एसपी क्राइम ने छात्रों को बताया कि कहीं दुर्घटना हो जाने पर घायल की मदद या फिर घर व आस-पास झगड़ा लड़ाई होने पर तत्काल 112 पर कॉल करनी चाहिए। समय से पुलिस पहुंचेगी तो बड़ी घटना को रोका जा सकता है। साथ ही दुर्घटना में घायल की जान भी बचाई जा सकती है। उन्होंने छात्रों को बाल तस्करी के बारे में भी विस्तार से बताया।
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पुलिस की पाठशाला मुख्य अतिथि एसपी क्राइम सुधीर कुमार जायसवाल साथ में प्रबंधक अनन्य प्रताप शाही
- फोटो : अमर उजाला
डरिए मत अपनी चुप्पी तोड़िए, पुलिस दोस्त की तरह आपकी मदद करती है। आपको लगता होगा कि शिकायत करने पर आपका नाम उजागर हो जाएगा और इससे बड़ी बदनामी होगी, ऐसा नहीं है।
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पुलिस की पाठशाला
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आपकी गोपनीयता का भी पुलिस पूरा ध्यान रखती है। बिना नाम उजागर किए आपकी समस्याओं का निपटारा किया जाता है। खास तौर से लड़कियाें के लिए 1090 हेल्प लाइन नंबर है।
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पुलिस की पाठशाला
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यह हेल्पलाइन पूरे देश में काम करती है। इस पर कहीं से भी किसी भी परेशानी में शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। कॉल करने वाली लड़की की पहचान भी गोपनीय रखी जाती है। यह जानकारी एसपी क्राइम सुधीर कुमार जायसवाल ने छात्र और छात्राओं को दी। वे सोमवार को सिविल लाइन स्थित एचपी चिल्ड्रेन एकेडमी में अमर उजाला फाउंडेशन की तरफ से आयोजित पुलिस की पाठशाला में बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रहे।
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पुलिस की पाठशाला
- फोटो : अमर उजाला
एसपी क्राइम ने छात्रों को बताया कि कहीं दुर्घटना हो जाने पर घायल की मदद या फिर घर व आस-पास झगड़ा लड़ाई होने पर तत्काल 112 पर कॉल करनी चाहिए। समय से पुलिस पहुंचेगी तो बड़ी घटना को रोका जा सकता है।
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पुलिस की पाठशाला
- फोटो : अमर उजाला
साथ ही दुर्घटना में घायल की जान भी बचाई जा सकती है। उन्होंने छात्रों को बाल तस्करी के बारे में भी विस्तार से बताया। ट्रैफिक नियम के बारे में बताया कि गाड़ी चलाते समय डीएल और हेलमेट अनिवार्य है। इसके अभाव में अगर आप गाड़ी चलाते हैं तो यह अपराध है, इसका दंड भी आपको मिलेगा।
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पुलिस की पाठशाला
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जागरूकता ही बचाएगा साइबर अपराध से
एसपी क्राइम ने बताया कि वर्तमान की सबसे बड़ी समस्या साइबर अपराध है। जिस तरह तेजी से मोबाइल और इंटरनेट यूजर की संख्या बढ़ रही है। रुपये की लेनदेन से लेकर हर काम अब मोबाइल से ही निपटाए जा रहे हैं। इसको देखते हुए जालसाज भी अब सोशल मीडिया से लेकर ऑनलाइन प्लेटफार्म पर सक्रिय हो गए हैं और डिजिटल फ्रॉड कर रहे हैं।
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पुलिस की पाठशाला
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इससे बचने का एक मात्र उपाय जागरूकता है। हर बच्चा इंस्टाग्राम, फेसबुक चला तो रहा है, लेकिन उसके बारे में कम ही लोगों को जानकारी है। इसलिए हम अपनी गोपनीय चीजें भी सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर शेयर कर रहे हैं, जो आगे चलकर यूजर के लिए मुश्किलें पैदा करते हैं।
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सोशल मीडिया
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उन्होंने छात्राओं को बताया कि सोशल मीडिया पर अनजान से दोस्ती कतई न करें। साथ ही अपने फोटो व्हाट्सएप, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर कभी शेयर न करें। उन्होंने छात्रों से कहा कि आपकी असली दोस्त किताब होनी चाहिए, वही आपको सफलता दिला सकती है। इसके अलावा कोई और रास्ता आपको मंजिल तक नहीं पहुंचा सकता है। इस दौरान स्कूल के प्रबंधक अनन्य प्रताप शाही और प्रधानाचार्य अनुजा श्रीवास्तव मौजूद रहीं।
एसपी ने छात्रों के सवालों के दिए जवाब
अभिनव कुमार : बड़े नेता और धनवान लोग अपराध करके बच जाते हैं?
जवाब : अखबार पढिए, आप जान जाएंगे चाहे वो फिल्म स्टार हो या फिर बड़ा नेता, जो अपराध में लिप्त पाया गया, उस पर कार्रवाई हुई है।
अर्पिता : पापा हेलमेट नहीं लगाए थे, उनको रास्ते में पुलिस ने रोका और सौ रुपये लेकर छोड़ दिया, ये गलत है कि सही?
जवाब : यह अपराध है। इसमें पैसा लेने वाले और देने वाले दोनों पर अपराध का केस बनता है। घूस देना भी अपराध है। जब भी कोई घूस मांगे इसकी शिकायत करें न की उसे बढ़ावा दें।
राहुल : साइबर अपराध होने पर क्या करना चाहिए?
जवाब : साइबर अपराध होने पर तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।