eye
- फोटो : Social Media
नहीं निकाली जाती हैं आंखें
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के डॉ राम कुमार जायसवाल ने कहा कि लोगों को लगता है कि नेत्रदान के दौरान उनकी पूरी आंख निकाल दी जाती है। यह बिल्कुल गलत है। आमतौर पर केवल कॉर्निया, जो आंख की सबसे बाहरी परत होती है, उसे निकाला जाता है। आंखों के अन्य भाग, जिन्हें दान किया जा सकता है, उनमें अश्रु नलिका (टीयर डक्ट), एमनियोटिक मेंबरेन और पुतली शामिल हैं। कॉर्निया ही आंखों के अंदर प्रकाश पहुंचाती है, जिसकी वजह से लोग देख सकते हैं।
यह लोग नहीं कर सकते हैं नेत्र दान
एड्स, हेपेटाइटिस सी, हेपेटाइटिस बी या किसी संचारी रोग ग्रस्त व्यक्ति, डूबने से मरने वाला व्यक्ति।