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Somvati Amavasya 2021: संतान एवं पति की लंबी आयु के लिए महिलाएं करेंगी ये व्रत, जानिए क्या है इसका खास महत्व

Fri, 09 Apr 2021 06:59 AM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
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अमावस्या तिथि 2021 - फोटो : अमर उजाला
सोमवती अमावस्या का पर्व 12 अप्रैल को मनाया जाएगा। सोमवार के दिन पड़ने वाली अमावस्या को सोमवती अमावस्या कहा जाता है। यह संयोग साल में दो या तीन बार बनता है। इस दिन की जाने वाली पूजा, स्नान और दान आदि का पुण्य जीवन में प्राप्त होता है।
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सोमवती अमावस्या। - फोटो : अमर उजाला।
बता दें कि इस व्रत को महिलाएं संतान एवं पति की लंबी उम्र की कामना के लिए करती हैं। साथ ही इस दिन स्नान-ध्यान एवं दान-पुण्य का विशेष महत्व है। वहीं इस व्रत को करने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
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तुलसी का पौधा (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay
यह है व्रत का महत्व
पंडित अवधेश मिश्रा के अनुसार इस दिन किया गया दान खासकर पितृकर्म के निमित्त किया गया दान विशेष फल प्रदान करता है। तुलसी की 108 परिक्रमा करने से दरिद्रता का नाश होता है और पवित्र नदी, सरोवर और जलाशयों में स्नान करने से भी उत्तम फल की प्राप्ति होती है।

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सोमवती अमावस्या। - फोटो : अमर उजाला।
मान्यता है कि सोमवती अमावस्या के दिन मौन रहने के साथ ही स्नान और दान करने से हजार गायों के दान करने के समान फल मिलता है। साथ ही पीपल के पेड़ के नीचे बैठकर शनि मंत्र का जाप करने से शनि पीड़ा से मुक्ति मिलती है।
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पीपल का पौधा - फोटो : अमर उजाला।
ऐसे करें पूजन
पंडित अरविंद गिरि के अनुसार पीपल के वृक्ष के मूल भाग में भगवान विष्णु, अग्रभाग में ब्रह्मा और तने में भगवान शिव का वास माना जाता है, इसलिए सोमवती अमावस्या के दिन पीपल के वृक्ष की पूजा करें। विवाहित स्त्रियां पीपल के वृक्ष में दूध, जल, पुष्प, अक्षत और चंदन से पूजा करें। पीपल के वृक्ष में 108 बार धागा लपेट कर परिक्रमा करते हुए संतान एवं पति की दीर्घायु की कामना करें।
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