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Eid Mubarak 2020: उलेमाओं ने किया ईद के चांद का दीदार, मांगी दुआ, कहा- 'घरों से न निकलें, सादगी से मनाएं ईद'

Mon, 25 May 2020 12:09 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
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Eid 2020 - फोटो : अमर उजाला।
माह-ए-रमजान का 30वां रोजा रविवार को मुकम्मल हो गया। लोगों ने अपनी छतों से ईद के चांद का दीदार कर चांद देखने की दुआ पढ़ी। अल्लाह से खैर व बरकत की दुआ मांगी।

दरगाह हजरत मुबारक खां शहीद नार्मल स्थित तंजीम उलेमा-ए-अहले सुन्नत की चांद कमेटी ने ईद के चांद का औपचारिक ऐलान किया। इसके बाद लोगों ने एक दूसरे को ईद की मुबारकबाद देनी शुरू कर दी। मुबारकबाद देने के लिए फोन, एसएमएस व सोशल मीडिया का सहारा लिया।
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Eid 2020 - फोटो : अमर उजाला।
मस्जिदों में एतिकाफ में बैठे लोगों ने अपना एतिकाफ मुकम्मल कर अल्लाह का शुक्र अदा किया। इफ्तार करने के बाद जहां पुरुषों ने ईद का सामान जैसे सेंवई, खोवा, मेवा आदि खरीदने के लिए पास की दुकानों की तरफ रुख किया, वहीं महिलाएं घरों को साफ-सुथरा करने में जुट गईं।

रोजेदारों ने चांद रात में सलातुल तस्बीह की नमाज पढ़ी। कुरआन-ए-पाक की तिलावत की। खूब दरूदो-सलाम का नजराना पेश किया। गुनाहों की माफी मांगी। खुसूसी दुआएं मांगी। महिलाओं ने भी नमाज, तिलावत व तस्बीह कर अल्लाह से दुआएं मांगीं।
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मोहम्मद अजहर। - फोटो : अमर उजाला।
नायब काजी मुफ्ती मोहम्मद अजहर शम्सी ने कहा कि ईद-उल-फित्र का त्योहार सादगी के साथ मनाएं। घरों में इबादत व तिलावत कर कोरोना वायरस से निजात की दुआ मांगें। मस्जिद व ईदगाह में केवल पांच लोग ईद की नमाज अदा करें।

बाकी लोग घरों में दो या चार रकात नफ्ल नमाज चाश्त बतौर शुकराना अदा करें। ईद कपड़ों का नहीं अपनों का त्योहार है। सब्र व नमाज से मदद तलब करें। ईद के दिन भी इबादत व तिलावत करें। बेवजह घर से बाहर न निकलें। फिजिकल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखें। कोरोना वॉयरस के खात्मे की खुसूसी दुआ करें।

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अख्तर हुसैन। - फोटो : अमर उजाला।
मुफ्ती-ए-गोरखपुर के मुफ्ती अख्तर हुसैन ने कहा कि दो रकात की नियत इस तरह होगी नियत की मैंने दो रकात नमाज नफ्ल की, वास्ते अल्लाह तआला के, मुहं मेरा काबा शरीफ की तरफ अल्लाहु अकबर।

चार रकात की नियत इस तरह करेंगे नियत की मैंने चार रकात नमाज चाश्त की, वास्ते अल्लाह तआला के, मुहं मेरा काबा शरीफ की तरफ अल्लाहु अकबर। यह चारों रकात नमाज एक नियत एक सलाम से पढ़ी जायेगी। नमाज के बाद 34 मर्तबा अल्लाहु अकबर कहें। इसके बाद दुआ मांगें। फोन के माध्यम से ईद की मुबारक पेश करें।
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मौलाना अली अहमद। - फोटो : अमर उजाला।
इमाम बहादुरिया जामा मस्जिद रहमतनगर के मौलाना अली अहमद ने कहा कि लॉकडाउन की वजह से ईदगाह या मस्जिद में बिल्कुल न जाएं। घर में रहकर ईद की नमाज की जगह दो या चार रकात नफ्ल नमाज चाश्त तंहा-तंहा बतौर शुकराना अदा करें।

ईद सादगी से मनाएं। जकात व फित्रा की रकम हकदारों तक पहुंचा दें। अपने बच्चों के साथ-साथ गरीबों के बच्चों को भी ईदी जरूर दें। पैगंबर-ए-आजम हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहो अलैहि वसल्लम ईद-उल-फित्र के दिन कुछ खाकर नमाज के लिए तशरीफ ले जाते थे।
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मियां साहब। - फोटो : अमर उजाला।
सज्जादानशीन उर्फ मियां साहब अदनान फर्रुख अली शाह ने कहा कि जिस तरह सभी ने पूरे रमजान लॉकडाउन का पालन करते हुए घरों में अल्लाह की इबादत के साथ नमाज पढ़ी है उसी तरह ईद के दिन भी लॉकडाउन का पालन करते हुई घर पर ही नमाज पढ़ें। दावतों से दूर रहें।

किसी के घर जाने से परहेज करें। ईद की मुबारकबाद हाथ मिलाकर और गले मिलकर न दें बल्कि ईद की मुबारकबाद देने के लिए सोशल मीडिया और फोन का सहारा लें। ईद के दिन ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंदों की मदद करें।
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