इंसेफेलाइटिस से पीड़ित बच्चे। (फाइल फोटो)
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दूषित जल और मच्छरों को माना जाता हैस इंसेफेलाइटिस का प्रमुख कारण
पूर्वांचल में अब तक इंसेफेलाइटिस का प्रमुख कारण मच्छरों और दूषित जल को ही माना जाता है। पूर्वांचल का कोई भी ऐसा जिला नहीं था, जहां हर साल इंसेफेलाइटिस के मरीज न मिलते रहे हों। गोरखपुर, कुशीनगर, महराजगंज, सिद्धार्थनगर, बस्ती, संतकबीरनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, मऊ, आजमगढ़, वाराणसी, गोपालगंज, सिवान, छपरा आदि के अलावा नेपाल के तराई जिलों से भी बीआरडी में इलाज के लिए बड़ी संख्या में मरीज आते थे।
कुछ साल पहले तक इंसेफेलाइटिस की वजह से सैकड़ों मासूमों की जान भी चली जाती थी। इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने काफी काम किया। स्वच्छ पेयजल और गांव-गांव शौचालय बनवाने पर जोर दिया। इसका असर यह हुआ कि पिछले दो सालों में केस बेहद कम हो गए। लेकिन, अब इस नए शोध में पालतू पशुओं में मिले बैक्टीरिया ने स्वास्थ्य विभाग की पेशानी पर चिंता की लकीरें खींच दी है।