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पीएम मोदी ने गोरखपुर में चार साल पहले रखी थी विकास की नींव, जानिए कैसे बदल रही है शहर की तस्वीर

Sun, 11 Oct 2020 08:26 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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इस साल प्राणि उद्यान, 2021 में एम्स और खाद कारखाना हो जाएगा तैयार। - फोटो : अमर उजाला।
करीब ढाई दशक पहले देश से लेकर विश्व तक में गोरखपुर की पहचान भले ही नकारात्मक रही हो मगर पिछले तीन-चार सालों से यह शहर विकास के लिए जाना जाने लगा है। साल 2014 में केंद्र में भाजपा की सरकार बनने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने दो साल बाद 2016 में ढाई दशक से बंद खाद कारखाना के जरिए विकास की नींव डाली, जिसे 2017 से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार रफ्तार देने का काम कर रही है।
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सड़कों से लेकर शिक्षा, पर्यटन, स्वास्थ्य और हवाई सेवाओं में दिख रहा बड़ा बदलाव - फोटो : अमर उजाला।
सड़कों से लेकर शिक्षा, पर्यटन, स्वास्थ्य और हवाई सेवाओं समेत कई क्षेत्रों में बड़ा बदलाव साफ दिख रहा है। इस साल के अंत तक प्राणि उद्यान शुरू हो जाएगा। जून 2021 तक खाद कारखाने से उत्पादन होने लगेगा। एम्स भी अपनी पूरी क्षमता से शुरू हो जाएगा। एयर कनेक्टिविटी काफी सुधरी है। एयरपोर्ट पर नया टर्मिनल बन जाने से विमान सेवाओं की संख्या में भी वृद्धि होगी। रामगढ़ताल किनारे नया सवेरा (फूड सेंटर-पाथवे) के विस्तार से पर्यटन को नया मुकाम मिलेगा। फोरेंसिक लैब की शुरूआत हो जाएगी, जिससे अपराधों को सुलझाने में फोरेंसिक विशेषज्ञों की मदद से कई अनसुलझे सवालों के जवाब आसानी से मिल जाएंगे।
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Gorakhpur airport - फोटो : अमर उजाला
एयरपोर्ट: हवाई सेवाओं को लग रहे पंख
चार साल पहले गोरखपुर से दिल्ली के लिए महज एक विमान सेवा थी जो अब बढ़कर तीन हो गई है। मुंबई के लिए भी तीन विमान उड़ान भर रहे हैं। हैदराबाद, कोलकाता, प्रयागराज भी हवाई सेवा से जुड़ गए हैं। अगले साल तीन फ्लोर का नया टर्मिनल बनकर तैयार हो जाएगा। करीब 22 करोड़ की लागत से बन रहे 350 यात्रियों की क्षमता वाले इस टर्मिनल के लिए टेंडर आदि की प्रक्रिया आखिरी चरण में हैं। इसके बन जाने से विभिन्न शहरों के लिए फ्लाइट सेवा में भी विस्तार हो जाएगा।

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गोरखपुर प्राणि उद्यान। - फोटो : अमर उजाला।
प्राणि उद्यान: इसी साल मिल जाएगी सौगात
इस साल गोरखपुर वासियों को शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणि उद्यान की सौगात मिल जाएगी। जून 2011 में इसकी नींव पड़ी थी मगर बसपा और सपा सरकार में काम की प्रगति बहुत धीमी रही। प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व वाली सरकार आने के बाद इसमें तेजी आई। 234.36 करोड़ की लागत वाली इस परियोजना पर अब तक 223.14 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। 93 फीसदी काम पूरा हो चुका है। दिसंबर तक इसके पूरा होने की उम्मीद है। प्राणि उद्यान (चिड़ियाघर) देश का सबसे बेहतरीन होगा।
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सांकेतिक तस्वीर।
फॉरेंसिक लैब: जांच के लिए बनेंगे आत्मनिर्भर
इस वर्ष गोरखपुर में ही क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला (फॉरेंसिक लैब) की शुरुआत हो जाएगी। ऐसे में मुकदमों में साक्ष्यों के तौर पर इस्तेमाल होने वाले बाल, नाखून या अन्य नमूने की जांच के लिए कई साल इंतजार नहीं करना होगा और आरोपी को सजा दिलाने में आसानी होगी। अभी जांच के लिए नमूने लखनऊ भेजे जाते हैं। 66 करोड़ की लागत से मार्च 2016 में शुरू हुई लैब के पहले चरण का काम तकरीबन पूरा हो चुका है। दूसरे चरण का काम अगले साल तक पूरा हो जाएगा।
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गोरखपुर खाद कारखाना। - फोटो : अमर उजाला।
खाद कारखाना: जून 2021 से शुरू हो जाएगा उत्पादन
करीब ढाई दशक से बंद खाद कारखाने की जगह नया कारखाना जून 2021 तक पूरा हो जाएगा। फरवरी में ही इसका निर्माण पूरा हो जाता मगर कोविड-19 की वजह से काम ठप रखना पड़ा। करीब सात हजार करोड़ की लागत से बन रहे खाद कारखाने से रोजाना 3850 मीट्रिक टन खाद का उत्पादन होगा। जापानी कंपनी टोयो इसका निर्माण कर रही है। कारखाने का 149.5 मीटर ऊंचा प्रिलिंग टावर दुनिया के सभी खाद कारखानों के प्रिलिंग टॉवर से ऊंचा है। जून 2016 में इसकी नींव पड़ी थी, सितंबर 2020 तक इसका 89 फीसदी काम पूरा हो चुका है। जापान समेत देश के विभिन्न जगहों से आने वाली सभी मशीनें कारखाना परिसर में पहुंच चुकी हैं।
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कौवाबाग अंडरपास। - फोटो : अमर उजाला
कौवाबाग अंडरपास: आसान हुई दो लाख आबादी की राह
कौवाबाग रेलवे क्रासिंग पर अंडरपास न केवल बनकर तैयार हो गया बल्कि इसे आम जनता के लिए खोला जा चुका है। अंडरपास के बनने से करीब दो लाख की आबादी की राह आसान हो गई है। वहीं, नंदानगर अंडरपास शुरू हो जाने से एक लाख से अधिक की आबादी लाभान्वित हुई है।

