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रेलवे ने घटा दिए जनरल व स्लीपर कोच: पैसे वालों का सफर हुआ सुहाना, गरीबों के लिए बना रहे बहाना

Wed, 04 Jan 2023 02:07 PM IST
vivek shukla राजन राय, गोरखपुर।

सार

मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पूर्वोत्तर रेलवे पंकज कुमार सिंह ने कहा कि यात्रियों को बेहतर एवं आरामदायक सुविधा उपलब्ध कराना रेलवे का प्रमुख ध्येय है। इस क्रम में अनेक सुधार किए गए हैं। वातानुकूलित टिकटों के बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए कुछ ट्रेनों में वातानुकूलित तृतीय श्रेणी के कोचों की संख्या बढ़ाई गई है।
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भारतीय रेल। - फोटो : शटरस्टॉक्स
ट्रेन से सफर के लिए यात्री अब वातानुकूलित कोच को अधिक तरजीह देने लगे हैं। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि एसी कोच में डेढ़ सौ फीसदी वेटिंग टिकट की बुकिंग बढ़ गई है। ऐसे में रेलवे ने जनरल और स्लीपर कोच के डिब्बे बदलकर एसी कोच लगाने शुरू कर दिए हैं।

एसी कोच में चलने वाले यात्रियों को सुविधा देने का रेलवे का बहाना जनरल और स्लीपर कोच में यात्रा करने वालों पर भारी पड़ रहा है। एसी कोच अधिक लगने से अधिक पैसा खर्च करके यात्रा करने वालों को राहत मिल रही है। रेलवे को कमाई भी हो रही है, लेकिन कम पैसे खर्च कर यात्रा करने वालों का ट्रेन का सफर मुश्किलों भरा हो गया है। जनरल के कम कोच लगने से उन्हें जैसे-तैसे बुरे हालात में यात्रा करनी पड़ रही है। कइयों को यात्रा रद्द कर देनी पड़ रही है।


 
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भारतीय रेल - फोटो : शटरस्टॉक्स
जानकारी के अनुसार, पूर्वोत्तर रेलवे की तीन जोड़ी लंबी दूरी की ट्रेनों की रेक संरचना में नए नियमों के तहत बदलाव कर दिया गया है। 22 कोच की रेक में अब सात की जगह दो स्लीपर कोच होंगे। एसी थ्री के चार कोच ज्यादा लगाए जा रहे हैं।

एलएचबी के 22 कोच वाले रेक की संरचना में बदलाव की गाइड लाइन रेलवे बोर्ड के डायरेक्टर कोचिंग राजेश कुमार ने तीन जून 2022 को जारी की थी। अब इस पर अमल किया गया है। बदली संरचना में स्लीपर व जनरल कोच की संख्या कम हो गई है। रेलवे प्रशासन का तर्क है कि सभी ट्रेनों में रेक की संरचना एक समान करने से संचालन में आसानी होगी। ट्रेनों के रेक को आसानी से बदला जा सकेगा।

 
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भारतीय रेल - फोटो : Shutterstock
इन ट्रेनों में बढ़े एसी कोच
  • गोरखधाम में एक जनरल कोच की जगह एसी फर्स्ट क्लास
  • गोरखपुर ओखा एक्सप्रेस में एक सामान्य की जगह एसी फर्स्ट क्लास
  • भागलपुर जम्मतवी में तीन स्लीपर की जगह तीन एसी कोच
  • गोरखपुर-जम्मूतवी में एक जनरल की जगह एक फर्स्ट क्लास



 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
पहले अधिकतम 50 वेटिंग, अब 100 तक
एसी कोच में पहले यात्री अधिकतम 50 तक वेटिंग टिकट बुक कराते थे। अब यह संख्या बढ़कर 90 से 100 तक पहुंच गई है। लंबी दूरी की ट्रेनों में टिकट ज्यादा बुक होने पर कई बार बुकिंग बंद कर दी जा रही है।

अब ऐसी होगी 22 कोच की रेक संरचना       
श्रेणी     पहले    अब    
जनरल    04    02
स्लीपर    07    02
एसी-3    06    10
एसी-2    02    04
एसी-1    01    01
पेंट्री कार    01    01
पावर कार    --    01
गार्ड डिब्बा    --     01

 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पूर्वोत्तर रेलवे पंकज कुमार सिंह ने कहा कि यात्रियों को बेहतर एवं आरामदायक सुविधा उपलब्ध कराना रेलवे का प्रमुख ध्येय है। इस क्रम में अनेक सुधार किए गए हैं। वातानुकूलित टिकटों के बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए कुछ ट्रेनों में वातानुकूलित तृतीय श्रेणी के कोचों की संख्या बढ़ाई गई है।
 
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