sawan 2022
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सावन मास की तिथियों के देवता
ज्योतिषाचार्य मनीष मोहन के अनुसार, प्रतिपदा के स्वामी अग्नि, द्वितीया के ब्रह्मा, तृतीया के गौरी, चतुर्थी के गणनायक, पंचमी के सर्प, षष्ठी के स्कंद, सप्तमी के सूर्य, अष्टमी के शिव, नवमी के दुर्गा, दशमी के यम, एकादशी के स्वामी विश्वदेव, द्वादशी के भगवान श्रीहरि, त्रयोदशी के कामदेव, चतुर्दशी के शिव, अमावस्या के पितर और पूर्णिमा के स्वामी चंद्रमा हैं।
सावन मास के व्रत और त्योहार
पंडित देवेंद्र प्रताप मिश्र के अनुसार, प्रतिपदा के अशून्यन व्रत, द्वितीया के औदुंबर व्रत, तृतीया को गौरी व्रत, चतुर्थी को दूर्वा गणपति व्रत, पंचमी को उत्तम नाग पंचमी व्रत, षष्ठी को सूपोदन व्रत, सप्तमी को शीतला व्रत, अष्टमी और चतुर्दशी को शिव व्रत, नवमी को नक्त व्रत, दशमी को आशाव्रत, एकादशी को भगवान श्रीहरि व्रत, द्वादशी को श्रीधर व्रत, त्रयोदशी को प्रदोष व्रत, अमावस्या को पिठोरा व्रत, पूर्णिमा को उत्सर्जन, उपाकर्म, सभाद्वीप, रक्षाबंधन, श्रावणी पूर्णिमा सहित कई व्रत होते हैं।