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सीएनजी स्टेशन। - फोटो : अमर उजाला।
सीएनजी: स्टेशन खुले, पीएनजी के लिए बिछ रही पाइप
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए अब तक गोरखपुर एवं उसके आसपास आधा दर्जन से अधिक सीएनजी स्टेशन खोले जा चुके हैं। लोगों के किचन तक पाइप से गैस पहुंचाने के लिए पाइप बिछाने का काम तेजी से हो रहा है। अगले साल तक जहां 10 से अधिक सीएनजी स्टेशन खोलने की तैयारी है, वहीं वर्ष के अंत तक शहर के कुछ इलाकों में पाइप से पीएनजी पहुंच जाने की उम्मीद है। 

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गोरखपुर एम्स। - फोटो : अमर उजाला
जून 2021 तक पूरी क्षमता से शुरू हो जाएगा एम्स
नए साल में एम्स में इंडोर सेवाएं शुरू हो जाएंगी, जिससे गोरखपुर एवं आसपास के जिले ही नहीं, बल्कि पूरे पूर्वांचल के लोगों को इलाज के लिए दिल्ली, मुंबई, बंगलुरु, चेन्नई आदि शहरों में नहीं जाना पड़ेगा। लोगों को यहीं पर उच्चस्तरीय सेवाएं मिलेंगी। एक हजार 11 करोड़ 72 लाख से बन रहे एम्स का निर्माण जून 2021 तक पूरा हो जाएगा।

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बीआरडी स्थित 500 शैया युक्त बाल रोग चिकित्सालय संस्थान। - फोटो : अमर उजाला।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज: इंसेफेलाइटिस के मरीजों के लिए 500 बेड का अस्पताल
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में एईएस, जेई पीड़ित बच्चों के अलावा जन्मजात शारीरिक विकृतियों के इलाज और सर्जरी के लिए 500 बेड का बाल रोग चिकित्सालय बनकर तैयार हो गया है। कोरोना महामारी को देखते हुए वर्तमान में वहां 300 बेड का कोविड अस्पताल का संचालन हो रहा है।

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रामगढ़ताल। - फोटो : राजेश कुमार।
रामगढ़ताल किनारे लहराएगा प्रदेश का सबसे ऊंचा तिरंगा  
नए साल में गोरखपुर में प्रदेश का सबसे ऊंचा तिरंगा लहराने लगेगा। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल और एयरफोर्स से क्लियरेंस मिलने के बाद 246 फीट ऊंचे इस तिरंगे के लिए तैयार खंभे को क्रेन की मदद से खड़ा कर दिया गया है। अभी प्रदेश का सबसे ऊंचा तिरंगा गाजियाबाद के मुखर्जी पार्क में लगा है, जिसकी ऊंचाई 211 फीट है। शुद्ध प्लस के निदेशक और नाइन सेनेटरी के प्रबंध निदेशक अमर तुलस्यान इस झंडे को लगवा रहे हैं। इसके निर्माण की जिम्मेदारी देश की सबसे बड़ी झंडा निर्माण कंपनी सहगल इंडस्ट्रीज को सौंपी गई थी। 15 किलोमीटर की दूरी से इस तिरंगे को देखा जा सकता है। इसी के साथ अगले साल नया सवेरा के देवरिया बाईपास रोड तक विस्तार का काम पूरा हो जाएगा। 196 करोड़ की लागत से रामगढ़ताल के सुंदरीकरण एवं प्रदूषण नियंत्रण व संरक्षण का काम पूरा हो जाने के बाद यह ताल शहर का सबसे बड़ा पर्यटन केंद्र बनकर उभरा है।

