भोजपुरी फिल्मों के सुपरस्टार और गोरखपुर के भाजपा सांसद रवि किशन का आज जन्मदिन है। आज वह 52 साल के हो गए हैं। रवि किशन ने अपने करियर की शुरूआत भोजपुरी फिल्म से की थी। अपने दमदार अभियन के दम पर उन्होंने बॉलीवुड में एंट्री मारी तो पूरे देश में छा गए। अब वह साउथ की फिल्में करते हैं। आज रवि किशन के जन्मदिन पर पढ़ें उनके गांव के छोरे से सुपरस्टार बनने की कहानी...
रवि किशन का जन्म उत्तर प्रदेश के जौनपुर में हुआ था। उनके पिता पंडित श्याम नारायण शुक्ला मुंबई में पुरोहित थे और उनका डेयरी का छोटा सा बिजनेस था। रवि किशन जब 10 साल के थे तब उनके पिता का उनके चाचा के साथ विवाद हो गया और धंधा बंद कर दोनों को जौनपुर लौटना पड़ा। रवि किशन यहां करीब सात साल तक रहे लेकिन पढ़ाई में उनका मन नहीं लगता था। उन्हें मुंबई की याद आती थी।
रवि किशन के परिवार को बेहद गरीबी में दिन गुजारने पड़ रहे थे। वे मिट्टी के बने घर में रहते थे। एक समय ऐसा आया जब रवि किशन या तो मरने या गुंडा बनने की सोचने लगे थे। तभी उन्होंने महानायक अमिताभ बच्चन का डायलॉग सुना... मैं फेंके हुए पैसे नहीं लेता। इस डायलॉग ने उनका जीवन बदल दिया। पिता जी उन्हें जबरन डेयरी बिजनेस कराना चाहते थे लेकिन उनकी मां ने 500 रुपये दिए और रवि किशन जौनपुर से मुंबई चले गए। रवि किशन ने एक इंटरव्यू में बताया था कि भोजपुरी फिल्मों में जाने की सलाह भी उनकी मां ने ही दी थी।
विज्ञापन
3 of 5
गोरखपुर सांसद रवि किशन।
- फोटो : अमर उजाला।
रवि किशन जब मुंबई आए तो उनके पास इतना पैसा नहीं था कि वे बस का टिकट खरीद सकें। वह अक्सर पैसे बचाने के लिए पैदल ही आते-जाते थे। ज्यादातर समय वह वड़ापाव खाकर दिन गुजारते थे। करीब एक साल तक संघर्ष करने के बाद उन्हें फिल्म पीताबंर में काम करने का मौका मिला।
4 of 5
माता-पिता के साथ सांसद रवि किशन।
- फोटो : अमर उजाला
रवि किशन ने एक साक्षात्कार में बताया था कि उनकी इस सफलता में उनके पिता का बहुत बड़ा योगदान था। उनके पिता श्याम नारायण शुक्ला का मानना था कि रवि किशन का जन्म ईश्वर के आशीर्वाद से हुआ है। रवि किशन ने बताया कि पिता जी अक्सर उनकी पिटाई कर देते थे लेकिन वह हमेशा उनसे प्यार करते थे।
पिता के साथ सांसद रवि किशन।(फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
रवि किशन ने बताया था कि अगर पिता जी ने मेरी पिटाई नहीं की होती तो आज मैं एक नशेड़ी या पुरुष वेश्या बन जाता। पिता जी ने मुझे रात में जल्दी सोने और सुबह जल्दी उठने की सीख दी जिसे मैं आज भी पालन करता हूं। रवि किशन पर उनके पिता का गहरा प्रभाव पड़ा है। पिता जी पुरोहित थे, इसलिए अध्यात्म की ओर उनकी रुचि जगी और रवि किशन भगवान शिव के भक्त हैं। रवि किशन के पिता ने उन्हें बताया था कि यह पूरी दुनिया एक माया है और शरीर और मन को शुद्ध रखना सीखो।