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PHOTOS: शहीद का शव पहुंचते ही सबकी आंखें हुईं नम, सात महीने पहले हुई थी शादी

Fri, 08 Jul 2022 10:48 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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शहीद ऋषिकेश चौबे का गोरखपुर राजघाट पर अंतिम संस्कार किया गया। - फोटो : अमर उजाला।
जम्मू कश्मीर के पुंछ सेक्टर में शहीद हुए ऋषिकेश चौबे (24) का तिरंगे से लिपटा पार्थिव शरीर बृहस्पतिवार को घर पहुंचते ही सबकी आंखें नम हो गईं। उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए तांता लगा रहा। इसके पहले गोरखा रेजीमेंट के जवानों ने श्रद्धांजलि दी।  

जानकारी के मुताबिक जवान का पार्थिव शरीर बृहस्पतिवार को करीब 4 बजे एयरपोर्ट पर आया। वहां से गोरखा रेजीमेंट के जवान पार्थिव शरीर को लेकर उनके घर पहुंचे। तिरंगे में लिपटे पार्थिव शरीर को देखकर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। ऋषिकेश अमर रहे के नारे लगाने लगे।

 
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शहीद ऋषिकेश चौबे का पार्थिव शरीर तिरंगे लिपटा घर पहुंचा। - फोटो : अमर उजाला।

मूल रूप से देवरिया के रहने वाले थे ऋषिकेश

मूल रूप से देवरिया के सोहनपुर बनकटा निवासी राजेश चौबे गोरखपुर के खोराबार इलाके के जंगल सिकरी स्थित रामअवधनगर कॉलोनी में 20 वर्ष से मकान बनवाकर रहते हैं। उनके दो बेटों में बड़े बेटे ऋषिकेश सेना में थे। उनका छोटा भाई राहुल अभी पढ़ाई करता है।


 
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शहीद ऋषिकेश चौबे का गोरखपुर राजघाट पर अंतिम संस्कार किया गया। - फोटो : अमर उजाला।

पिता भी थे सेना में

ऋषिकेश के पिता राजेश चौबे भी सेना में थे। वह 2019 में रिटायर हुए हैं। उनके रिटायर होने से एक साल पहले वर्ष 2018 में ऋषिकेश थलसेना की पंजाब स्थित 40 नंबर बटालियन में भर्ती हुए। पंजाब में ही उनकी ट्रेनिंग हुई। इसके बाद कुछ समय तक वह पंजाब में तैनात रहे। फिर उनकी तैनाती जम्मू कश्मीर के पुंछ में हो गई। 6 जुलाई 2022 को अभ्यास के दौरान रॉकेट लांचर का गोला फटने के कारण उनकी मौत हो गई।
 

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शहीद ऋषिकेश चौबे। - फोटो : अमर उजाला।

सात माह पहले हुई थी शादी

ऋषिकेश ने गोरखपुर स्थित आर्मी स्कूल में छठवीं तक की पढ़ाई की। इसके बाद वो मथुरा, चंडीगढ़ और अंबाला आर्मी स्कूल में पढ़े। सात माह पहले 12 दिसंबर 2021 को उनकी शादी बिहार प्रांत के छपरा निवासी ज्योति से हुई थी। पति की मौत की खबर जब 6 जुलाई की रात फोन पर ज्योति को मिली तो वह दहाड़े मारकर रोने लगीं। पति का पार्थिव शरीर घर पहुंचा तो वह लिपट गईं। कुछ ही देर में उनके आंसू सूख गए। वह बोल पड़ीं कि उन्हें पति पर गर्व है।
 
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शहीद ऋषिकेश चौबे के पिता को तिरंगा सौंपते जवान - फोटो : अमर उजाला।

तीन माह पहले आए थे छुट्टी पर, फोन पर पूछा था पिता का हाल

पिता राजेश ने बताया कि तीन माह पूर्व ऋषिकेश छुट्टी पर जंगल सिकरी स्थित घर आए थे। अब वह आगामी 20 जुलाई को छुट्टी पर घर आने वाले थे। अभी चार दिन पहले ही उन्होंने फोन कर पिता से बात की थी। ऋषिकेष के एक चाचा और दादी गुलाबी देवी गांव में रहती हैं। तीन चाचा और दो चचेरे भाई भी सेना में हैं।

 
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