विश्व हिंदू महासभा के अध्यक्ष रणजीत बच्चन के कातिलों तक पहुंचने के लिए 28 जनवरी का एक सीसीटीवी फुटेज काफी अहम सुराग साबित हुआ। ये सीसीटीवी फुटेज हजरतगंज चौराहे पर स्थित होटल का है, जिसमें हत्यारोपी रात बिताने के लिए होटल में कमरे के बारे में पूछताछ कर रहे हैं। सीसीटीवी फुटेज पर आरोपियों का चेहरा स्पष्ट तौर पर दिखाई दे रहा है। आरोपियों ने रणजीत की 11 दिन तक रेकी की थी। पहली वह 21 जनवरी की रात होटल में ठहरे।
विज्ञापन
2 of 6
रणजीत बच्चन हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
सुबह रणजीत की रेकी करने निकले। इसके बाद 28 व 29 जनवरी को लखनऊ में रहकर उसकी हर गतिविधि की जानकारी ली। तीन दिन तक रणजीत के ओसीआर स्थित आवास से मार्निंग वॉक पर जाने वाले रास्ते की रेकी की। तीनों 29 जनवरी को ही वारदात को अंजाम दे देते, लेकिन उस दिन रणजीत मार्निंग वॉक पर निकले ही नहीं। इस पर तीनों रायबरेली लौट गए। फिर एक फरवरी की देर रात दो बजे रायबरेली से निकले और रविवार सुबह करीब पांच बजे लखनऊ पहुंचे।
विज्ञापन
3 of 6
ranjeet bachchan murder case
- फोटो : अमर उजाला
यहां हजरतगंज चौराहे पर दीपेंद्र और कैपिटल सिनेमा तिराहे के पास जितेंद्र को उतारा। इसकी फुटेज मिलने पर पुलिस का संदेह गहराया। इसके बाद जब रणजीत मार्निंग वॉक पर निकले तो ग्लोब पार्क के पास जितेंद्र ने उन्हें गोली मार दी। हत्याकांड के बाद संजीत के साथ दीपेंद्र और जितेंद्र रायबरेली गए। भागने के लिए दीपेंद्र ने रायबरेली रोड का इस्तेमाल नहीं किया। वह फैजाबाद रोड होकर हैदरगढ़ गया, वहां से रायबरेली पहुंचा और फिर मुंबई निकला।
4 of 6
ranjeet bachchan murder case
- फोटो : अमर उजाला
भागते समय रणजीत व आदित्य से छीने मोबाइल लक्ष्मण मेला मैदान के पास फेंक दिए, जिन्हें पुलिस ने बरामद कर लिया था। जेसीपी नीलाब्जा चौधरी के मुताबिक फुटेज से सफेद रंग की संदिग्ध कार लक्ष्मण मेला मैदान की ओर से जाते दिखी थी। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल कार भी बरामद कर ली है। हत्या के बाद से ही पुलिस स्मृति पर नजर रखे थी। हत्या कर फरार हुए संदिग्धों के फुटेज मिले थे। सर्विलांस से स्मृति की कॉल डिटेल से एक संदिग्ध नंबर चिह्नित किया गया, जो दीपेंद्र का था। फुटेज में दिखने वाले संदिग्धों से भी उसका हुलिया मिल रहा था। छानबीन के दौरान दीपेंद्र के मुंबई में होने की खबर मिली थी, जहां से उसे गिरफ्तार किया गया।
विज्ञापन
5 of 6
ranjeet bachchan murder case
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस के मुताबिक स्मृति ने पति से अपमान का बदला लेने और उनसे पीछा छुड़ाने के लिए वारदात को अंजाम दिया। इसमें स्मृति के साथ प्रेमी रायबरेली का दीपेंद्र, उसका भाई जितेंद्र व चालक संजीत शामिल था। रणजीत बच्चन की हत्या रविवार सुबह छह बजे ग्लोब पार्क के पास गोली मारकर की गई थी।
वारदात में रणजीत के साथी आदित्य श्रीवास्तव भी घायल हुए थे। पुलिस कमिश्नर सुजीत पांडेय के मुताबिक हत्या के आरोप में स्मृति को विकासनगर स्थित घर, संजीत को मोहनलालगंज के जबरौली और दीपेंद्र को मुंबई से गिरफ्तार किया गया है।