उजाला।
जानकारी के मुताबिक, खोआ मंडी निवासी राजेंद्र की जमीन को लेकर 12 सालों से विवाद है। वर्ष 2009 में भी कब्जा करने का प्रयास हुआ था। तब योगी आदित्यनाथ सांसद थे और उन्होंने मौके पर पहुंचकर राजेंद्र के परिवार को वापस जमीन पर कब्जा दिलवाया था। जमीन काफी कीमती है। राजेंद्र यादव का कहना है कि उनका परिवार 1983 से ही जमीन पर काबिज है। यह जमीन पहले परदेशी के नाम से थी। वे लोग पहले किराएदार के रूप में थे। 2009 में अपनी पत्नी शशि के नाम से इसका पंजीकृत बैनामा कराया है। इसी जमीन पर 17 जनवरी को प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में प्रभाकर द्विवेदी ने अपना अवैध कब्जा किया था। राजेंद्र ने बताया कि कब्जे के दौरान अपने कागजात दिखाए थे पर प्रशासन ने उनकी बात नहीं सुनी।
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प्रशासन ने हटवाया कब्जा। - फोटो : अमर उजाला।
प्रशासन ने कब्जा तुड़वाया, ईंट-बालू भी कर लिया जब्त
जनता दर्शन के दौरान फरियाद सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने सख्ती की तो एडीएम सिटी राकेश कुमार श्रीवास्तव, तहसीलदार सदर डॉ संजीव कुमार दीक्षित समेत कई प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में पुलिस बल खोआ मंडी गली पहुंच गई। एक घंटे में ही जेसीबी लगा कर पूरा निर्माण तोड़ दिया गया। मौके पर रखीं ईंटें, सीमेंट, बालू और गिट्टी जब्त कर सब नगर निगम की गाड़ियों में लोड कराकर निगम भिजवा दिया गया। आरोपी प्रभाकर द्विवेदी और उसके लोग मौके से फरार हो गए। इस कार्रवाई से राजेंद्र यादव एवं उनके परिवार ने सीएम के प्रति आभार व्यक्त किया है।

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अवैध कब्जा हटाया गया।(इनसेट में सीएम योगी आदित्यनाथ) - फोटो : अमर उजाला।
प्रशासन भी कठघरे में, 17 को दिलाया था प्रभाकर को कब्जा
इस पूरे मामले में प्रशासन भी कठघरे में है। मुख्यमंत्री की सख्ती के बाद प्रशासन ने बृहस्पतिवार को खोआ मंडी गली में स्थित पीड़ित राजेंद्र की 900 वर्गफीट की जमीन से अवैध कब्जे का ध्वस्तीकरण कराया। प्रशासन ने ही इस जमीन पर 17 जनवरी 2021 को प्रभाकर द्विवेदी को कब्जा दिलवाया था। किस आधार पर कब्जा दिलवाया गया, अब इसे लेकर सवाल उठ रहे हैं। प्रशासन का कोई भी आला अफसर फिलहाल इस मामले में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं। एडीएम सिटी राकेश कुमार श्रीवास्तव से कई बार संपर्क करने की कोशिश की गई। मगर उनका फोन नहीं उठा। उनका पक्ष मिलने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।
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अवैध कब्जा हटाया गया। - फोटो : अमर उजाला।
अधिकारी बोले
  • एसपी सिटी सोनम कुमार ने बताया कि इस घटना की कोई जानकारी नहीं है। जब का मामला है, तब खिचड़ी मेले की ड्यूटी चल रही थी।
  • ज्वाइंट मजिस्ट्रेट गौरव सिंह सोगरवाल ने बताया कि 17 जनवरी की घटना है। मौके पर प्रशिक्षु आईएएस अनुराग जैन व प्रशिक्षु आईपीएस शशांक सिंह गए थे। एक पक्ष से कागज मांगा  गया था। जब कागज नहीं दिखाया गया तो रास्ते का निर्माण हटाया गया था। यह मामला रास्ते के विवाद से संबंधित था। बैंक रोड के पास 26 फीट वाले रोड पर कब्जा है। अगर इस रास्ते के दायरे में किसी की संपत्ति आएगी तो एक साथ सबको हटाया जाएगा।
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