उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में जहां एक तरफ छठ पर्व के बाद कोरोना की दूसरी लहर की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। वहीं बाजारों व सड़कों पर शहरवासियों की भीड़ और लापरवाही बढ़ती ही जा रही है। कोरोना संक्रमण की रफ्तार धीमी पड़ते ही लोग बचाव के लिए बरती जा रही सावधानियों के प्रति लापरवाह होते जा रहे हैं। आगे की स्लाइड्स में देखें लापरवाही की हद हुई पार...
विज्ञापन
2 of 10
छठ पर्व को लेकर खरीदारी करते लोग।
- फोटो : अमर उजाला।
गोरखपुर शहर में गुरुवार को अलग-अलग हिस्से की पड़ताल से पता चला कि दो गज की दूरी और मास्क है जरूरी जैसे नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रहीं हैं। सड़कों, बाजारों, दुकानों, सब्जी मंडी, ऑटो, बाइक व बसों में लोग बेपरवाह दिखे।
विज्ञापन
3 of 10
सोशल डिस्टेसिंग का नहीं हो रहा है पालन।
- फोटो : अमर उजाला।
बाजारों में छट पर्व की तैयारियों में जुटे लोग न तो दो गज दूरी का ध्यान रख रहे और न ही मास्क लगाना जरूरी समझ रहे हैं। ऐसे में कोरोना वायरस दोबारा अटैक कर सकता है। जरूरत जागरूकता और सतर्कता बरतने की है। कई लोग चालान या जुर्माना लगने के भय से मास्क लगा रहे हैं। जैसे ही पुलिस की तैनाती वाले चौराहे निकलते हैं मास्क निकाल देते हैं।
4 of 10
ना दो गज की दूरी का पालन हो रहा और ना ही मास्क लगाया जा रहा।
- फोटो : अमर उजाला।
सड़क पर बड़ी संख्या में ऐसे लोग मिल जाते हैं जिनके मास्क गले में होते हैं या होते ही नहीं हैं। लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं कर रहे हैं। बाजार में भी लोग बिना मास्क लगाए घूम रहे हैं। दुकानों पर बिना मास्क लगाए अधिकतर लोग खरीदारी कर रहे हैं। कई दुकानदार भी मास्क नहीं लगाए होते हैं। भीड़ होने पर दो गज दूरी का नियम भी टूट जा रहा है।
विज्ञापन
5 of 10
ज्यादातर लोगों ने मास्क नहीं लगाया।
- फोटो : अमर उजाला।
सर्वाधिक मजाक साहबगंज, महेवा गल्ला व फल मंडी में उड़ रहा है। छठ पर्व को लेकर मंडी में फलों की खरीदारी करने पहुंचे लोग एक-दूसरे से सटकर खड़े हो रहे हैं। इतना ही नहीं भीड़ इस कदर बढ़ जा रहा कि लोग धक्का मुक्की करने पर उतर जा रहे हैं।
विज्ञापन
6 of 10
बिना मास्क लगाए सड़क पर निकले लोग।
- फोटो : अमर उजाला।
त्योहार को लेकर रोडवेज की बसों से लेकर प्राइवेट टैक्सी, ऑटो तक कहीं भी कोरोना गाइड लाइंस का पालन नहीं किया जा रहा है। अधिकतर चालक, परिचालक और यात्री के चेहरे पर मास्क नहीं दिखाई देता है।
विज्ञापन
7 of 10
बिना मास्क खरीदारी करते लोग।
- फोटो : अमर उजाला।
बता दें कि लोगों को जागरूक करने के लिए शहर में सैकड़ों सार्वजनिक स्थानों, मॉल, अस्पताल, मंदिर, दुकानों पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम लगाया गया है। बेपरवाह लोग इसे भी अनसुना कर दे हैं। ऐसे में लोगों की छोटी सी लापरवाही भारी पड़ सकती है।
8 of 10
बिना मास्क लगाए छठ पर्व के लिए गन्ना ले जा रहा युवक।
- फोटो : अमर उजाला।
जिलाधिकारी के. विजयेंद्र पांडियन ने कहा कि जब तक वैक्सीन नहीं आ जाती जागरूकता और सतर्कता ही कोरोना संक्रमण से बचाव का जरिया है। लोगों का खुद जागरूक होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि लोगों को समझना होगा कि अपनी लापरवाही से न केवल हम खुद बल्कि अपने परिवार और समाज को मुश्किल में डाल देंगे।
9 of 10
छठ पर्व को लेकर बाजारों में बढ़ी लोगों की भीड़।
- फोटो : अमर उजाला।
डीएम ने कहा कि कोरोना का खतरा टला नहीं है इसलिए थोड़ी सी भी लापरवाही बड़ी मुश्किल में डाल देगी। सभी से अपील है कि वे जरूरत पड़ने पर ही घरों से बाहर निकलें, दो गज की दूरी का पालन और मास्क का इस्तेमाल जरूर करें।
डॉक्टर बोले-मास्क ही दवा, जरूर करें इस्तेमाल
कोरोना महामारी से बचने के लिए मास्क ही सबसे बड़ा हथियार है। जब तक वैक्सीन नहीं आ जाती, तब तक मास्क वायरस से सुरक्षित रख सकता है। सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी का कहना है कि लोग मास्क पहनने में लापरवाही कर रहे हैं। मास्क खुद के साथ आसपास और परिवार को भी सुरक्षित रख सकता है। जब तक वैक्सीन नहीं, तब तक मास्क को ही दवा समझकर इस्तेमाल करें।