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गोरखपुर महराजगंज निर्माणाधीन फोरलेन। - फोटो : अमर उजाला।
जल्द पूरा हो जाएगा गोरखपुर-महराजगंज फोरलेन
असुरन से मेडिकल कॉलेज होते हुए महराजगंज तक 31.45 किलोमीटर फोरलेन का निर्माण जल्द पूरा हो जाएगा। 567.49 करोड़ की लागत से बन रही इस सड़क के चौड़ीकरण होने से शहरी क्षेत्र के लोगों को बहुत लाभ मिलेगा। मेडिकल कॉलेज तक मरीज आसानी से पहुंच सकेंगे तो महराजगंज का सफर न केवल आसान होगा बल्कि समय भी कम खर्च होगा। इस सड़क के दिसंबर 2020 तक पूरा हो जाने की उम्मीद है जबकि भटहट के पास पुल का निर्माण मार्च 2021 तक पूरा होगा। शहरी भाग में मॉडल रोड का भी निर्माण कराया जा रहा है। सड़क के बीच में पॉम के पेड़ विशेष आकर्षक का केंद्र हैं।

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Gorakhnath Road - फोटो : अमर उजाला।
मोहद्दीपुर-जंगल कौड़िया फोरलेन: सोनौली का सफर होगा आसान
250 करोड़ 95 लाख की लागत से बन रहे मोहद्दीपुर-जंगल कौड़िया फोरलेन का काम अगले साल पूरा हो जाएगा। शहरी क्षेत्र तक का काम इसी साल पूरा होने की उम्मीद है। इसके बन जाने से गोरखनाथ क्षेत्र से बरगदवां तक की दो लाख से अधिक आबादी को जाम से राहत मिल जाएगी। गोरखपुर से सोनौली का सफर आसान हो जाएगा। वाराणसी समेत कई अन्य क्षेत्रों से आने वाले बड़ी संख्या में पर्यटकों को लाभ होगा। मार्ग का निर्माण कार्य सितंबर महीने तक 78 फीसदी पूरा हो चुका है जबकि 179 करोड़ रुपये आवंटित हो चुके हैं।

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गोरखनाथ मंदिर। - फोटो : अमर उजाला।
बढ़ गई गोरखनाथ मंदिर की चमक
यूं तो पर्यटकों के लिए शुरू से ही गोरखपुर का मतलब गोरखनाथ मंदिर रहा है। लेकिन पर्यटन विभाग ने इसे लेकर रही सही कसर को दूर करने का हर मुमकिन प्रयास किया है। मंदिर के पौराणिक भीम सरोवर पर नाथ पंथ की महिमा को दर्शाते लाइट एंड साउंड शो की बात करें या मंदिर के सुंदरीकरण को लेकर फसाड लाइटिंग, मेला ग्राउंड के सुंदरीकरण समेत अन्य कार्यों ने मंदिर की शोभा में चार चांद लगाए हैं।

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ऐसा होगा वाटर स्पोर्ट्स कांप्लेक्स। (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला
वाटर स्पोर्ट्स का हब बनेगा गोरखपुर
रामगढ़ताल के समीप निर्माणाधीन वाटर स्पोर्ट्स कांप्लेक्स का निर्माण 80 फीसदी पूरा हो चुका है। 45 करोड़ की लागत से बनने वाले इस कांप्लेक्स का निर्माण होने से रामगढ़ताल में वाटर स्पोर्ट्स का आनंद उठाया जा सकेगा। अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को यहां प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही मनोरंजन के सारे इंतजाम मौजूद होंगे।
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चौरीचौरा स्मारक व तरकुलहा देवी मंदिर - फोटो : अमर उजाला।
चमकाए जा रहे शहीद स्मारक और प्राचीन मंदिर
जिले के चौरीचौरा शहीद स्मारक, बिस्मिल शहीद स्मारक, डोहरिया कलां शहीद स्मारक समेत अन्य स्मारकों समेत जटाशंकर और मोहद्दीपुर गुरुद्वारा, कालीबाड़ी मंदिर, रामलीला मैदान, मुक्तेश्वरनाथ, मुंजेश्वरनाथ, झारखंडी शिवमंदिर, बुढ़िया माई, तरकुलही देवी मंदिर, बांसगांव स्थित प्राचीन मंदिर समेत कई मंदिरों को चमकाया जा रहा है। कई जगह काम पूरा होने के कगार पर है।
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