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80 के दशक में हाथ में महंगी घड़ी-स्कूटर बता देते थे, कहां काम करता है ये आदमी

Thu, 04 Jun 2020 10:41 AM IST
vivek shukla अरुण चंद, गोरखपुर।
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Gorakhpur Fertilizer - फोटो : अमर उजाला।
ढाई दशक पहले बंद हुआ गोरखपुर खाद कारखाना करीब दो दशकों तक गोरखपुर की संपन्नता की निशानी हुआ करता था। बाजार में महंगे कपड़े, हाथ में घड़ी और स्कूटर लिए कोई व्यक्ति खड़ा दिखाई पड़ता तो लोग समझ जाते थे कि वह खाद कारखाने में ही काम करने वाला कर्मचारी होगा।
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Gorakhpur Fertilizer - फोटो : अमर उजाला
कारखाने के आसपास कभी रात नहीं होती थी। 24 घंटे रोशनी से पूरा इलाका जगमगाता था। शिफ्टवार ड्यूटी चलती थी तो बाहर चाय-पानी और पान की दुकानों पर भी हमेशा मजमा लगा रहता था। खाद कारखाने में सीनियर टेक्नीशियन रह चुके कोदई सिंह कहते हैं कि 70-80 के दशक में गोरखपुर एवं आस-पास इतनी पगार देने वाला न तो कोई दफ्तर था न ही कल-कारखाना।
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सुपर स्कूटर। (फाइल फोटो) - फोटो : सोशल मीडिया।
शहर में जब कोई विजय सुपर स्कूटर से निकलता तो लोगों के मुंह से यूं ही निकल पड़ता- 'लागत बा खाद कारखाने में काम करेला।' उनकी यादों में बसा एक और किस्सा है- 'गोरखपुर के ही सरदारनगर के इब्राहिमपुर गांव में स्थित उनके पुश्तैनी मकान में रामचरितमानस का पाठ था। इसमें कारखाने के उनके साथी भी पहुंचे थे। गांव में एक साथ 20 से अधिक स्कूटर पहुंचे तो उन्हें देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ जुट गई थी। इसकी चर्चा कई दिनों तक इलाके में चर्चा होती रही।

 

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योगी आदित्यनाथ, पीएम मोदी। (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
मोदी-योगी ने साकार किया सपना
मामूली से विवाद के बाद मजदूरों के लंबे आंदोलन की वजह से बंद हुआ गोरखपुर खाद कारखाना खुलने की कोई उम्मीद नहीं थी लेकिन सीएम योगी आदित्यनाथ लगातार कारखाने को खोलवाने के लिए सदन में आवाज उठाते थे। उनकी मेहनत तब रंग लाई जब 2014 में केंद्र में भाजपा की सरकार आई।
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पीएम मोदी। (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जुलाई 2016 में कारखाने की नींव रखी और आज पुराने कारखाने की जगह उससे ज्यादा क्षमता वाले नए कारखाने का काम तकरीबन पूरा होने को है। हिंदुस्तान उवर्रक एवं रसायन लिमिटेड (एचयूआरएल) के गोरखपुर के वरिष्ठ प्रबंधक सुबोध दीक्षित का कहना है कि दिसंबर 2020 तक कारखाना बन कर तैयार हो जाने की पूरी उम्मीद है। मार्च 2021 तक उत्पादन भी शुरू हो जाएगा। उसके पहले ही दूसरी जगहों से मंगाकर यूरिया की आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी।
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