गोरखपुर में कैंट इलाके के छावनी स्टेशन मार्ग पर मुठभेड़ में पकड़े गए शातिर बदमाश बिहार से आकर रेकी कर गोरखपुर और आसपास के जिलों में लूट, टप्पेबाजी की घटनाओं को अंजाम देते थे। बदमाश पूर्व में देवरिया से जेल जा चुके हैं। घटना को अंजाम देने के बाद वे तुरंत बिहार लौट जाते हैं। इन लोगों ने गोरखपुर में चार घटनाओं को अंजाम दिया था। इनका बहुत बड़ा गैंग है। हाल ही में इसी गैंग ने गोरखपुर के कौड़ीराम और कैंपियरगंज में डिक्की तोड़कर रुपये उड़ाए थे। वहीं, शाहपुर, बड़हलगंज और खलीलाबाद में हुई लूट को भी इन्हीं बदमाशों ने अंजाम दिया था।
जानकारी के मुताबिक, वारदात को अंजाम देने से पहले हैरान और करन बैंक की लाइनों में लग जाते थे। वहां पर जेब में चार-पांच हजार रुपये रखकर जमा करने की बात कहते थे। फिर कैश काउंटर पर देखते थे कि कौन कितना रुपये निकाल रहा है। एक बैंक में महज 15 मिनट ही रुकते थे। इस दौरान कोई मिला तो ठीक नहीं तो दूसरे बैंक में जाकर रेकी करते थे। इसी रेकी के बाद बाहर आकर साथियों के साथ वारदात को अंजाम देते थे। एसएसपी डॉ. विपिन ताड़ा ने बताया कि ये जिन मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल करते थे, उसे एक वारदात के बाद फेंक दिया करते थे। यही वजह है कि ये जल्दी पकड़े नहीं जाते थे।